नीतिवचन 25:24 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

लम्बे चौड़े घर में झगड़ालू पत्‍नी के संग रहने से छत के कोने पर रहना उत्तम है।

पिछला पद
« नीतिवचन 25:23
अगला पद
नीतिवचन 25:25 »

नीतिवचन 25:24 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 25:24 — संदर्भ में एक पंक्ति का अर्थ

यह वचन बताता है कि घरेलू तनाव और झगड़ालूपन परिवार के वातावरण को सूना और असहज बना देते हैं। “लम्बे चौड़े घर” में रहने से आशय है एक बड़ा, बिना संकीर्णता वाला जीवनयापन; लेकिन यदि उस वातावरण में निरंतर कलह हो, तो यह मुश्किल देहाती सज्जनता के विपरीत है। नीतिवचन के साहित्यिक ढंग में यह एक नज़र में स्पष्ट सच है: शांति और सहयोग वह ठिकाना हैं जहाँ आदमी सहज और सुरक्षित जीवन जी सकता है।

मुख्य अर्थ

वचन का केन्द्र यह है कि पति-पत्नी के बीच असहमतियाँ और झगड़े न केवल व्यक्तिगत सुख को खो देते हैं, बल्कि पूरे घर की सुख-शांति नष्ट कर देते हैं। इसके विपरीत, स्थिर और मेल-जरो वाला वातावरण एक उत्कृष्ट मानक है। यह आयतन दर्शाता है कि विवादों में उलझे रहने से जीवन-समाज का मूल आधार घट जाता है, और शांति वह निधि है जिसे बनाकर रखना चाहिए।

महत्वपूर्ण विषय

  • घरेलू शांति बनाम रिश्तों का संघर्ष: सतत कलह जीवन को अस्थिर बनाता है, जबकि समर्पण और समझौते से घर में स्थायित्व आता है।
  • परिवारिक वातावरण का प्रभाव: बच्चों और अन्य परिवार सदस्यों पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है, जो सामाजिक और नैतिक विकास को प्रभावित कर सकता है।

संलग्न पाठ (cross-references) और उनके प्रभाव

1) नीतिवचन 15:1 — मुलायम उत्तर से तकरार कम होता है; नियम-धर्मिता और संयम से समाधान मिलता है।

2) इफिसियों 4:26-27 — क्रोध को समय पर शांत करें ताकि शैतान अवसर न पाए; घर में शांति बनाए रखें।

3) नीतिवचन 17:1 — शांति-पूर्ण निवास अधिक मूल्यवान है, किसी बड़े आभूषण से उत्तम।

व्यावहारिक चिंतन

अपने घर में तनाव को कम करने के लिए व्यवहारिक उपाय सुझाए जाते हैं: कम-से-कम झगड़े की तीव्रता पर नियंत्रण, व्यावहारिक संवाद, और एक-दूसरे के विचारों को सुनने की क्षमता। यदि निर्णय असहमति पर टिके हों तो समय लेकर बात करना, साझा नियम बनाना और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना मददगार है। नीतिवचन के अनुसार, शांत और संयत रहने से घर की व्यवस्था और रिश्तों में विश्वास पुनः निर्मित होता है।

सार और संपन्न निष्कर्ष

नीतिवचन 25:24 कहता है कि अत्यधिक और अनियंत्रित घर-कारण जीवन में संतोष नहीं दे सकता; बेहतर है एक छोटे, शांत वातावरण में रहना, बजाय इसके कि बड़े घर में पर कलह करें। यह वचन मानव व्यवहार के लिए एक सरल, पर गहन मार्गदर्शन है: भीतर के शांति को बनाए रखें ताकि बाहर का संसार भी संगत और सुरक्षित रहे।

इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संकीर्ण-सीमित शब्दों से लिया गया विचार संयुक्त रूप से एक व्यापक सार देता है: घर की शांति और प्रेम ही सबसे बड़ा आवास है। उनके स्पष्ट निष्कर्षों का संक्षिप्त संकेत यह है कि झगड़ालूपन स्वयं से निपटने की कला है; शांति के लिए संयम और सोच-विचार आवश्यक हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 25:24 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 21:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 21:9 (HINIRV) »
लम्बे-चौड़े घर में झगड़ालू पत्‍नी के संग रहने से, छत के कोने पर रहना उत्तम है।

नीतिवचन 21:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 21:19 (HINIRV) »
झगड़ालू और चिढ़नेवाली पत्‍नी के संग रहने से, जंगल में रहना उत्तम है।

नीतिवचन 27:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 27:15 (HINIRV) »
झड़ी के दिन पानी का लगातार टपकना, और झगड़ालू पत्‍नी दोनों एक से हैं;

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें