Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरूत 2:12 बाइबल पद की व्याख्या
रूत 2:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है, तुझे पूरा प्रतिफल दे।”
रूत 2:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रूत 2:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 36:7 (HINIRV) »
हे परमेश्वर, तेरी करुणा कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।

भजन संहिता 63:7 (HINIRV) »
क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिए मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूँगा*।

भजन संहिता 61:4 (HINIRV) »
मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूँगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिए रहूँगा। (सेला)
रूत 2:12 पर टिप्पणी
पृष्ठभूमि: यहोवा के इस वचन को रूत के संदर्भ में पढ़ना महत्वपूर्ण है कि उसने बूढ़ी नाजुक निष्ठा के साथ अपनी भूमिका निभाई। रूत 2 अध्याय में मलाक के परिवार से लौटकर यहूदा के खेतों में रुआढ़ होकर काम करती है। इस verse में बाइबल का परम वाक्य उन रक्षा-आशीषों को दर्शाता है जिनमें ईश्वर अपने विश्वासयोग्यों पर कृपा दिखाते हैं—खासकर वे जो uzak और योजनाबद्ध रूप से एक साथ चलते हैं।
मुख्य भावार्थ
यह verse यह कहता है कि यहोवा तेरी करनी का फल दे और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, जिसके पंखों के तले तू refuge पाती है, उसे पूरा प्रतिफल दे। यहाँ "फल" से न केवल आर्थिक लाभ, बल्कि सुरक्षा, मान-सम्मान और दिव्य संरक्षण का संदर्भ है। यह बताता है कि ईश्वर अपनी विख्यात दया से ऐसी संतुष्टि देता है जो वर्षों तक बना रहती है जब लोग विश्वासपूर्वक उसकी राह पर चलते हैं।
मुख्य विषय
केंद्रीय पाठ के संदर्भों से सम्बन्धित विचार
– यहोवा की रक्षा और आशीषें उन पर होती हैं जो अपने भाग्य को ईश्वर के हाथों में देते हैं; नोट: यह संकेत करता है कि संकट के समय भी ईश्वर अपने भक्तों के लिए राह बनाते हैं।
– "पंखों के तले" का चित्रण शरण-प्रणाली के गहरे रिश्ते को दर्शाता है: जैसे पक्षी अपने बच्चों को सुरक्षित रखते हैं, वैसे ईश्वर अपने विश्वासियों को सुरक्षा देता है।
– यहोवा के प्रतिफलन का दायरा जीवन-परिस्थितियों के भीतर ही सीमित नहीं रहता, बल्कि आध्यात्मिक सुरक्षा और सामाजिक भूमिका में भी विस्तृत होता है।
क्रॉस-रेफरेंस संक्षेप
1) यूहन्ना 10:28-29 में प्रेरित यीशु के सुरक्षित संरक्षण की पुष्टि का संकेत मिलता है कि कौन उसे छोड़कर नहीं जाएगा; यह रूत के पंखों के नीचे के चित्र से जुड़ता है।
2) भजन 91:4 में कहा गया है कि परमेश्वर अपने भय डरों को भी अपने पंखों के नीचे छाया देता है; यह verse निश्चयता और संरक्षण के विचार को गहरा करता है।
3) निर्गमन 19:4 में ईश्वर कहता है कि उसने अपने लोगों को पंखों पर उठाकर लिया—यही शरणार्थिता और सुरक्षा का आधार है, जो यहाँ रूत के लिए प्रतीक बनता है।
व्यावहारिक विचार
– विश्वास के साथ कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर के भरोसे पर टिके रहें; जैसे रूत ने खेतों में मुसकराहट के साथ परिश्रम किया, वैसे हमें भी कर्म-संयम और धैर्य से चलेना चाहिए।
– अपनी जड़ें और सुरक्षा कहाँ है, इसका मूल्यांकन करें: यदि आप ईश्वर की शरण में हैं, तो प्रतिफल मार्ग स्वयं खुल सकता है—छोटी-छोटी उपलब्धियों से शुरू होकर बड़े वचन तक।
संक्षिप्त समापन
रूत 2:12 इस बात को पक्का करता है कि ईश्वर अपने विश्वासयोग्यों के लिए निर्णय-चालित कृपा और सुरक्षा प्रदान करते हैं। उसका आशीर्वाद उन पर रहता है जो उसके पंखों के नीचे refuge ढूंढ़ते हैं और कठिन परिश्रम से नहीं डरते। यह verse प्रेरणा देता है कि सच्चे विश्वास में शरण लेने पर प्रतिफल जरुर आता है—चाहे वह समय-सारिणी के भीतर कितना भी लंबा क्यों न हो।
नोट: यह पाठ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे पुरालेख-आदरित टिप्पणीकारों की मूल उद्धरण-रेखा के समान spirit का अनुसरण करता है, पर शब्द-रचना नवीन और हिंदी पाठ के अनुकूल बनाई गई है. यदि आप चाहें तो मैं इन टिप्पणियों के छोटे-छोटे अंशों के सीधे अंग्रेजी उद्धरण दे सकता/सकती हूँ।