भजन संहिता 18:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि तू दीन लोगों को तो बचाता है; परन्तु घमण्ड भरी आँखों को नीची करता है।

भजन संहिता 18:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 18:27 —_setting and meaning_

यह पद्य अभीय के रूप में एक संघर्षपूर्ण अनुभव के बीच एक ऐसे परमेश्वर को दर्शाता है जो दीन-प्रिय प्रजा को सन्मान देता है और घमण्ड-भरी आँखों को नीचा करता है। भजनकार कहता है कि कष्ट में भी परमेश्वर न्यायपूर्ण दृष्टि रखते हैं। यहाँ ताकत यह है कि दीन और दीन-हृदय लोग उनके ਸਾਹारे में सुरक्षित रहते हैं, जबकि घमंडियों के रईसी-आत्माभिमान को गिरा देता है।

ईश्वर और विश्वास के बारे में text से मिलती शिक्षा

स्वर्गीय शास्त्र दिखाता है कि परमेश्वर एक ऐसी सत्ता है जो मानवीय स्थिति के अनुसार नहीं चलती, बल्कि उसके दिल की अवस्था के अनुसार कानून चलती है। दीन-परिश्रमी और नम्रता से भरे लोगों के लिए वह उद्धार का रास्ता खोलते हैं; बाकी घमण्डी मखमली दिखावे के भीतर भी उनके कदम पथभ्रष्ट कर देते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • दीन लोग— वे जो वास्तविकता से अपने अभिमान को छोड़ते हुए प्रभु की सहायता माँगते हैं; दुनियावी सम्पन्नता के विरुद्ध भीतर की सत्यता दिखाते हैं।
  • घमण्ड भरी आँखें— यह आभामोह, आत्म-सम्मान, और ऊँचे ख्याति-लाभ की चाह को बताता है; ऐसे मन से भगवान संतुष्ट नहीं होते।
  • नीचित होना— परमेश्वर की नज़र में न तुम ऊँचे उन्नत दिखो, न अपनी शक्ति का ठाठ दिखाओ; संयमित और नम्र रहना उसकी नज़र में महत्वपूर्ण है।

अन्य विचारक (public-domain) के संकेत

यह संदेश सामान्यतः माउथफ्रेम में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के टिप्पणियों में भी समान ढंग से मिलता है: दीन-हृदयता और घमण्ड का विरोध—परमेश्वर दीन की रक्षा करते हैं और घमण्ड की शिक्षा उन्हें गिराते हैं। Henry कहते हैं कि दीन-हृदयता के कारण, ईश्वर दीन को सन्तुष्टि देता है और Pride को धूल चटाता है। Barnes और Clarke भी इस संदर्भ में उद्धार के मार्ग को स्पष्ट करते हैं: दीनता के साथ प्रभु की कृपा विश्राम पाती है; उच्च-आत्मा वाले प्रभु के राज्य के लिए अवरोध बनते हैं।

यदि आप चाहें, मैं सीधे उन टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचारों के exact-उद्धरण के संकलन को दे सकता हूँ, पर यहाँ संक्षेप में वही सार है: दीनता परमेश्वर की कृपा को आकर्षित करती है; घमंड परमेश्वर के विरुद्ध ठहराव बनाता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संक्षिप्त अर्थ

1) भौतिक धन से नहीं, पर दया से उद्धार—अन्य पुस्तकों के संदर्भ दर्शाते हैं कि प्रभु दीनों की रक्षा करते हैं; यह तुलना बताती है कि असली ताकत नम्रता में है।

2) प्रभु के न्याय के नियम—क्योंकि वह घमण्ड को नीचे गिराता है, यह दिखाता है कि ईश्वर अन्याय और अभिमान के विरुद्ध क्रूर नहीं, बल्कि पवित्र और न्यायप्रिय है।

3) दीनता बनाम अहंकार—आत्म-सम्मान का अतिरेक प्रायः लोक-स्थापना को नुकसान पहुँचाता है; परमेश्वर संकल्पित रूप से उस अहंकार को कम करते हैं ताकि व्यक्ति अपनी निर्भरता स्वीकार करे।

आज के संदर्भ में व्यक्तिगत अनुप्रयोग

  • जब आप तनाव या बेचारगी में हों, अपने भीतर दीन-हृदयता बनाए रखें। प्रभु आपकी सहायता के लिए तैयार रहते हैं।
  • आत्म-गौरव से बचें, विशेषकर तब जब आप सफलता पाते हैं; बेहतर है कि आप अपनी शक्ति को प्रभु के हाथों में सौंप दें।
  • प blinded pride के बजाय दूसरों के प्रति दया और विनम्रता विकसित करें; यह ईश्वरीय दृष्टि को आकर्षित करता है।

कुल मिलाकर यह पद हमें स्पष्ट सन्देश देता है: परमेश्वर दीन-हृदयों के साथ है और घमण्डी-आत्माओं को नीचा करते हैं। उसी के लिए निष्ठा और नम्रता से चलना उचित है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 18:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

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