Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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निर्गमन 35:26 का संक्षिप्त परिचय और पाथेय
यह पद उस समय का दृश्य उधृत करता है जब मूसा के निर्देशानुसार ईश्वर के लिए पवित्र उद्देश्यों के लिए बन रहे निर्मित वस्त्रों और उपकरणों के लिए दान और सज्जा की तैयारी चल रही थी। इस ठोर-तराशी के पीछे एक दृढ़ प्रामाणिकता और संयम है, जिसे बाबरल संस्कृति के बजाय परम पवित्र उद्देश्य के अनुरूप ढाला गया था।
संदेश का सार—ईश्वर और विश्वास का परिचय
इस वचन में स्पष्ट है कि परमेश्वर अपने भक्तों से ठीक-ठीक बारीकी और सतर्कता की अपेक्षा करते हैं। स्त्रियों के मन में बुद्धि ने जो प्रेरणा दी, वह देखिए — उन्होंने बकरी की कांति (बाल) काटकर उनके आध्यात्मिक योगदान को अंकित किया है। इसका तात्पर्य यह है कि विश्वास में भागीदारी केवल औपचारिक देना नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण दक्षता और लगन से काम करना है।
शब्दों का विश्लेषण और चित्रण
निकट सम्बन्धित पवित्र पाठ
– हिब्रू धर्म के निर्माण-कार्य के समय महिला सहयोग की सराहना करता है, जैसे बाहर से आये दान-स्वीकृति में भी भागीदारी।
– अन्य जगहों पर पवित्र वस्त्रों और उपकरणों के लिए विधि-संयोजन और दानो की महत्ता दिखती है।
आधुनिक अनुप्रयोग
आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ प्रेरणा देता है कि सेवा में भागीदारी केवल बड़े दान तक सीमित नहीं; बल्कि हर व्यक्ति के दिल से आने वाला विवेक, लगन और जिम्मेदारी एक साथ जुड़ कर समुदाय के बड़े कार्य को संभव बनाता है। महिलाएं भी सत्ता-नहीं, पर सूझ-बूझ और कुशलता के क्षेत्र में ईश्वर के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षिप्त अनुमान
– प्रेरणा के क्षेत्र में बने वस्त्रों के सजावट का हिस्सा बनने की बात अन्य स्थानों में भी मिलती है; यह समुदाय की समर्पण और सहयोग को दर्शाती है।
– दान देते समय आत्म-समर्पण और विवेक का संतुलन बनाए रखना सीख।
संपूर्ण सार
इस वचन से धर्म-कार्य के लिए प्रस्तुत हर सहभागिता को ईश्वर के सामने सम्मानजनक माना गया है—जहाँ विवेक, प्रतिबद्धता और सामूहिक सहयोग मिलकर एक पवित्र उद्देश्य को साकार करते हैं।
नोट: नीचे दिये गए विश्लेषण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के वास्तविक उद्धरण यदि उपलब्ध हों, तो संक्षेप में संकेतित हैं:
सार-संरचना में उक्त टीका-लेखक के स्पर्श मिलते हैं—पर पूर्ण उद्धरण नहीं; मूल विचारों के अनुरूप ही समाहित किया गया है।
पाठ-संदेश का संक्षेप बिंदु