Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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निर्गमन 35:22 का तत्काल संदर्भ और भावार्थ
इस पद का पलटकर देखने वाला दृश्य तब आता है जब यहोवा की ओर से बनी Tabernacle के लिए दान जमा हो रहा था। स्त्री-पुरुष सब मिलकर गहनों का यह दान प्रस्तुत कर रहे थे—सोने के गहने, जुगनू, नथनी, मुंदरी और कंगन आदि—यही कारण है कि यह दान एक समष्टिगत विश्वास का प्रतीक बन गया। हर मनुष्यों ने अपनी इच्छा के अनुसार यह दान दिया, यह स्पष्ट करता है कि बाइबल में उद्धार-योजना के लिए सामूहिक आचरण कैसे बनता है; व्यक्तिगत निर्भरता और सामूहिक भागीदारी एक साथ चलती है।
यह पाठ परमेश्वर के सामने विश्वास और फलक-विश्वास का संकेत कैसे देता है
उच्चतम उद्देश्य के लिए अपने-अपने धन को प्रस्तुत करना, प्रायः एक भारी मानवीय अनुभव है। यहाँ दान का प्रमुख उद्देश्य सदा के लिए एक पवित्र स्थल की स्थापना है; यह यहोवा के साथ समुदाय के अपने संबंध को दर्शाने का एक साधन बनता है। यह दैनिक चिंता से ऊपर उठकर विश्वास की ओर कदम है: जो कुछ भी हमारे पास है, उसे परमेश्वर के कार्य के लिए छोड़ना और उसकी महिमा में लगना।
शब्दों और छवियों की स्पष्टता
“स्त्री, क्या पुरुष” का कथन समस्त समाज के प्रतिनिधित्व को दर्शाता है—सबकी भागीदारी परमेश्वर की योजना की पूर्ति में आवश्यक है। “सोने की भेंट” से अभिप्राय यह है कि भौतिक संपत्ति भी आत्म-समर्पण और कथन का माध्यम बन सकती है जब उसका उद्देश्य परमेश्वर के सेवा-कार्य हों। यह धातु के गहने एक भौतिक चिन्ह हैं जो आंतरिक समर्पण के साथ जुड़ते हैं।
अन्य पाठ के साथ संबद्ध निष्कर्ष
1) कई स्थानों पर यहोवा की योजना के लिए धन-संग्रह एक साथ होता है, जैसे आपनीजन के समय में भी एक समुदाय-स्तर की एकता दिखती है।
2) पूर्व से लेकर मध्य खेद तक का संदेश है कि परमेश्वर के लिए दिए गए दान में आस्था और समर्पण की कठोरता नहीं, बल्कि प्रेम और उत्साह के साथ भागीदारी है।
3) यह दान यह बताता है कि समुदाय के सदस्य एक साथ मिलकर एक विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना-अपना योगदान रखते हैं; यह संस्था-निर्माण की एक मिसाल बनती है।
प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण
इन संदर्भों के साथ, निर्गमन 35:22 हमें यह सिखाता है कि आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास नहीं है, बल्कि समुदाय की एकता और परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति में साझा योगदान है।
आज के जीवन में नयी प्रासंगिकता