Old Testament
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रूत 2:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसने कहा, “हे मेरे प्रभु, तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे, क्योंकि यद्यपि मैं तेरी दासियों में से किसी के भी बराबर नहीं हूँ, तो भी तूने अपनी दासी के मन में पैठनेवाली बातें कहकर मुझे शान्ति दी है।”
रूत 2:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 2:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 शमूएल 1:18 (HINIRV) »
उसने कहा, “तेरी दासी तेरी दृष्टि में अनुग्रह पाए।” तब वह स्त्री चली गई और खाना खाया, और उसका मुँह फिर उदास न रहा*।

उत्पत्ति 33:15 (HINIRV) »
एसाव ने कहा, “तो अपने साथियों में से मैं कई एक तेरे साथ छोड़ जाऊँ।” उसने कहा, “यह क्यों? इतना ही बहुत है, कि मेरे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे।”

उत्पत्ति 43:14 (HINIRV) »
और सर्वशक्तिमान परमेश्वर उस पुरुष को तुम पर दया करेगा, जिससे कि वह तुम्हारे दूसरे भाई को और बिन्यामीन को भी आने दे: और यदि मैं निर्वंश हुआ तो होने दो।”
मतलब का सीधा सार
रूत 2:13 में रूत अपनी दासी होने के नाते अपने स्वामी पथ के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए नम्र निवेदन करती है कि वह उसके दया-आयाम की दृष्टि में बनी रहे। वह कहती है कि यद्यपि वह इस क्षेत्र में किसी दासी के बराबर नहीं, फिर भी बोझिल लागों के बीच भी उसने उसे शांति और सुरक्षा प्रदान करने वाले शब्दों से आश्वस्त किया है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पद रूत के ईमानदार निष्ठा और बहादुरी की एक छोटी लेकिन महत्त्वपूर्ण झलक देता है। रोज़मर्रा के जोखिमों के बीच वह बोझिल परिस्थितियों में भी स्थिर रहती है—न केवल भोजन प्राप्त करने के लिए बल्कि अपनी गरिमा के अनुरूप सम्मान बनाये रखने के लिए। नाकेबंदी के समय नरम स्वभाव और दयालु शब्दों से पते की परछाई दिखती है, जो Boaz के साथ रूत के संबंधों को एक सुरक्षित दिशा देता है।
व्याख्यात्मक विचार
संरचना-सूत्री संकेत
इस श्लोक में नम्र निवेदन और अनुग्रह का संयोजन है—रूत, जो निष्कपट रूप से अपने स्थिति-ज्ञान के साथ बोलती है, Boaz के प्रति अपनी आस्थालु भावना से परिशुद्ध है। यह दिखाता है कि दया और सम्मान कैसे एक सुरक्षित और पवित्र रिश्ते का आधार बनते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संछिप्त व्याख्या के साथ)
1) वाचा और सम्मान को राजनीतिक/जगह-विशेष के बाहर भी मानना: रूत की दासी-स्थिति के बावजूद उसकी आत्म-आश्वस्ति और Boaz के साथ समझौते का दायरा बढ़ता है।
2) दयालु शब्दों का प्रभाव: इसके समान उदाहरण elsewhere में दिखते हैं कि कैसे एक व्यक्ति के शब्द सुरक्षा और शांति बनाते हैं (उदा., Ruth 2:12; Ruth 1:16)—ये उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं, पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिया गया है।
3) सुरक्षा और विश्वास: Boaz का अनुग्रह रूत के लिए एक सुरक्षा-चक्र बन जाता है, जो आगे के प्रसंगों में उसे सामाजिक और आर्थिक स्थिरता देता है।
परोपकारी निष्कर्ष (कठोर शब्दों के बिना दैनिक अभ्यास के लिए)
जो लोग दुर्बल स्थिति में हों, उन्हें भी सम्मान और सुरक्षा की भावना मिलनी चाहिए। व्यवहार में नम्रता और अनुग्रह के छोटे-छोटे शब्द बड़े परिणाम दे सकते हैं—एक ऐसी क्षणिका जो विश्वास और समुदाय को मजबूत बनाती है।
कथ्य-सार
यह श्लोक रूत की नम्रता, जागरूकता और Boaz द्वारा अनुभव की गई दया के बारे में है—दोनों पक्षों के बीच सम्मान और सुरक्षा का बंधन विकसित होता है, जो आगे की कहानी के लिए आधार बनता है।