रोमियों 11:30 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि जैसे तुम ने पहले परमेश्‍वर की आज्ञा न मानी परन्तु अभी उनके आज्ञा न मानने से तुम पर दया हुई।

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रोमियों 11:30 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 11:30 का अर्थ — एक संक्षिप्त समर्पण

मुख्य अर्थ: जैसे तुम ने पहले परमेश्वर की आज्ञा नहीं मानी, इसी प्रकार अब उन्होंने अर्थात् अविश्वास में न रहने पर तुम पर दया की है; परमेश्वर के उदार करुणा-धारणा के कारण ही यह दया नेक्स्ट स्टेप की राह बनाती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह पंक्ति पौलुस के रोमियों की पगड़ी में वचन-क्रम का एक भाग है जिसमें यह दर्शाया गया है कि प्रभु की योजना में ईसाईयत का चयनित परिश्रम कैसे चलता है। यहूदी लोक के साथ परमेश्वर की क्रिया, उनके अविश्वास के बाद भी गॉड की दया कैसे खुलती है, इसे समझाने के लिए यह स्मरण करवाती है कि ईश्वर की करुणा और मांग में संतुलन बना रहता है।

व्याख्या के मुख्य निष्कर्ष

  • दया और निष्ठुरता एक साथ नहीं चलतीं — परमेश्वर अपनी दया से ही चतुराई से क्रिया करते हैं, जब लोग अविश्वास में होते हैं तो भी वे मूर्तिमान तरीके से दया दिखाते हैं।
  • पूर्व की नाकामयाबी के बावजूद नई दया का रास्ता — भारतीय संदर्भ में यह सोचना चाहिए कि गिरी अवस्था से उबरकर परमेश्वर की कृपा कैसे नवीन जीवन देता है।
  • हमारी जिम्मेदारी: दया प्राप्त होने के कारण अब हम भी दया का जीवन जीएं और परमेश्वर की आज्ञाओं के अनुरूप व्यवहार करें।

क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त विवरण

• रोमियों 11:11-12: यह दिखाता है कि गिरे हुओं के लिए उद्धार की राह अभी भी खुली है—परमेश्वर की योजना के अनुसार आशीष का द्वार खुला है।
• रोमियों 9:22-24: परमेश्वर की धैर्य और उदारता का कारणकारण—यदि वह क्रोध और उपेक्षा नहीं करता, तो भी His पवित्रता और न्याय कायम रहता है।
• 1 कुरिन्थियों 12:31: दया की लालसा और विविध वरदान—धैर्य से जीवन की दिशा बनती है।

इन संदर्भों का उद्देश्य यह है कि दया का संदेश न सिर्फ व्यक्तिगत उद्धार तक सीमित है, बल्कि परमेश्वर की योजना किरण बनकर इतिहास के सभी हिस्सों में फैलती है।

निष्कर्षात्मक अनुभाग

इस वचनों का व्यवहारिक पाठ यह है कि जब हम पहले अविश्वासी थे, तब परमेश्वर ने हमारी स्थिति बदली; अब हमें भी उसी दयालुता के स्वर में जीवन जीना चाहिए—अपने पड़ोसी के लिए करुणा, एक दूसरे के दोषों के लिए क्षमा, और ईश्वर की आज्ञाओं की पूजा में लगातार वृध्दि। यह आत्म-सत्यापन है कि दया का प्रसार ईश्वर की योजना का हिस्सा है और यह हर किसी के लिए खुला रास्ता बनाकर चलता है।

याद रखने योग्य सूचियाँ: - दया का दायरा और ईश्वर की योजना एक साथ चलते हैं। - पूर्वाग्रह से मुक्त होकर नयी दया को स्वीकारना।

उद्धृत टिप्पणी-आख्यान (संरक्षित): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन सम्मिलित विचारों के स्पष्ट उद्धरण सीमित मात्रा में संक्षेप में शामिल हैं, ताकि मूल विचार स्पष्ट रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 11:30 समानांतर पद और संबंधित वचन

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वैसे ही उन्होंने भी अब आज्ञा न मानी कि तुम पर जो दया होती है इससे उन पर भी दया हो।

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