Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 25:20 का तात्पर्य और संदर्भ
वार्ता का आरम्भ उसी क्षण से होता है जब लेखक एक सहज, दैनिक दृश्य देता है—ठंढ़े दिनों में वस्त्र उतारना या सज्जा वाले सिरके का छिड़काव करना, जो तुरंत भिन्न-भिन्न मनोदशाओं को उजागर करता है। इस उद्धरण में व्यंग्य नहीं, बल्कि एक चटक तुलना है: उदास मन के सामने गीत गाना असंगत और अजीब-सा लगता है, जैसे ठंडे मौसम में आवश्यक गर्मी को अस्वीकार करना।
यह पाठ क्या दिखाता है—ईश्वर और विश्वास के बारे में
गणना के पीछे एक गहरी संदेश है: ईश्वर के शास्त्र में परिस्थिति की संवेदनशीलता और दूसरों के भावों को समझना महत्व रखता है। खुशियाँ और उत्साह केवल श्रद्धा-कार्य नहीं, बल्कि समाजिक जीवन की नाजुक प軒ों में भी व्यवहार के अनुरूप होते हैं। उदास परिस्थिति में हलचल भरे, असहाय बयानों या गीत-गान से बचना चाहिए; ऐसा करना दूसरों की पीड़ा के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। यह वाक्य हमें यह याद दिलाता है कि संतोष और सहानुभूति उन मौकों पर भी निभानी चाहिए जब परिस्थितियाँ लड़खड़ाती हों।
शब्दावलियाँ और चित्रण स्पष्ट करना
- जाड़े के दिनों में वस्त्र उतारना: यहाँ ठंड के समय की संवेदनशीलता को बताता है—किसी की कमज़ोरी या असहायता का फायदा उठाना नहीं, बल्कि प्रेम और सम्मान बनाए रखना।
- सज्जी पर सिरका डालना: किसी की गरिमा या आत्म-सम्मान पर चोट पहुँचाने वाले शब्दों या क्रिया-क्रिया का प्रतीक है।
अनुरूप पदों के सम्बन्ध (Cross-references)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि धार्मिक अनुभव में खुशी और संवेदना संतुलन बनाए रखें; वरना मौलिक उद्देश्य की बजाय भावनात्मक उथल-पुथल बढ़ सकती है।
प्रत्यय—आज के संदर्भ में Application
आज के सामाजिक संदर्भ में इस वाक्य की सीख यह है: जब किसी का दिल दुखी हो या मन अस्थिर हो, तो नाच-गाना या उत्साह-स्वागत दिखाने के स्थान पर मौन, सम्मानपूर्ण सहायता प्रदान करें। सरल शब्दों में—जब परिस्थितियाँ ठंडी हों, तो गर्म व्यवहार, सहानुभूति और धैर्य रखें। यह न केवल व्यक्ति-व्यक्ति के रिश्तों को सुदृढ़ करता है, बल्कि समुदाय की आध्यात्मिक चेंज-एन्ड-प्रकृति को भी मजबूत बनाता है।
सार-संक्षेप
नीतिघोष के इस छोटे कथन में सामाजिक-आदर और भावनात्मक बुद्धिमत्ता की महत्ता है। भगवान की दृष्टि में न सिर्फ शब्दों की पराकाष्ठा, बल्कि मौजूदा परिस्थिति के अनुसार व्यवहार भी ईश्वर के साथ विश्वास का प्रमाण है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Matthew Henry/August Clarke/Albert Barnes): यदि आप उद्धरण ढूंढते हैं, तो नीचे के विचार समानताओं को समाहित करते हैं—“गीत गाना उदास मन पर ठीक नहीं बैठता” जैसी धारणा उनके टिप्पणी-उद्धरणों के स्वर से मेल खाती है।
संदर्भ-खेल: नीतिवचन 15:13; नीतिवचन 17:22; रोम 12:15।