भजन संहिता 18:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब पृथ्वी हिल गई, और काँप उठी और पहाड़ों की नींव कँपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।

भजन संहिता 18:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 18:7 (HINIRV) - एक विस्तृत दृष्टिकोण

यह पद तब के समय का दृश्य चित्रण है जब परमेश्वर का क्रोध और उसकी महिमाश्री अद्भुत रूप से प्रकट होती है। पृथ्वी काँप उठती है, पहाड़ हिलते हैं और नींव कँप जाती हैं—सब कुछ एक ही कारण से: परमेश्वर की प्रबल क्रोधपूर्ण उपस्थिति और उसकी न्यायपूर्ण शासन। इस दृश्य का आशय यह है कि परमेश्वर के विरुद्ध rebellion या अवज्ञा कितनी भयावहत होती है, और उसकी सुरक्षा में रहने वालों के लिए उसकी करूणा और उद्धार कितनी पवित्र आश्वस्ति बनकर आती है।

पाठ का परिचय—पाठ को अपने संदर्भ में देखना

उक्त kapital भजन के संदर्भ में, कवि ने विपत्ति के समय परमेश्वर की शक्ति को उद्घाटित किया है। इस कविता-प्रकटन में परमेश्वर की महिमा, सत्ता और न्याय की ठहराव स्पष्ट रूप से उभरती है। यह नहीं कहता कि संकट समाप्त हो, पर यह आश्वस्त करता है कि परमेश्वर संकट के बीच भी सक्रिय रूप से मार्गदर्शक और उद्धारकर्ता रहते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ—क्या संदेश देता है

इस verse का मूल पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर अपने दुष्टों के विरुद्ध जोरदार कदम उठाते हैं ताकि न्याय स्थापित हो सके। भय और प्रलय की भाषा के भीतर भी एक ऐसी आशा है जो विश्वासियों को रक्षा, सहायता और उद्धार की उम्मीद देती है। यहाँ क्रोध और दयावदयिता एक साथ मिलकर चलते हैं: परमेश्वर जहाँ पाप के परिणामों को स्पष्ट करते हैं, वहीं अपने लोगों के लिए क्तव्य-रक्षा देते हैं।

महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त) और उनका सार

  • यहोवा के प्रसन्न हाथ: कुछ स्थानों पर परमेश्वर की शक्ति प्रकट होना बताती है कि कैसे वह संकट के समय भी मार्गदर्शन करते हैं।
  • जो डरते हैं उनमें उद्धार की आशा: भय के बीच भी परमेश्वर का संरक्षण और दया पायी जाती है।
  • उद्धार के समय का महत्त्व: संकट के बाद पुनर्स्थापना और नई सुरक्षा का स्मरण कराती है।

इन संदर्भों का संक्षिप्त अर्थ यह है कि पर्सेप्शन—परमेश्वर की तेजस्विता और उसकी विश्वासयोग्यता—क्रोध के बावजूद भी उद्धार का मार्ग दिखाती है, और यह विश्वासियों के लिए प्रेरणा बनती है।

मुख्य सीख (स्पिरिचुअल lessons)

  • परमेश्वर की सत्ता अनिर्वचनीय है; संकट उसके सामने भी सहज नहीं रहते।
  • धर्म के रास्ते पर अविचल रहने से ही भय और असुरक्षा दूर होती है।
  • उद्धार वह है जो क्रोध के साथ-साथ दया और विश्वास की गहराई से आता है।

जीवन पर लागू करने योग्य संकेत

  • बेवफाई या गलत मार्ग पर चलने से बचें—परमेश्वर के साथ ईमानदारी रखना महत्त्वपूर्ण है।
  • संकट के समय प्रार्थना और परमेश्वर की स्तुति के साथ स्थिति को देखना सीखें—उसमें विश्वास की वृद्धि होती है।
  • दूसरों के लिए सहायता की योजना बनाएं—क्योंकि उद्धार का मार्ग समुदाय के बीच साझा होता है।

सारांश

भजन संहिता 18:7 संकट के समय परमेश्वर की अद्भुत सत्ता को दिखाता है—पृथ्वी काँप उठती है, पहाड़ कँप जाते हैं, क्योंकि परमेश्वर का क्रोध और न्याय उभरकर सामने आता है। पर साथ ही यह संदेश देता है कि वह विश्वासयोग्य लोगों को रक्षा, साहस और उद्धार प्रदान करते हैं। यह verse एक कठोर चेतावनी भी है कि पाप के परिणाम घातक होते हैं, पर परमेश्वर की करुणा और दिव्यमहिमा के कारण भरोसा किया जा सकता है कि उद्धार संभव है।

नीचे सेतु-रेफरेंस स्पष्ट करने में मदद करने के लिए कुछ अनुभाग जोड़े गए हैं:

पहुँच-योग्य उद्धृत विचार (महत्वपूर्ण): “यहोवा की महिमा और शक्ति” जैसी अवधारणाएं इसके मूल भाव को ठोस शब्दों में प्रस्तुत करती हैं।

अनुसरण के लिए संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेस: ऊपर दिए गए पथों के साथ पवित्र शास्त्र के उन अंशों को जोड़ें जो संकट में परमेश्वर की सुरक्षा और उद्धार के विश्वास को पुष्ट करते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 18:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रेरितों के काम 4:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 4:31 (HINIRV) »
जब वे प्रार्थना कर चुके, तो वह स्थान जहाँ वे इकट्ठे थे हिल गया*, और वे सब पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो गए, और परमेश्‍वर का वचन साहस से सुनाते रहे।

व्यवस्थाविवरण 32:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 32:22 (HINIRV) »
क्योंकि मेरे कोप की आग भड़क उठी है, जो पाताल की तह तक जलती जाएगी, और पृथ्वी अपनी उपज समेत भस्म हो जाएगी, और पहाड़ों की नींवों में भी आग लगा देगी।

न्यायियों 5:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 5:4 (HINIRV) »
हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तूने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा। (इब्रा. 12:26)

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