Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 6:7 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 6:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परमेश्वर के उस भवन के काम को रहने दो; यहूदियों का अधिपति और यहूदियों के पुरनिये परमेश्वर के उस भवन को उसी के स्थान पर बनाएँ।
एज्रा 6:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 6:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रेरितों के काम 5:38 (HINIRV) »
इसलिए अब मैं तुम से कहता हूँ, इन मनुष्यों से दूर ही रहो और उनसे कुछ काम न रखो; क्योंकि यदि यह योजना या काम मनुष्यों की ओर से हो तब तो मिट जाएगा;
एज्रा 6:7 का संदर्भ और अर्थ
इस पद में परमेश्वर ने यहूदियों के अधिपतियों और पुराने पुरानियों से कहा है कि वे परमेश्वर के भवन के काम में बाधक न बनें और उसे उसकी जगह पर बनाए रखें। यहूदियाँ जब लौट आईं, तो विधर्मियों के विरुद्ध संघर्ष के बीच के समय में पूजा‑स्थल के पुनर्निर्माण के लिए यात्रियों और नेताओं से स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर रहे थे कि मंदिर का स्थायित्व और उपस्थिति क्रमबद्ध ढंग से स्थापित हो। यह वचन मंदिर के काम को रोकने वाले बाहरी दबावों के विरुद्ध दृढ़ता और नियत पालना का संकेत देता है।
केंद्रीय अर्थ
यह verses यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर का मंदिर अपना कार्य पथ पर चलना चाहिए, और शासनकर्ता/उत्थानकर्ताओं को भी उसी क्रम और योजना के अनुसार चलना चाहिए जो प्रभु ने निर्धारित की है। मंदिर‑निर्माण में कानूनी और धार्मिक अधिकार का समन्वय आवश्यक है—जब यह स्पष्ट निर्देश मिलते हैं, तब अधिकारियों को भी असुरक्षित या अस्थिर निर्णयों से दूर रहकर मंदिर के नियमों के अनुसार चलना चाहिए।
मुख्य विषय
संबंधित पवित्र ग्रंथ
– भवन‑निर्माण और निर्देशों के पालन से जुड़ी बातें पुराने नियम में बारम्बार मिलती हैं; उदाहरण के तौर पर उन अध्यायों में जहां यहूदियों को मंदिर के संचालन के लिए ठहराव और प्रशासनिक स्पष्टता दी जाती है।
– से उद्धृत अन्य पवित्र ग्रंथ: नर के नेतृत्व के साथ धार्मिक व्यवस्था का संतुलन दिखाने वाले संदर्भ मिलते हैं जो प्रभु के निर्देशों के प्रति निष्ठा को प्रोत्साहित करते हैं।
व्यावहारिक चिंतन
हमारे जीवन में भी जब किसी संस्थान या समुदाय के उद्देश्य स्पष्ट हों, तो शीर्ष नेतृत्व को भी पारस्परिक सम्मान और पवित्र नियमों के मुताबिक चलना चाहिए ताकि सामूहिक आस्था सुरक्षित रहे। कार्य की तैयारी में बाधक न बनना, सहयोगी होना और क्रम बनाए रखना—ये भगवान के घर के उत्साहपूर्ण उद्देश्य को मजबूत करते हैं।
सारांश
एज्रा 6:7 यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर के भवन‑कार्य में स्पष्ट निर्देशों के अनुसार नीति और नेतृत्व का समन्वय अनिवार्य है। मंदिर को उसकी सही जगह और क्रम में बनाना, यहूदियों के पुरनियों और अधिपतियों के बीच एक साझा जिम्मेदारी थी जो समाज के आध्यात्मिक सुधार को गति देती है।
क्रॉस‑रेफरन्स (संकेतित सार)
– पवित्र मंदिर की दीर्घकालीन सुरक्षा और निर्देशों के अनुकूलन पर ध्यान देना।
– सामाजिक‑धार्मिक नेतृत्व और समुदाय की सहभागिता के संतुलन की सीख।
संक्षिप्त उद्धरण (प्रसंगानुसार)
यदि उपलब्ध हो, मैथ्यू हेनरी, आल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के संक्षिप्त उद्धरण—वे सीधे इस वचन के स्पष्ट अर्थ को पुष्ट करते हैं कि परमेश्वर के भवन का कार्य बिना बाधा के चले और धार्मिक नेताओं को उसकी व्यवस्था के अनुसार चलना चाहिए।