निर्गमन 35:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तुम्हारे पास से यहोवा के लिये भेंट ली जाए, अर्थात् जितने अपनी इच्छा से देना चाहें वे यहोवा की भेंट करके ये वस्तुएँ ले आएँ; अर्थात् सोना, रुपा, पीतल;

पिछला पद
« निर्गमन 35:4
अगला पद
निर्गमन 35:6 »

निर्गमन 35:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहोवा के लिये भेंट देना: निर्गमन 35:5 के अर्थ की स्पष्ट व्याख्या

इस पद का मूल अर्थ है—जो भी लोग अपनी इच्छा से यहोवा की सेवा के लिए देना चाहते हैं, वे सोना, चाँदी (रुपा), तथा पीतल जैसी भेंटें लाकर दें; यह दान संयोजन रूप से संस्था के निर्माण और सेवाकार्य हेतु स्वीकार किए जाते हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

निर्गमन 35 अध्याय इस्रएल के लोग यहूदा-फिरनी में स्वर्गीय व्यवस्था के अनुसार मिस्त्री और कारीगरों की मदद से दाऊद के मंदिर-योजना नहीं, बल्कि यहोवा के माउंट पर दिये निर्देशानुसार कुल्हाड़ियों, वस्त्रों, तथा भेंटों की सामुदायिक तैयारी का भाग है। इस अध्याय में यह स्पष्ट किया गया है कि परमेश्वर की सेवा के लिए स्वेच्छा से दान देनें का पुरस्कृत उद्देश्य है—कार्य का भागीदारीगत स्वरूप और समुदाय की साझा जिम्मेदारी।

Interpretive observations

  • स्वेच्छा से दान देना: “अपने देह की इच्छा से देना” यह दर्शाता है कि भेंट परमेश्वर की कृपा पर प्रतिक्रिया है, मन की उदारता और श्रद्धा का परीक्षण है।
  • भेंटों का प्रकार: सोना, चाँदी, और विद्युत-धातु (पीतल) जैसी बहुमूल्य सामग्री का चयन दर्शाता है कि देवयज्ञ के लिए उच्चतम प्रिय वस्तुओं का दान किया जाना चाहिए, जो समाज की समृद्धि और सेवाभाव की सामूहिक कोशिश को दिखाते हैं।
  • समुदाय-आधारित बुलाहट: यह व्यवस्था कि जो चाहे दे सकता है, यह समुदाय की साझा भागीदारी और दायित्व की भावना को बल देती है।

महत्वपूर्ण विचार (फोकस्ड observations)

  1. प्रेरणा और आस्था: दान करना केवल धन की मात्रा नहीं, बल्कि आस्था की अभिव्यक्ति है—यह भगवान के सम्मान और सेवक-संस्था की प्रतिबद्धता है।
  2. उचित उद्देश्य: भेंटें मंदिर-संगठन के निर्माण और सेवाओं के लिए नियत हैं—अर्थात् पूजा, उपकरण, और चढ़ावे से जुड़े कार्यों के पीछे स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए।
  3. गुणवत्ता की मानक: बहुमूल्य धातुओं का उल्लेख यह बताता है कि दान की गुणवत्ता और मूल्य से परमेश्वर की महत्ता का सम्मान किया गया है।

संक्षिप्त थीम-सूची

अनुसंग पहुँच: क्रॉस-रेफरेंसेस

उद्धृत संदर्भों के केन्द्र में यहोवा के निर्देशों पर response, और दान-प्रकार की गंभीरता है:

  • निर्गमन 25:2— पहला दान-आह्वान जहाँ यह कहा गया है कि लोगों से भेंटें मांगो ताकि वे यहोवा के लिए तैयार सामग्री दें। यह अवधारणा क्रीड़ा देती है कि दान समुदाय के लिए प्रेरणास्थल है।
  • हीब्रू 9:22— प्राचीन कानून में अशुद्धि के बिना दान की महता, बलिदान के समुचित ढंग से उत्पादन—भाव-जनित समर्पण।
  • राजाओं 8:63— पवित्र भवन के लिए समर्पण के शुभ अवसरों पर दान की महिमा और समर्पण के प्रभाव के संकेत।

संश्लेषणात्मक निष्कर्ष

इस भेंट-आह्वान में यह सिद्ध होता है कि ईश्वर अपनी सेवा के लिए लोगों की स्वेच्छा और खुशी से दिया गया योगदान स्वीकार करते हैं। दान का उद्देश्य महिमा-स्वरूप परमेश्वर के सम्मान और समुदाय की आवश्यकताओं की पूर्ति है। यह कदम यह भी दिखाता है कि आध्यात्मिक जीवन में भागीदारी केवल व्यक्तिगत भक्ति नहीं, बल्कि सामूहिक निर्माण का पेटेंट है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

आज के संदर्भ में: अपने विश्वास के अनुसार उदारतापूर्ण योगदान दें—जहाँ से संभव हो, सहायता-निर्भर परियोजनाओं में हिस्सा लें, और दान को व्यक्तिगत लाभ-लाभ नहीं बल्कि समुदाय-सेवा का अंग मानें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 35:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

निर्गमन 25:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 25:2 (HINIRV) »
“इस्राएलियों से यह कहना कि मेरे लिये भेंट लाएँ; जितने अपनी इच्छा से देना चाहें उन्हीं सभी से मेरी भेंट लेना।

2 कुरिन्थियों 9:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 कुरिन्थियों 9:7 (HINIRV) »
हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे; न कुढ़-कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्‍वर हर्ष से देनेवाले से प्रेम रखता है। (व्य. 18:10, नीति. 22:9, नीति. 11:25)

भजन संहिता 110:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 110:3 (HINIRV) »
तेरी प्रजा के लोग तेरे पराक्रम के दिन स्वेच्छाबलि बनते हैं; तेरे जवान लोग पवित्रता से शोभायमान, और भोर के गर्भ से जन्मी हुई ओस के समान तेरे पास हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें