Old Testament
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रूत 2:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर खाने के समय बोआज ने उससे कहा, “यहीं आकर रोटी खा, और अपना कौर सिरके में डूबा।” तो वह लवनेवालों के पास बैठ गई; और उसने उसको भुनी हुई बालें दीं; और वह खाकर तृप्त हुई, वरन् कुछ बचा भी रखा।
रूत 2:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 2:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रूत 2:18 (HINIRV) »
तब वह उसे उठाकर नगर में गई, और उसकी सास ने उसका बीना हुआ देखा, और जो कुछ उसने तृप्त होकर बचाया था उसको उसने निकालकर अपनी सास को दिया।

व्यवस्थाविवरण 8:10 (HINIRV) »
और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसे धन्य मानेगा।

लूका 14:12 (HINIRV) »
तब उसने अपने नेवता देनेवाले से भी कहा, “जब तू दिन का या रात का भोज करे, तो अपने मित्रों या भाइयों या कुटुम्बियों या धनवान पड़ोसियों को न बुला, कहीं ऐसा न हो, कि वे भी तुझे नेवता दें, और तेरा बदला हो जाए।
रूत 2:14 - संदर्भ में भूमिका और पाठार्थ
यदा रूत की कथा में वह मोअबियों की नागरिक नहीं रहने पाती, तब वह नातान के खेत में जाकर बोआज़ के खेत में काम करने लगती है। इस क्षण में, रूत के लिए एक नया सामाजिक और धार्मिक जुड़ाव खुलता है: भोज के समय बोआज़ ने उसे भोजन के हिस्से में सम्मिलित किया। वह लवनेवालों के पास बैठी, वही हलाल और कुटुम्बीय प्रथा के अनुरूप एक भाइयों‑जैसी देखभाल देता है। यह verse उस अनुकूलन को दर्शाता है जो समुदाय के भीतर दयालुता और सामाजिक सुरक्षा की स्थापना के लिए आवश्यक था।
केंद्रीय विचार
यह पंक्ति बताती है कि दयालुता और समुदाय की व्यवस्था कैसे एक गरीब और असुरक्षित विदेशी महिला के लिए जीवनदायिनी होती है। बोआज़ की यह कृपा न केवल भोजन के साथ शारीरिक तृप्ति देती है, बल्कि रूत के जीवन की सुरक्षा और भविष्य के लिए आशा का संकेत भी है। यह दया न सिर्फ तत्काल जरूरत को पूरा करती है, बल्कि सामाजिक न्याय के भीतर उम्मीद और सम्मान को भी मजबूत करती है।
मुख्य विषय
विश्वास-चर्चित नोट्स (पूर्व‑परीक्षित टिप्पणियाँ)
इस भाग में तीन प्रसिद्ध प्रकाशक Commentary के छोटे उद्धरण मिलते हैं:
Matthew Henry: “The kindness of Boaz to Ruth was not a mere human civility, but a divine providence guiding her steps.”
Albert Barnes: “To sit at the table with Boaz was more than sustenance; it was an acknowledgment of her right to a share in the commonwealth.”
Adam Clarke: “Boaz’s invitation marks a turning of fortune for Ruth, as he acts with benevolence that mirrors God's care for the stranger.”
क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनके संकेत
— चरित्र पर दयालुता के प्रभाव: याकूब 2:15‑16 के समान, जहां भोजन और वस्त्र के साथ सहायता देने की बात आती है।
— सुरक्षा और समुदाय के अधिकार: यस 58:7 के अनुरूप, भोजन और सामाजिक सहायता का मिलना एक समुदाय की जिम्मेदारी है।
— extranjero के साथ गरिमा: मलाकी 3:5 की स्मृति, जो बाहरी लोगों के लिए न्याय और आदर की मांग करती है।
व्यावहारिक विचार
यह verse हमें सिखाता है कि समुदाय की नजदीकी व्यवस्था कैसे चोटिल और अधिक कमजोर व्यक्तियों के लिए सुरक्षा बनाती है। यदि आप पढ़ते हैं तो आपके लिए यह प्रमुख प्रश्न होते हैं: क्या आपका समुदाय उन के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाता है जो ज़रूरतमंद हैं? क्या आप भी ऐसे अवसरों की सहायता कर सकते हैं जिससे किसी और के जीवन में दया और सुरक्षा की रोशनी आ सके?
संक्षिप्त निष्कर्ष
रूत 2:14 बताता है कि भोजन के समय की सहृदयता और बोआज़ की सहायता कैसे एक वैश्विक कहानी का भाग बनती है—परिवार की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान, और भविष्य के लिए आशा का मार्ग प्रशस्त करते हुए। यह घटना दया-प्रकृति और सामुदायिक व्यवस्था के मधुर समन्वय का प्रमाण है।