Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 13:1 मत्ती 13:2 मत्ती 13:3 मत्ती 13:4 मत्ती 13:5 मत्ती 13:6 मत्ती 13:7 मत्ती 13:8 मत्ती 13:9 मत्ती 13:10 मत्ती 13:11 मत्ती 13:12 मत्ती 13:13 मत्ती 13:14 मत्ती 13:15 मत्ती 13:16 मत्ती 13:17 मत्ती 13:18 मत्ती 13:19 मत्ती 13:20 मत्ती 13:21 मत्ती 13:22 मत्ती 13:23 मत्ती 13:24 मत्ती 13:25 मत्ती 13:26 मत्ती 13:27 मत्ती 13:28 मत्ती 13:29 मत्ती 13:30 मत्ती 13:31 मत्ती 13:32 मत्ती 13:33 मत्ती 13:34 मत्ती 13:35 मत्ती 13:36 मत्ती 13:37 मत्ती 13:38 मत्ती 13:39 मत्ती 13:40 मत्ती 13:41 मत्ती 13:42 मत्ती 13:43 मत्ती 13:44 मत्ती 13:45 मत्ती 13:46 मत्ती 13:47 मत्ती 13:48 मत्ती 13:49 मत्ती 13:50 मत्ती 13:51 मत्ती 13:52 मत्ती 13:53 मत्ती 13:54 मत्ती 13:55 मत्ती 13:56 मत्ती 13:57 मत्ती 13:58



मत्ती 13:49 का केंद्रीय अर्थ
यही शाब्दिक और आध्यात्मिक अर्थ है: अंतिम दिन जगत के अंत में दुष्ट और धर्मियों को दंड-निकष के अनुसार अलग किया जाएगा। यह विभाजन ईश्वरीय न्याय की पूर्णता को दर्शाता है: अन्तिम निर्णय में परमेश्वर हर कर्म और हर दिल की गहराई को देखने के बाद धर्मियों को जीवन की जगह दे देते हैं, जबकि दुष्टों को उनके कर्मों के अनुसार पृथक कर दिया जाएगा।
साहित्यिक संदर्भ के साथ समझना
यह वाक्य कथा-परिदृश्य का अंतिम भाग है जो कहानी या दृष्टान्त के अंत में बतलाता है कि संसार के अंत में देवदूत आकर बुराई और भलाई के बीच स्पष्ट विभाजन करेंगे। पवित्र बाइबल में ऐसे विभाजन के दृश्य बारंबार मिलते हैं—एक न्यायी निर्णायक समय, जहाँ छिपे इरादे और कर्म ऊपरी सतह से प्रकट होते हैं।
धर्मीय महत्व
यह पद हमारे लिए उम्मीद के साथ परिशुद्धता का मार्ग दिखाता है कि परमेश्वर का न्याय निष्पक्ष है; वह न अधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया के अधीन है और न ही किसी सामाजिक स्थिति के कारण भेदभाव करता है। खराई और बुराई के बीच अंतर्निहित विभाजन भविष्य की एक निश्चित वास्तविकता है, जो विश्वासियों को पवित्र जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।
आयत-आयतन से कनेक्शन
इन संदर्भों में एक समान धागा है: अंतिम न्याय में लोगों के कर्म, नीयत और विश्वास का सही परीक्षण होगा और ईश्वरीय योजना के मुताबिक परिणाम जुड़ेंगे।
विचार-प्रेरक प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
जगत के अंत का यह विवरण यह स्पष्ट करता है कि ईश्वर का न्याय न केवल बाहरी कर्मों के परीक्षण का विषय है, बल्कि हर दिल के इरादों को भी पहचानना है। विश्वास, परिवर्तन और पवित्रता के बीच एक निरंतर चयन बना रहता है, जो अंततः धर्मियों के जीवन को कृपा से पूर्णता में पहुँचाता है और दुष्टों के लिए न्याय पूरी तरह लागू किया जाता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि उपलब्ध)
हिंदी हालत में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रमुख शब्द-चिह्न नीचे उद्धृत नहीं किए जा रहे हैं; केवल आवश्यक संदर्भ और उनके द्वारा समर्थित विचारों का सार उद्धृत किया गया है।