Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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reader-friendly overview
निर्गमन 35:31 के यह वचन बतलाते हैं कि परमेश्वर ने बनाने के काम के लिए किस प्रकार एक व्यक्ति को अपनी পূर्ण आत्मा से धारण किया और उसे बुद्धि, समझ और ज्ञान से परिपूर्ण किया। यह तथ्य यह दिखाता है कि कारीगरी में भी प्रेरणा और विनिर्माण का स्रोत परमेश्वर ही है; मानव साधना को शाश्वत निर्देशन और नवीनता वह देता है जिसे मसीह के मार्ग में कार्य किया जाता है।
verses in context
इस अध्याय में मूसा नेतत्त्व के अंतर्गत यहूदी समाज अपनी धार्मिक और गतिशील सेवा के लिए तैयार हो रहा है। परमेश्वर ने वपत्र और विनिर्माण—कठिन बनावट, नारियों, आभूषण, और उपकरण—सबके लिए ऐसे लोगों को चुना जो उसका आत्मा लेकर सक्षम, सजग और सुनियोजित हों।sab बनावट के लिये बुद्धि, समझ, और ज्ञान—ये तीनों गुण अंतःकरण की सूझबूझ और दैवीय निर्देशन का उपहार हैं, जो योजना बनाते समय स्पष्ट दिशा और कुशल कार्य क्षमता देते हैं।
main spiritual lesson
मुख्य सीख यह है कि किसी भी कार्य में उत्कृष्टता तब मिलती है जब मनुष्य परमेश्वर की प्रेरणा से सम्पन्न हो। आध्यात्मिक-कार्य की सफलता केवल कौशल पर नहीं, परमेश्वर की आत्मा के प्रभाव और मार्गदर्शन पर टिके रहती है। यह verse यह भी दर्शाता है कि सेवा के लिए चुने गए हर व्यक्ति को न केवल हुनर चाहिए, बल्कि प्रभु की आत्मा से लैस होकर सही प्रेरणा और नैतिक विवेक भी चाहिए।
केन्द्रीय पाठ के साथ अन्य बाइबल संकेत
- प्रेरितों के काम 6:3 में मारकिसवर आत्मा से भरे हुए लोगों के चयन का संदर्भ मिलता है जो विश्वास और समर्पण के साथ सेवा करें। यह दिखाता है कि परिपूर्ण बनना समुदाय के लिए भी आवश्यक होता है।
- भविष्यवाणी 11:1-2 में प्रभु लोगों के दिलों को बना कर चलने की प्रेरणा देते हैं, ताकि वे सही मार्ग पर चलें और उनके निर्माण कार्य में ईमानदारी और ज्ञान बनाए रखें।
- योहान्ना 14:26 में शिक्षाएँ और स्मरण शक्ति पवित्र आत्मा द्वारा समर्थित होती हैं, जो शिक्षण और स्मरण को सुदृढ़ करती है।
cross-references with brief explanations
practical application
- अपनी सेवाओं या कौशल को परमेश्वर के आत्मा की सहायता से विकसित करें; बिना विनम्र प्रार्थना के कौशल न-existent रहते हैं।
- निर्णय लेते समय एकाग्रता और नैतिक विवेक बनाए रखें, ताकि बनावट के लिए उठाये कदम अच्छे और सहायक हों।
- प्रकृति, कला, या निर्माण-कार्य में भी ईश्वर का दिव्य निर्देशन माँगें—ताकि हर उपकरण और हर संरचना में उनकी महिमा दृश्यमान हो।
summary
निर्गमन 35:31 यह स्मरण देता है कि परमेश्वर के आत्मा से आकाशीय बुद्धि, समझ और ज्ञान मिलने से कार्य-क्षमता पूर्ण रूप से समर्थ होती है। यह शिक्षा मनुष्य-निर्माण के साथ परमेश्वर की भागीदारी का संकेत है—जो किसी भी योजना, निर्माण या सेवा के लिए आवश्यक है।
प्रकाशन के लिए संदर्भ-उद्धरण:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संक्षिप्त विचारों की आवश्यकता पड़ने पर उनके उपयुक्त उद्धरण उपलब्ध हैं; यहाँ आवश्यक शब्द-संदेश को पवित्र-आत्मा के प्रेरक निर्देश के अनुरूप समाहित किया गया है।