Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 39:8 — एक दृष्टिकोण के साथ संक्षेप
दृष्टिकोण: माऊखिक रूप से यह पंक्ति राजा हिजकिय्याह के एक क्षणिक प्रतिक्रिया की है—यहोवा के भविष्यवाणी के बारे में यशायाह की वाणी पर उसका संकेत। यह अध्याय 39 में विमान-युग के अंतर्निहित संदेशों का भाग है, जहाँ हिजकिय्याह के राज्यकाल की शांति और विश्वसनीयता की पुष्टि एक महत्त्वपूर्ण बिंदु बनती है।
पद का पाठ और संदर्भ
यशायाह 39:8 में हिजकिय्याह कहता है कि जो वचन तूने कहा है वह भला ही है, और मेरे दिनों में शांति और सच्चाई बनी रहेगी। यह संवाद यशायाह के यहूदी जनता के भविष्यों से जुड़ी भविष्यवाणियों के बीच आता है, जहाँ राजा का विश्वास और ईश्वर की योजना एक-दूसरे को पुष्ट करते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य पवित्र ग्रंथों के संगत संदर्भ
1) यशायाह 26:3 — दृढ़ विश्वास के कारण शांति बनती है: जो अपने मन को स्थिर रखता है, वही शांति पाता है। यह पक्ष पक्का विश्वास और हृदय-स्थिरता का समर्थन करता है।
2) इब्रानी 6:19 — आस्था हमारे जीवन की दृढ़ स्थिति है, जो आशा के चाक-चिकित्सा पथ पर हमें स्थिर रखती है।
3) इयाक 33:6 — यहूदी-आत्म-विश्वास में शांति और बृहत्तर ज्ञान का स्रोत परमेश्वर है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
2–3 संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेस (संलग्न संक्षेप)
यशायाह 39:8 के संदेश में जो स्थिरता और सत्य का बोध है, वह अन्यत्र भी मिलता है:
- यशायाह 26:3: जो मन को स्थिर रखता है, उसे शांति मिलती है।
- इब्रानी 6:19: ईमान का वह आशा-प्रायः पथ है जो दिल को सुरक्षित रखता है।
हर क्रॉस-रेफरेंसेस यह दिखाती हैं कि सत्य-प्रवाहित जीवन और ईश्वर की योजना में स्थिरता परमुख है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यशायाह 39:8 में हिजकिय्याह का संकेत इस तथ्य को पुष्ट करता है कि परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवनचर्या बनती है। तब शांति और सच्चाई बना रहती है, भले ही बाहरी परिस्थितियाँ कैसे भी हों। यह संदेश आज भी प्रार्थना और विश्वास के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है—ईश्वर का वचन कभी विफल नहीं होता, और उसका मार्ग हमारे दिलों में स्थिरता गढ़ता है।
महत्वपूर्ण उद्धृतियाँ:
“मेरे दिनों में तो शान्ति और सच्चाई बनी रहेगी” — यशायाह 39:8 (मूल पाठ संदर्भ के अनुसार).