1 शमूएल 20:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और कहा, 'मुझे जाने दे; क्योंकि उस नगर में हमारे कुल का यज्ञ है, और मेरे भाई ने मुझ को वहाँ उपस्थित होने की आज्ञा दी है। और अब यदि मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो, तो मुझे जाने दे कि मैं अपने भाइयों से भेंट कर आऊँ।' इसी कारण वह राजा की मेज पर नहीं आया।”

पिछला पद
« 1 शमूएल 20:28
अगला पद
1 शमूएल 20:30 »

1 शमूएल 20:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

क्यों यह पद महत्व रखता है

1 शमूएल 20:29 में दाऊद के मित्र योन्नाथ के प्रति उसका शिष्टाचार भरा निवेदन दिखता है—“मुझे जाने दे... मेरे भाइयों से भेंट कर आऊँ।” यह वचन समाज और परिवार के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है। साथ ही यह दर्शाता है कि मित्रता, कर्तव्य और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन कैसे बनता है। इस मर्यादित विदाई-प्रस्तावना में दाऊद की निष्ठा और अपनी ओषधि-संस्कृति के भीतर अपने भाइयों के प्रति समर्पण सतह पर उभर कर आता है।

पारिवारिक और सामाजिक संदर्भ

यह पाठ 1 शमूएल की कथा में आता है जहाँ दाऊद और योन्नाथ अपने बीच गहरी मित्रता के साथ रहते हैं, परन्तु राज्य की परिस्थितियाँ—याकूब के पुत्रों की राजनीति, सैमुल की अयोध्या-निरपेक्षता—दाऊद के जीवन को विशिष्ट ढंग से संचालित करती हैं। यहाँ दाऊद अपने परिवार के समारोहों और कुल-यज्ञ के संदर्भ में एक विशिष्ट सामाजिक उत्तरदायित्व निभाता है। यह दर्शाता है कि व्यक्ति कैसे अपने सामाजिक दायित्वों और संविधानिक-परंपराओं के बीच संतुलन बनाकर चल सकता है।

मुख्य संदेश

इस verse का मूल संदेश है—व्यक्तिगत अवकाश और सामाजिक-धार्मिक कर्तव्य के बीच सही क्रम और विनम्रता। दाऊद कह रहा है कि वह अपने भाइयों से मिलना चाहेगा—यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत समय भी समुदाय की आवश्यकता पर बलिदान नहीं है; बल्कि यह एक धरोहर है जिसे समय-समाज के लिए उपयोग किया जा सकता है। यदि राजा की मेज पर बैठना किसी सामाजिक-धार्मिक मर्यादा के अनुरूप है, तो वह वही करेगा; अन्यथा वह भाइयों से मिलने के लिए निकाले जाने को प्राथमिकता देता है।

मुख्य थीम्स और तर्क

  • धर्म-परंपरा बनाम व्यक्तिगत अवसर: कब कमियाँ आती हैं और कब सामुदायिक जिम्मेदारीを अधिक माना जाता है।
  • विवेकपूर्ण स्वीकृति: दाऊद की विनम्रता और अपने परिवार-सम्बंधों के प्रति सच्चे प्रेम का परिचय।
  • सच्चे मित्रता की आचार-संस्कार: यह वचन मित्रता के सम्मान और कर्तव्य के साथ कैसे चलता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संरचित संकेत)

यंक्त क्रॉस-रेफरेंस से अपेक्षित सामान्य विचार:

  • यहोवा के साथ विश्वस्तता और परिवार-सम्बंधों की महत्ता—अन्य संदर्भ जहाँ परिवार और समुदाय के कारण अवसरों के आकलन होते हैं।
  • आयतन-सम्बंध में विनम्रता और शिष्टाचार—कथाओं में मित्रता और कर्तव्य के संतुलन के उदाहरण।
  • आत्मिक विवेक से निर्णय लेना—व्यक्ति के अधिकार और दायित्वों के बीच चयन।

स्पष्टता के लिए छोटे-छोटे संकेत: दाऊद की यह बात एक मिश्रित सामाजिक-आचार-संहिता का प्रतिनिधित्व करती है जिसमें परिवार के प्रति निष्ठा और राजा के शासन के प्रति सम्मान दोनों एक साथ चलते हैं।

पवित्र-वचन से जुड़ी गहराई

यह verse हमें दिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति अपने समुदाय के लिए अपने व्यक्तिगत कार्यक्रमों को temporarily स्थगित कर सकता है—यह एक आचर-नैतिकता है जो धार्मिक समाजों में बार-बार उभरती है। साथ ही, यह स्मरण कराता है कि सच्ची मित्रता और विश्वस्तता में एक दूसरे की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

देव-दर्शन और व्यावहारिक जीवन

इस पाठ से एक उपयोगी अभ्यास मिलता है: जब भी हमें एक साथ जीवन के कई दायित्व मिलते हैं, तो विवेकपूर्वक निर्णय लें—कौन सा दायित्व अधिक आवश्यक है, और कब अपनी यात्रा को दूसरे के लिए रोका जा सकता है। यह आत्म-नियंत्रण और समुदाय-सेवा के बीच संतुलन बनाए रखने का उदाहरण है।

छोटा-सा व्यावहारिक अनुशासन

  • अपने परिवार के लिए समय देना महत्वपूर्ण है, विशेषकर धार्मिक या सामुदायिक अवसरों के बीच।
  • मातृत्व, मित्रता और सुरक्षा—इन तीनों के बीच संतुलन स्थापित करें।

देव-चिंतन

किताब-उद्धरणों के बिना भी, यह verse अपने आप में एक छोटी-सी नैतिक कथा है: दाऊद अपने भाइयों से मिलने की इच्छा रखता है, परंतु राज्य-आधारित जिम्मेदारियों के दबाव को भी समझता है। हमारे लिए प्रेरणा यही है—अपने समय और दायित्वों को बुद्धिमानी से समायोजन करें, ताकि हम समुदाय के साथ अपनी भूमिका को सच्चे मन से निभा सकें।

संक्षिप्त उद्धरण-आधार

हमें इस पाठ में मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के सीधे पूर्ण उद्धरण नहीं मिलते; यदि आवश्यक हो तो इनके सार्वजनिक-डायरेक्ट विचारों को संदर्भित करते हुए एकीकृत व्याख्या दी जा सकती है।

अंतिम प्रार्थना

प्रातःकाल के पहले कदम के समान, दाऊद की यह टिप्पणी हमें प्रेरित करती है कि हम अपने परिवार और समुदाय के बीच संतुलन बनाकर चलें, और जहाँ भी आवश्यकता हो, विनम्रता और विश्वास के साथ एक-दूसरे की सहायता करें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 20:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 17:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 17:28 (HINIRV) »
जब दाऊद उन मनुष्यों से बातें कर रहा था, तब उसका बड़ा भाई एलीआब सुन रहा था; और एलीआब दाऊद से बहुत क्रोधित होकर कहने लगा, “तू यहाँ क्यों आया है? और जंगल में उन थोड़ी सी भेड़ बकरियों को तू किस के पास छोड़ आया है? तेरा अभिमान और तेरे मन की बुराई मुझे मालूम है; तू तो लड़ाई देखने के लिये यहाँ आया है।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें