मत्ती 13:40 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अतः जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्त में होगा।

पिछला पद
« मत्ती 13:39
अगला पद
मत्ती 13:41 »

मत्ती 13:40 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 13:40 का सरल अर्थ और संदर्भ

पद सार: अतः जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्त में होगा। यह मुहावरा यीशु की कृषि-उकान (कथा) से जुड़ा है जिसमें वह बीज-परक उपदेश दे रहे हैं। खेत में बुझे हुए खरपतवार और गलती से फँसे दानें एक साथ उभरते नहीं रहते, बल्कि समय पर निर्णय होता है। यहाँ “जंगली दाने” से耶शु उन दानों का चित्रण करते हैं जो बुराई के कारण कटते-जल जाते हैं, और अंत में न्याय के समय उन लोगों का विभाजन होगा जो बनते-तूटते संसार के भीतर रहते हैं।

केंद्रीय अर्थ

यह पंक्ति दया-न्याय के मिश्रित तत्त्व को स्पष्ट करती है: संसार में जो कुछ है उसका अंतिम पर्यावास, परमेश्वर के न्याय का दिन है। यीशु द्वारा बताई गई पहेली-प्रवचन में खेत के भीतर जो खरपतवार और दाने एक साथ उगते दिखाई देते हैं, वह अन्तिम समय की वास्तविक विभाज्यता को संकेत करता है। अंत में जिनका अस्तित्व और कर्म सत्य के अनुरूप है, उन्हें रूपांतरित कर दिया जाएगा; अन्यथा वे विनाश के कारण पृथक कर दिए जाएँगे।

मुख्य विषय

  • न्याय की अन्तिमता: समय-समाप्ति पर सभी वस्तुएँ अपने स्थान पर खड़ी हो जाती हैं; जो फल नहीं देता वह जलना।
  • अर्थ और प्रतीक: खेत में दाने-खरपतवार का चित्रण शाश्वत निर्णय की गवाही देता है—पहचान और परिणाम एक साथ जुड़ते हैं।
  • धार्मिक चेतना: विश्वासियों को धैर्य और पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है कि समय पर सच्चे आचरण का मूल्य स्पष्ट होता है।

टिप्पणियाँ और क्रॉस-रेफरेंसेस

- में संभव समान विचार: मत्ती 13:24-30 में परिशुद्ध “खरपतवार” बनाम “दाने” की कथा; यीशु यह दिखाते हैं कि विश्व की प्रक्रिया में बादल नहीं बनेंगे, बल्कि दयालुता के साथ न्याय भी होता है।

- क्रॉस-रेफरेंस 1 कुरिन्थियों 3:13-15: हर व्यक्ति के कर्म आग के चाक पर आकर परख होंगे; परिणाम उसी के अनुसार मिलेंगे।

- अन्य संदर्भ: दानें और खरपतवार का प्रतीक रोम 2:6-8 के अनुसार कर्मों के अनुसार प्रतिफल; मसीह के दिन न्याय का दिन स्पष्ट होता है।

व्यावहारिक चिंतन

हम कौन-सी जीवन-नीति अपनाते हैं? यह पंक्ति स्मरण कराती है कि जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सत्य-आचरण से भविष्य की दिशा तय होती है। नैतिकता, ईमानदारी और प्रेम के फल हमारे आचरण में उभरने चाहिए ताकि अन्तिम दिन हमारा जीवन सुसंगत रहते हुए दया और न्याय दोनों में टिक सके।

संक्षिप्त समापन

यह वचन यह सिखाता है कि संसार के समय-समाप्ति में वे लोग जो ईश्वर के राज्य के अनुरूप परिणाम लाते हैं उन्हें सुरक्षित स्थान मिलेगा, अन्यथा वे नष्ट होंगे। यह उम्मीद और चेतावनी का संतुलन बनाये रखता है कि हमारा जीवन अभी से ही परमेश्वर के न्याय के अनुसार ढला रहे।

उद्धृत संक्षेपण

यदि आप चाहें तो देखें: मत्ती 13:24-30 और मत्ती 13:36-43, जहां यीशु इसी विषय को और स्पष्ट करते हैं कि अन्तिम दिन में ईश्वर का निर्णय कैसे होगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 13:40 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 13:39 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 13:39 (HINIRV) »
जिस शत्रु ने उनको बोया वह शैतान है; कटनी जगत का अन्त है: और काटनेवाले स्वर्गदूत हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें