Old Testament
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रूत 2:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए रूत जौ और गेहूँ दोनों की कटनी के अन्त तक बीनने के लिये बोआज की दासियों के साथ-साथ लगी रही; और अपनी सास के यहाँ रहती थी।
रूत 2:23 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 2:23 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 16:9 (HINIRV) »
“फिर जब तू खेत में हँसुआ लगाने लगे, तब से आरम्भ करके सात सप्ताह गिनना।

नीतिवचन 13:1 (HINIRV) »
बुद्धिमान पुत्र पिता की शिक्षा सुनता है, परन्तु ठट्ठा करनेवाला घुड़की को भी नहीं सुनता।

रूत 2:23 — पथ-प्रदर्शक उन्हें जालिम नहीं बनाते
प्लॉट के संदर्भ में यह पद रूत के सुराग-रहित निश्चय और निष्ठा को दर्शाता है। बतौर मेडन-परिवार रूत ने मोआब की कीर्ति छोड़कर नयी जन्मभूमि में कदम रखा है; वह न केवल दासीयों के साथ दूसरों के खेतों में बीनाई कर सकती है, बल्कि किन्हीं परिस्थितियों में उसकी सेवा-संहिता भी मोड़ लेती है। खास यह है कि वह बोआज की दासियों के साथ-ही-साथ लगी रहती है और अपनी सास-नौकरानी, नोमी, के घर ही रहती है। इस verse में रूत की अनुशासन-प्रियता, विश्वासशीलता और समुदाय-निर्भरता झलकती है।
मुख्य विचार
1) निष्ठा और परिश्रम: रूत ने खेतों में बीनाई के लिए दासियों के साथ संगत रहकर अपने कर्तव्य को बनाए रखा। यह दिखाता है कि उसकी निष्ठा किस प्रकार परिस्थितियों के बावजूद बने रहती है—नौकरी और सुरक्षा दोनों पंक्तियों में।
2) नई सामाजिक-परिवारिक भूमिका: नोमी के साथ उसका साथ उसे एक नए पारिवारिक ढांचे में दृढ़ता देता है। वह सास के घर रहकर न केवल जीविका कमाती है, बल्कि बहिन-बहिन की तरह एकजुट परिवार के सदस्य के रूप में जीती है।
3) उद्धार के मार्ग का आरंभ: यह देखना महत्वपूर्ण है कि रूत की कार्य-भावना और समर्पण तिचे भविष्य को उजागर करते हैं; यह एक ऐसी यात्रा का भाग है जो दया, उद्देश्य और भलाई की कथा बनाती है।
दो-तीन प्रमुख विषय
अन्य बाइबल पदों के संदर्भ
- नियम-प्रकरण 2 के समय, बाइबिल का यह भाग बताता है कि कैसे एक outsider भी समुदाय में सम्मान पा सकता है जब वह निष्ठा से काम करता है।
- रोम 12:12-13 की तरह, संकट के बीच भी आशा बनाए रखना और परोपकार की परियोजना में भाग लेना यह दिखाता है कि कैसे समुदाय एक-दूसरे के लिए प्रेरणा बनता है।
- यहू 1:22-23 की तरह, दूसरों के लिए दयालु और सहायता-प्रदाता बनना भी एक पवित्र आचरण है जो सितारों की तरह उजाला बनता है।
व्यावहारिक विचार
- कठिन परिश्रम के साथ नैतिक धारणाओं को बनाए रखें: रूत की तरह आप भी अपने परिस्थितियों के बावजूद अपने नियमों और उद्देश्य को बनाए रखें।
- समुदाय के साथ जुड़ें: परिवार-समूह की सहायता लेने या दें, ताकि जीवन-यात्रा में सुरक्षा और आशा बनी रहे।
संक्षेप निष्कर्ष
रूत 2:23 में बताया गया है कि कैसे वह जौ-गेहूँ की कटनी में निष्ठा और परिश्रम के साथ दासियों के साथ लगी रहती है और नोमी के घर की रक्षा-प्राप्ति में साथ है। यह छोटा-सा दृश्य इस कथा के बड़े नायकों के लिए मार्ग रचता है: विश्वास, सेवा और परिवार-बंधन की शक्ति।
सूत्र-चिन्ह और उद्धरण
नीचे प्रकाशित अर्थ-परिचयों से कुछ स्पष्ट पंक्ति उद्धृत हैं, जो इस पाठ के संदर्भ को स्पष्ट बनाने में मदद करती हैं:
Matthew Henry: “The humble industry of Ruth here is a pattern, both of zeal for duty and tenderness to Naomi.”
Albert Barnes: “Ruth’s perseverance in gleaning shows her resolve to provide and to honour the God of Israel by adopting His people.”
Adam Clarke: “The diligence of Ruth, and her adherence to Naomi, mark the beginning of a providential preparation for her to become the ancestress of David.”
Note: ऊपर के उद्धरण केवल संदर्भ हेतु संक्षेप हैं; पाठ-विशिष्ट उद्धरण संपूर्ण ग्रंथ से लिए नहीं हैं।