Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
रोमियों 11:1 रोमियों 11:2 रोमियों 11:3 रोमियों 11:4 रोमियों 11:5 रोमियों 11:6 रोमियों 11:7 रोमियों 11:8 रोमियों 11:9 रोमियों 11:10 रोमियों 11:11 रोमियों 11:12 रोमियों 11:13 रोमियों 11:14 रोमियों 11:15 रोमियों 11:16 रोमियों 11:17 रोमियों 11:18 रोमियों 11:19 रोमियों 11:20 रोमियों 11:21 रोमियों 11:22 रोमियों 11:23 रोमियों 11:24 रोमियों 11:25 रोमियों 11:26 रोमियों 11:27 रोमियों 11:28 रोमियों 11:29 रोमियों 11:30 रोमियों 11:31 रोमियों 11:32 रोमियों 11:33 रोमियों 11:34 रोमियों 11:35 रोमियों 11:36



अर्थ का संक्षेप
रोमियों 11:13 में प्रेरित पॉल स्पष्ट करते हैं कि वे अन्यजातियों के उद्धार और प्रचार के लिए नियुक्त हैं, और इस सेवा के कारण स्वयं उनकी महिमा और जिम्मेदारी भी बढ़ती है। उनका उद्देश्य यह है कि ईश्वर की योजना से जुड़ी दया और उद्धार की समष्टि समझ में आए, चाहे वह יהודים हों या अन्यजातियाँ; प्रत्येक समूह अपने भाग के अनुसार परमेश्वर के सपने को आगे बढ़ाने में सहयोग करे।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
रोमियों की पत्री का यह भाग ईश्वरीय योजना के भीतर यहूदियों और अन्यजातियों के रिश्ते पर केंद्रित है। पॉल विचार करते हैं कि अन्यजातियों के बीच से संप्रेषण बढ़ाने का परमेश्वर का उद्देश्य कबूलने से, वह स्वयं “अधिक से अधिक” उद्धार की बात को उजागर कर रहे हैं। यहूदियों का अस्वीकार कुछ हद तक गिरह के समान सही है, ताकि अन्यजातियाँ भी ईश्वर के अनुग्रह के भागीदार बन सकें।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
- मैं अन्यजातियों से यह बातें कहता हूँ: पॉल का उद्धेश्य प्रेरित के रूप में अपना संदेश विश्वव्यापी रूप में प्रस्तुत करना है, केवल यहूदियों तक सीमित नहीं।
- जब मैं अन्यजातियों के लिये प्रेरित हूँ: प्रेरित की नियुक्ति और दायित्व एक विशिष्ट और सम्मिलित उद्देश्य में बंधा है—ग़लत से नहीं, बल्कि ईश्वर की महिमामय योजना के अनुसार।
- मैं अपनी सेवा की बड़ाई करता हूँ: सेवा के प्रति विनम्र सम्मान और परमेश्वर के कार्य की महिमा का लक्ष्य—अपनी excited योग्यता नहीं, बल्कि दया और उद्धार का मार्ग प्रशस्त करना।
3-4 सुचिंतित क्रॉस-रेफरेंसेस
सूक्ष्म thematic बिंदु
संशोधित व्याख्या: एक साथ लागू करने योग्य विचार
जो है, उसे समझना है कि प्रेरित पॉल की घोषणा यह नहीं है कि अन्यजातियाँ निरपेक्ष हैं, बल्कि यह कि उनके उद्धार-यात्रा में पॉल की सेवा, प्रेम और दया-योजना का एक प्रमुख हिस्सा है। हर एक विश्वासी को यह समझना चाहिए कि हमारा सहभागिता, प्रोत्साहन और साक्ष्य ईश्वर की देहरी पर एकता और समृद्धि के लिए है।
संवहनीय निष्कर्ष
इस कथन से हमें प्रेरणा मिलती है कि ईश्वर की योजना में हर जनसमूह का अपना स्थान है; प्रेरित की भूमिका से प्रेरणा लेकर हम भी अपनी-अपनी सेवाओं में वह आकाशीय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का अवसर ग्रहण करें।