एज्रा 6:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“अब हे महानद के पार के अधिपति तत्तनै! हे शतर्बोजनै! तुम अपने सहयोगियों महानद के पार के फारसियों समेत वहाँ से अलग रहो;

पिछला पद
« एज्रा 6:5
अगला पद
एज्रा 6:7 »

एज्रा 6:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

एज्रा 6:6 का तात्पर्य

सीधे शब्दों में कहा जाए तो यहाँ यह कहा गया है कि यहूदियों के ऊपर विदेशी प्रशासन के दबाव के बावजूद परमेश्वर का संदेश और यहूदियों का दायित्व बना रहता है: मेरे आदेश से काम करें, फिर चाहे वे किस व्यवस्था से आए हों। विशेष रूप से महानद पार के अधिपतियों और फारसियों को संबोधित कर कहा गया कि वे यहूदियों के फिर से निर्माण और मंदिर के पुनर्स्मारक कार्य में बाधा न डालें।

परिप्रेक्ष्य

एज्रा-Nehemiah-पसंद की घटनाओं के समय, बाइबल के यहूदियों पर बाबुली दासत्व के बाद वापसी का क्रम चल रहा था। राजा दारियस के शासनकाल में स्पष्ट निर्देश मिला कि यहूदियों का मंदिर निर्माण अवरोध मुक्त रहे। यहाँ के शब्द “तत्तनै” और “शतर्बोजनै” फारसी समर्थकों के बीच के राजनैतिक दबाव को रेखांकित करते हैं, ताकि किसान की तरह बंधन न बने और यहूदियों का धार्मिक क्रिया-कलाप जारी रहे।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • राजनीतिक दबाव बनाम धार्मिक दायित्व: यहूदी समुदाय को अपने पूजा-स्थल के निर्माण के लिए बुद्धिमानी से मार्गदर्शन चाहिए था, ताकि बाहरी दखल उनके धर्मकार्य को प्रभावित न करे।
  • विश्वासयोग्यता और विविध हित: फारसी अधिकारियों के साथ संतुलन बनाते हुए यहूदियों ने परमेश्वर के निर्देशों को प्राथमिकता दी।
  • धर्म-क्रिया की सुरक्षा: यहूदियों के मंदिर निर्माण के लिए यह स्पष्ट संकेत है कि सीमाओं के बावजूद परमेश्वर का उद्देश्य आगे बढ़ना चाहिए।

संक्षिप्त थीमैटिक सूची

संलग्न क्रॉस-रेफरेंसेज़

• हबक्कूक 2:4— विश्वास और कर्म के संतुलन का संदेश देता है कि व्यक्ति की आस्था उसके कार्यों से स्पष्ट होनी चाहिए।

• दानियेल 6:27— प्रभु के संस्थानों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने का सुझाव देता है ताकि पूजा और समाधि को बाधित न किया जाए।

• नीतिवाक्यों 3:5-6— परमेश्वर पर पूर्ण विश्वास और उसी के मार्ग पर निर्भरत को उद्धघोषित करता है कि वह स्पष्ट बोध देता है और मार्ग दिखाता है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

यह अध्याय हमें यह सिखाता है कि कर्म-धर्मी जीवन में राजनीतिक दबाव स्वाभाविक है, परन्तु ekhlQ के निर्देशों के प्रति निष्ठा बनाए रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। वास्तविक प्रगति तब होती है जब लोग ईश्वर की योजना को प्राथमिकता दें और आवश्यक कदम उठाते हुए अपने समुदाय के लिए स्थायित्व और सुरक्षित वातावरण बना दें।

नोट: नीचे दिए गए उद्धरण विशिष्ट वक्तव्य मात्र हैं और केवल उन विद्वानों के स्वीकृत शब्द हैं जिनका हिन्‍दी अनुवाद उपलब्ध है।

उद्धरण (जहाँ उपलब्ध हो)

“क्या तुम उनकी सहायता करोगे जो विश्वासी के मार्ग में बाधा डालते हैं, या उनके साथ सहयोग करोगे जो परमेश्वर की योजनाओं में मदद नहीं करते?” (Matthew Henry से संबंधित विचारों के सार)

संदर्भित विचारधारा: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke— इन विद्वानों के प्रकाश में यहूदियों के पुनः-निर्माण के क्रम को धर्म-निरपेक्ष दबाव के बीच संतुलित करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

एज्रा 6:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

एज्रा 5:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 5:3 (HINIRV) »
उसी समय महानद के इस पार का तत्तनै नामक अधिपति और शतर्बोजनै अपने सहयोगियों समेत उनके पास जाकर यह पूछने लगे, “इस भवन के बनाने और इस शहरपनाह को खड़ा करने की किस ने तुम को आज्ञा दी है?”

एज्रा 5:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 5:6 (HINIRV) »
जो चिट्ठी महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतर्बोजनै और महानद के इस पार के उनके सहयोगियों फारसियों ने राजा दारा के पास भेजी उसकी नकल यह है;

रोमियों 8:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 8:31 (HINIRV) »
तो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्‍वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? (भज. 118:6)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें