Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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मत्ती 13:55 — विषय का स्पष्ट अर्थ
यह पद यीशु के सामने उपस्थित लोगों की आशंका और पूर्वाग्रह को उजागर करता है। इसमें पूछा गया है कि क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं है, यानी jesus की परंपरागत पहचान पर संदेह। साथ ही उसकी माता का नाम मरियम और भाइयों के नाम याकूब, यूसुफ, शमौन और यहूदा बताए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह संकेत देना है कि लोग यीशु को उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि से आँकते हैं, न कि उसके शिक्षण और चमत्कारों से।
पुष्ठिपृष्ठभूमि
यह उद्धरण मत्ती के Gospel में यीशु के प्रति मानव पक्ष की प्रतिक्रियाओं को दर्शाता है। उनका समाज उसे एक सामान्य कारीगर की संतान मानता है, इसलिए उसकी शिक्षाओं को स्वीकारने में कठिनाई होती है। मरियम और उसके भाइयों के उल्लेख से यह स्पष्ट है कि यीशु का जीवन सामान्य परिवार की व्यवस्थाओं के भीतर घूमता रहा, जब तक कि वह अपने divine कार्य के लिए उद्घोषित नहीं होते।
व्यावहारिक अवलोकन
हमें क्या समझना चाहिए?
यीशु की पहचान केवल मानवीय विरासत से नहीं, बल्कि उसके शब्दों, कार्यों और उद्धार के प्रेम से होती है। पात्र-परिचय एक खुशामद भर हो सकता है, पर सच्ची निर्णय लेने के लिए प्रभु के अनुसरण पर भरोसा करना चाहिए।
कथ्य-विचार के साथ संदर्भ
1) मत्ती के अन्य अनुभाग जहाँ लोग उसकी पहचान पर संदेह करते हैं, बताते हैं कि न सिर्फ उद्धारकर्ता के रूप-रंग, बल्कि उसकी शिक्षाओं पर भी विचार करना चाहिए।
2) पुराने अभिमान और परिवारिक समृद्धि के बजाय, परमेश्वर की योजना को समझना अधिक महत्वपूर्ण है।
3) समुदाय में प्रभु के साथ भावनात्मक प्रतिक्रियाएं भी हैं, जो स्वीकार और अस्वीकृति दोनों रूप लेते हैं।
संक्षिप्त संदर्भ-संचयन
संक्षिप्त शुद्ध-जीवन सीख
मानव विचार अक्सर बाहरी परिचयों पर टिका होता है, पर भगवान के Kingdom के काम को समझने के लिए हमारे विश्वास को यीशु के शिक्षण और चालों पर स्थिर रखना चाहिए। विश्वास तब मजबूत होता है जब हम प्रभु की बातों को स्वीकारते हैं, भले ही वे हमारे पूर्वाग्रहों को चुनौती दें।
पदयुक्त अंशयों में से कोई संपूर्ण उद्धरण सीधे न उद्धृत किया गया है; यदि आवश्यक हो, तो पढ़ने वाले उनके पूर्ण पाठ के लिए संदर्भ देख सकते हैं।