1 शमूएल 20:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर मैं अपने टहलुए लड़के को यह कहकर भेजूँगा, कि जाकर तीरों को ढूँढ़ ले आ। यदि मैं उस लड़के से साफ-साफ कहूँ, 'देख, तीर इधर तेरे इस ओर हैं,' तू उसे ले आ, तो तू आ जाना क्योंकि यहोवा के जीवन की शपथ, तेरे लिये कुशल को छोड़ और कुछ न होगा।

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1 शमूएल 20:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 20:21 — संदर्भ में एक दृष्टिकोण

यह वचन मित्रों के बीच की एक चतुराई भरी योजना का हिस्सा है। दाऊद और योनाथ के बीच एक खास भरोसे और साहस का सम्बन्ध है। यहाँ दाऊद अपनी तत्कालीन परिस्थिति से निपटने के लिए एक प्रतीकात्मक निशान भेजता है— तीरों को ढूंढ़कर वापस लाने की बात, ताकि उसके सेवक के साथ परिस्थिति स्पष्ट और सुरक्षित रहे। अगर सेवक कह दे कि “तू आ जा” तो यह संकेत देता है कि स्थिति शांत है और वह सुरक्षित मार्ग अपनाए। यहोवा की प्रतिज्ञा के साथ जुड़े रहने की शपथ इस क्रम में एक निर्णायक सुरक्षा कवच बनकर उभरती है।

मुख्य अर्थ

यह verse दाऊद और योनाथ के बीच गुप्त संवाद और भरोसे पर केंद्रित है। एक तीर-खेल के माध्यम से योनाथ यहोवा की इच्छा के अनुरूप स्थिति का आकलन कर रहा है। यदि दाऊद के पक्ष में संकेत हो, तो उसे सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए; अन्यथा यह कि पहुंचे हुए खतरे के अनुसार कदम उठाने होंगे। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि शपथ और शांति का संकेत मिलता है, तब केवल कुशल के बदले कुछ नहीं घटना चाहिए—यानी खतरे के बावजूद दाऊद के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केंद्रीय विषय और पाठ के संकेत

  • इंसान-जानकार निर्णय और परमेश्वर की योजना के अनुरूप संकेतिक पालन।
  • भरोसा और सुरक्षा का संयोजन: दोस्त के बीच पारस्परिक सुरक्षा बनाम जोखिम उठाने की आवश्यकता।
  • कथा का नैतिक संकेत — सत्य और शांति की खोज में विवेकपूर्ण कदम।

संलग्न पठन और क्रॉस-रेफरेंसेस

• योहन्ना 14:6 जैसे दाऊद-योनाथ के रिश्ते के द्वारा भरोसे की भावना पर विचार करने का संकेत मिलता है; वहीं दाऊद की परिस्थिति में भगवान के उद्देश्य की दिशा दिखती है।

• भजन 23 का सुरक्षित मार्ग और धैर्य का संदेश, जहां खतरे के बीच ईश्वर की व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना फायदेमंद होता है।

• 2 समूएल 9:7 जैसे वचन जो यह दिखाते हैं कि अन्याय या खतरे के समय भी परमेश्वर की सुरक्षा कैसे व्यवहारिक मार्ग प्रस्तुत करती है।

व्यावहारिक विचार

जो पाठक गैर-आकस्मिक स्थिति में भी विवेक से निर्णय लेना चाहते हैं, उन्हें here इस verse से एक संदेश मिलता है: जब आप किसी कठिन परिस्थिति में हों, सच के साथ और भरोसे के साथ कदम उठाएं, ताकि सुरक्षा और ईश्वर की योजना दोनों समर्थ हों। खासकर मित्रों के बीच के संबंध में, भरोसा और स्पष्ट संकेतन एक-दूसरे की रक्षा का स्रोत बनते हैं।

संक्षिप्त समापन

1 शमूएल 20:21 दाऊद और योनाथ की मित्रता में भरोसा और योजना की गहराई को दर्शाता है। यह शपथ-परक पुष्टि देता है कि सुरक्षा और कुशलता एक साथ चल सकती हैं, यदि संकेत स्पष्ट और ईश्वर की इच्छा के अनुरूप हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 20:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यदि वे मेरी प्रजा की चाल सीखकर मेरे ही नाम की सौगन्ध, यहोवा के जीवन की सौगन्ध, खाने लगें, जिस प्रकार से उन्होंने मेरी प्रजा को बाल की सौगन्ध खाना सिखाया था, तब मेरी प्रजा के बीच उनका भी वंश बढ़ेगा।

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और यदि तू सच्चाई और न्याय और धर्म से यहोवा के जीवन की शपथ खाए, तो जाति-जाति उसके कारण अपने आपको धन्य कहेंगी, और उसी पर घमण्ड करेंगी।”

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यद्यपि उसके निवासी यहोवा के जीवन की शपथ भी खाएँ, तो भी निश्चय वे झूठी शपथ खाते हैं।

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