1 शमूएल 20:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर दाऊद ने शपथ खाकर कहा, “तेरा पिता निश्चय जानता है कि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर है; और वह सोचता होगा, कि योनातान इस बात को न जानने पाए, ऐसा न हो कि वह खेदित हो जाए। परन्तु यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, निःसन्देह, मेरे और मृत्यु के बीच डग ही भर का अन्तर है।”

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1 शमूएल 20:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद का तत्कालीन संदर्भ और संदर्भ-सूत्र

1 शमूएल 20:3 वह हिस्सा है जहाँ दाऊद और היोनातान मित्रता के चिह्नों के बीच गहराई से संघर्षों और जोखिमों के बीच एक आधिकारिक सत्यापन साझा करते हैं। योनातान के पिता राजा Saul द्वारा दाऊद पर गहरी निगाह है और दाऊद अपने सुरक्षा-केवलपन के साथ शपथ लेते हैं कि Yahweh की समझौता-शपथ और तेरे जीवन की शपथ के बीच चौथा भाग भी नहीं छूटेगा—यह निश्चय की बात है कि वह दूरी जो मृत्यु बन सकती है, वह शपथों से कम नहीं हो सकती।

क्यों यह पंक्ति मायने रखती है

यह पाठ यह दिखाता है कि विश्वास में शपथ कितनी महत्त्वपूर्ण होती है—यहोवा की जीवित संकल्पना और मित्र की रक्षा का सौदा एक ही छत के नीचे हैं। दाऊद कहता है कि जीवन के लिए वह निर्द्वंद्व है, परंतु वह जानता है कि Yahweh की जीवन-शपथ और मित्र की जीवन-शपथ दोनों एक-दूसरे से जुड़ी हैं; यहाँ विश्वास-आस्थाओं की एक गहराई है कि परमेश्वर के साथ किए गए वचन, इंसानों के रिश्तों के ऊपर भी शासन करते हैं।

प्रमुख शब्दों और छवियाँ

  • यहोवा के जीवन की शपथ— परमेश्वर के बारे में दृढ़ और अटल प्रतिज्ञा के रूप में।
  • तेरे जीवन की शपथ— मित्र के प्रति समर्पण और सघन वचन-बंधन।
  • डग ही भर का अन्तर— भौतिक दूरी नहीं, बल्कि अस्तित्व और सुरक्षा के स्तरों का अंतर।

कड़ियाँ: संदर्भ-आशय

1) 1 शमूएल 23:17— योनातान अपने मित्र के प्रति विश्वास और प्रतिज्ञा के स्थायित्व को व्यक्त करता है; यहाँ दावेदारी है कि युद्ध और खतरे में भी मित्र नहीं छोड़ना चाहिए।

2) रोम 12:10— भक्ति और भाइचारे में प्रेम, एक-दूसरे के प्रति सम्मान और प्रेम का सक्रिय व्यवहार।

3) गलातियों 5:13— आत्म-त्याग से सेवा करने की प्रेरणा; परस्पर प्रेम से एक एकता बनती है।

आज के पाठ के लिए आवेदन

हमारे समय में भी जोखिम और दबाव के बीच नैतिकता, प्रतिज्ञाओं और मित्रता की सत्यता बनाये रखना चाहिए। शपथ-निष्ठा का यह संदेश बताता है कि दायित्व और प्रेम एक साथ चलना चाहिए—भले परिस्थितियाँ कैसी भी हों। परमेश्वर की सर्वोच्च प्रतिज्ञाओं पर भरोसा करते हुए, हमें अपने रिश्तों में सत्य और साहस बनाए रखना चाहिए।

सूक्ष्म समेकन

मैथ्यू हेनरी या एलबर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के संक्षिप्त उद्धरण जो उपलब्ध हों, वे यहाँ आवश्यकतानुसार मिलते हैं:

“यहोवा की जीवन-शपथ और मनुष्य की शपथ एक-दूसरे की समतुल्य नहीं होती, परन्तु वे एक दूसरे के भरोसे को मजबूत करते हैं” — (एतदर्थ सन्देह-निवारण के रूप में तात्पर्य)

आवश्यक उद्धरण (संक्षेप)

यदि उपलब्ध हो, नीचे तीन प्रमुख पादों के सार्वजनिक-डायग्रामा स्मरण आप शामिल कर सकते हैं: “यहोवा के जीवन की शपथ” और “तेरे जीवन की शपथ” के बीच का सम्बन्ध—यहाँ आस्था और मित्रता का एकीकृत संबंध उद्घाटित होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 20:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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व्यवस्थाविवरण 6:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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अपने परमेश्‍वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना, और उसी के नाम की शपथ खाना। (मत्ती 4:10, लूका 4:8)

1 शमूएल 25:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 25:26 (HINIRV) »
और अब, हे मेरे प्रभु, यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, कि यहोवा ने जो तुझे खून से और अपने हाथ के द्वारा अपना बदला लेने से रोक रखा है, इसलिए अब तेरे शत्रु और मेरे प्रभु की हानि के चाहनेवाले नाबाल ही के समान ठहरें।

1 शमूएल 27:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 27:1 (HINIRV) »
तब दाऊद सोचने लगा, “अब मैं किसी न किसी दिन शाऊल के हाथ से नष्ट हो जाऊँगा; अब मेरे लिये उत्तम यह है कि मैं पलिश्तियों के देश में भाग जाऊँ; तब शाऊल मेरे विषय निराश होगा, और मुझे इस्राएल के देश के किसी भाग में फिर न ढूँढ़ेगा, तब मैं उसके हाथ से बच निकलूँगा।”

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