नीतिवचन 25:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जो किसी के विरुद्ध झूठी साक्षी देता है, वह मानो हथौड़ा और तलवार और पैना तीर है।

पिछला पद
« नीतिवचन 25:17
अगला पद
नीतिवचन 25:19 »

नीतिवचन 25:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

क्यों यह पद महत्वपूर्ण है

नीतिवचन 25:18 समता में बताता है कि झूठी साक्ष्य देना केवल कानूनी निष्कर्ष नहीं लाता, बल्कि व्यक्ति और समुदाय दोनों के लिए विनाशकारी है। इस छवि के द्वारा वाक्पटुता और मुंह से निकलने वाले शब्दों की शक्ति की चेतावनी दी जाती है—वह हथियार बन सकता है। आज भी झूठी गवाही रिश्तों, सामूहिक न्याय और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को भंग कर सकती है, इसलिए यह पद पारस्परिक भरोसे और सत्य के महत्त्व पर प्रकाश डालता है।

मूल संदर्भ

नीतिवचन के लेखक ने छोटे-छोटे सुविचारों के रूप में सामाजिक जीवन के व्यवहारिक नियम दिए हैं। यह विशेष तथ्य न्याय, सत्य और वक्तव्य की जिम्मेदारी से जुड़ा है। पुरानी विनियुक्ति में झूठी गवाही गंभीर अपराध थी (उदा. व्यवस्था के नियमों में), और इसी पृष्ठभूमि में यहाँ इसका परिणाम हिंसा और क्षति के रूप में चित्रित किया गया है—हथौड़े, तलवार और पैने तीर की तरह।

मुख्य संदेश

कथन सरल है: झूठी साक्षी देना विनाशकारी है। यह न केवल झूठ बोलने वाले को कठोर बताता है बल्कि जिस पर आरोप लगता है उसकी प्रतिष्ठा, संबंध और जीवन ही कई बार खतरे में पड़ जाते हैं। वाणी के दुष्प्रभावों की तुलना हथियारों से कर के लेखनकर्ता बताना चाहते हैं कि हमारे शब्द सामाजिक आदेश को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

समर्थक बाइबिलिक विषय

यह पद निम्न विषयों से जुड़ा है:

  • सत्य और न्याय का आदेश — सत्य बोलना समाजी और ईश्वरीय पक्ष से प्रशंसनीय है।
  • वाणी की शक्ति — मुंह के शब्द लोगों के जीवन को ऊपर उठा सकते हैं या नष्ट कर सकते हैं।
  • नैतिक उत्तरदायित्व — कानूनी और नैतिक दोनों स्तरों पर साक्षी की ईमानदारी अपेक्षित है।

प्रासंगिक पारस्परिक संदर्भ

कुछ अन्य स्थान जो इस पद को समझने में मदद करते हैं:

— सच्चाई और ईमानदारी की आवश्यकता को दर्शाता है; सच्चे साक्ष्य के बिना विश्वास पर संकट आता है।

— झूठ और कपट का समाज पर परिणाम; विद्वता और असाध्य अनैतिकता का वर्णन।

— यीशु ने बताए कि मन से निकला शब्द और विचार भी जीवन पर प्रभाव डालते हैं; वाणी का स्रोत अहम है।

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke का संक्षिप्त संदर्भ

Matthew Henry ने नीतिवचन के व्याख्यानों में अक्सर वाणी की जिम्मेदारी पर बल दिया है; एक संक्षिप्त उद्धरण है: "Words may be swords to wound." (यह उद्धरण Matthew Henry के अंदाज से लिया गया है और शाब्दिक अनुवाद नहीं है।) Albert Barnes और Adam Clarke भी सत्य और झूठ के सामाजिक प्रभाव पर विचार करते हैं, विशेषकर न्यायिक साक्ष्य के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए।

एकीकृत व्याख्या और अनुप्रयोग

नीतिवचन 25:18 हमें चेतावनी देता है कि वाणी को हल्के में न लें। कानूनी या निजी संदर्भ में झूठी गवाही देना सिर्फ झूठ बोलना नहीं है; यह किसी के जीवन को चोट पहुँचाने जैसा है। आज के संदर्भ में इसका अर्थ यह है कि अफवाहें, झूठे आरोप, सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएँ—ये सब हथियार के समान प्रभाव डालते हैं। समुदाय की भलाई के लिए सत्य का पालन और साक्ष्य देने में ईमानदारी आवश्यक है।

ध्यानार्थ (देवोशनल चिंतन)

आज थोड़ा रुककर विचार करें: क्या मेरे शब्द किसी के लिए चोट पहुँचाने वाले हथियार बन सकते हैं? क्या मैं सच बोलने और न्याय के पक्ष में खड़े होने की हिम्मत दिखाता/दिखाती हूँ? प्रभु से प्रार्थना कीजिए कि वह आपके मुख की वाणी को शांत, सचेत और सहृदय बनाए, ताकि आपके शब्द जीवन देने वाले हों, न कि नष्ट करने वाले।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 25:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 57:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 57:4 (HINIRV) »
मेरा प्राण सिंहों के बीच में है*, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिनके दाँत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।

नीतिवचन 12:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 12:18 (HINIRV) »
ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।

यिर्मयाह 9:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 9:8 (HINIRV) »
उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उससे छल की बातें निकलती हैं; वे मुँह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें