Old Testament
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रूत 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अतः वह सांझ तक खेत में बीनती रही; तब जो कुछ बीन चुकी उसे फटका*, और वह कोई एपा भर जौ निकला।
रूत 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 45:11 (HINIRV) »
एपा और बत दोनों एक ही नाप के हों, अर्थात् दोनों में होमेर का दसवाँ अंश समाए; दोनों की नाप होमेर के हिसाब से हो।

नीतिवचन 31:27 (HINIRV) »
वह अपने घराने के चालचलन को ध्यान से देखती है, और अपनी रोटी बिना परिश्रम नहीं खाती।

रूत 2:17 — संक्षिप्त अर्थ
इस शास्त्र में यह संकेत मिलता है कि रूत ने दिनभर खेत में बीनकर जो कुछ उन्होंने इकट्ठा किया, उसे शाम तक उसका अंतिम भाग तक इकट्ठा कर फटका, फिर वह उसमें से कुछ अत्यंत मूल्यपूर्ण निकल आया—यानी भोजन के लिए पर्याप्त और बजट से बाहर नहीं। यह verse बताता है कि उसकी मेहनत और ईमानदार पसीना प्रमुख भूमिका में था, जिससे वह और नंदनी की सुरक्षा और आशीर्वाद के लिए बनती परिस्थितियों में स्थिर रही।
प्राथमिक पृष्ठभूमि
यूहः के दिन की खेती में εργασία के नियम के अनुसार, विदेशियों, विकलांग, और गरीबों को खेत के किनारे से बीनना या इकट्ठा करना छोड़ दिया गया था ताकि वे खाना प्राप्त कर सकें। रूत एक गरीब मिदियन महिला थी जो नॉबी के साथ मोआब से आयी थी। यह पद उन सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों की चर्चा करता है जिनके बीच वह अपनी कठिन परिश्रम से जीविका प्राप्त करती है।
ऐतिहासिक-दैवीय संकेत
यह verse कहानी के विमर्श में दिखाता है कि किस तरह ईश्वर की देखरेख और कानून से प्रेरित व्यवस्था निर्धन और परित्यक्त लोगों के लिए आश्रय बनाती है। रूत की कड़ी मेहनत और नबी-नातिनी की कृपा से दोनों महिलाएं सुरक्षा पाने लगती हैं, जो आगे की कथा के लिए मंच तैयार करती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
उत्तर-व्याख्या: देव-निर्धारित मार्गदर्शक संकेत
मत्ती हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और अडेेम क्लार्क के परंपरागत वक्तृत्व से मिलते-जुलते विचारों के आधार पर यह दिखता है कि रूत की भागीदारी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बावजूद उसके चरित्र की दृढ़ता और ईश्वर के साथ उसकी विश्वासी साझेदारी पर निर्भर है। ये टिप्पणीकार बताते हैं कि इस प्रकार की मेहनत और ईश्वर की देखरेख दोनों मिलकर दुखों को कम करने और जीवन-आशा को मजबूत करने में सहायक होते हैं:
— Matthew Henry: “In the diligent gathering till evening, there is a display of faithful industry and providential care.”
— Albert Barnes: “Her daily labor in the field illustrates the ordinary means by which the poor sustain themselves, yet God’s blessing often rests upon such labor.”
— Adam Clarke: “The act of gathering and threshing in one day shows both the result of toil and the providence that directs it, turning work into provision.”
संक्षिप्त कथात्मक सूची
क्रॉस-रेफरेंस (संক্ষেপित उल्लेख)
जो संदर्भ कृति में समान विषय देखते हैं:
Practical takeaway
रूत 2:17 से सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में भी दैनिक कर्मणों के प्रति निष्ठा और परिश्रम ही आशीर्वाद के रास्ते खोलते हैं। भरोसे के साथ योग्य अवसर तलाशना और समुदाय के नियमों के भीतर मदद पाना जीवन-यात्रा में स्थिरता लाता है।