Old Testament
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रूत 2:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसने कहा था, 'मुझे लवनेवालों के पीछे-पीछे पूलों के बीच बीनने और बालें बटोरने दे।' तो वह आई, और भोर से अब तक यहीं है, केवल थोड़ी देर तक घर में रही थी।”
रूत 2:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 2:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नीतिवचन 15:33 (HINIRV) »
यहोवा के भय मानने से बुद्धि की शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहले नम्रता आती है।

नीतिवचन 13:4 (HINIRV) »
आलसी का प्राण लालसा तो करता है, परन्तु उसको कुछ नहीं मिलता, परन्तु कामकाजी हष्ट पुष्ट हो जाते हैं।

रूत 2:7 पर टिप्पणी: क्यों यह पद महत्वपूर्ण है
यह छोटा वाक्य Ruth के कथा-क्रम में एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाता है—रूत की मेहनत, सावधानी और पत्तन भरोसे का प्रकटीकरण। यह verse दिखाता है कि कैसे लवनेवाले परिवार के साथ रहने और उनके खेतों में काम करके रूत अपने चरित्र और सामाजिक स्थिति के अनुरूप जीवनयापन करती है। इसका संदेश यह है कि ईश्वर की योजना में पुरुषार्थ और विश्वास के साथ किया गया छोटा कर्म भी बड़े परिणाम ला सकता है।
अनुदेशक प्रसंग और मूल संदर्भ
कहानी का यह भाग बायबल के ओव्वेद में रूत और नबी-प्रेमिका सिस्टम के संदर्भ को आगे बढ़ाता है। रूत, मोआब की स्त्री, अपनी सुसमाचारिक भक्ति और एक्ज़ील (यहोवा) के प्रति निष्ठा दिखाती है—“जहाँ तू जाएँगी, वहीं मैं जाऊँगी।” इस verse में वह बताती है कि उसने लावनों के पीछे पड़कर पूलों के बीच बीनने और बालें बटोरने की इच्छा रखी है, ताकि उसकी दीर्घकालिक सुरक्षा बना रहे। यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी उसका धैर्य और योजना स्पष्ट है।
मुख्य संदेश
1) सरल जीवनचर्या भी ईश्वर की योजना का हिस्सा हो सकता है: रूत का यह कर्म समूहों के बीच अपना स्थान बनाने का एक स्रोत है।
2) विश्वास और श्रम का संघ: पलकों के नीचे भी वह निष्ठा से काम कर रही है, जो आगे चलकर परिवार और समुदाय के लिए राहत का कारण बनता है।
3) सामाजिक अनुपात से उठकर, महत्त्वपूर्ण रिश्ते बनना: रूत का यह चयन उसे बीना और कसम के परिवार से जोड़े रखता है, जिससे वह किंग दाऊद के पूर्वजों की lineage में प्रवेश करती है।
संरक्षणात्मक विषय और थीम
- किरदार: रूत की एकाग्रता, उद्यम और परोपकार की प्रवृत्ति।
- दया और दयालुता: अन्यायपूर्ण सामाजिक स्थितियों में भी उसने अपनी गरिमा नहीं खोई।
- विश्वासयोग्यता: आधुनिक संदर्भ में भी यह दिखाता है कि विश्वासी व्यक्ति कठिन समय में अपने समुदाय के साथ कैसे जुड़ा रहता है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संयुक्त विचार)
इन संदर्भों से समझ आता है कि रूत का निर्णय न केवल घर-परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए वरदान बन सकता है।
संक्षिप्त विचारशील प्रार्थना
प्रभु, तू प्रत्येक मेहनती हृदय को देखता है। हमारी छोटी-छोटी कोशिशों को भी तेरे प्रेम के स्रोत से जोड़ दे, ताकि हम भी ईमानदारी और धीरज से अपने जीवन के रास्ते तय करें।
तत्वावधान और निष्कर्ष
रूत 2:7 दरअसल दिखाता है कि ईश्वर की कृपा अक्सर उन निर्णयों में स्पष्ट होती है जो सामान्य, मेहनती और ईमानदार होते हैं। यह verse, न केवल रूत के साहसिक कदम का संकेत है, बल्कि यह भी समझाता है कि कैसे एक सतर्क और श्रमशील जीवन ईश्वर के वादों के साथ जुड़ाव बनाता है।
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