Old Testament
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एज्रा 6:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतर्बोजनै और उनके सहयोगियों ने दारा राजा के चिट्ठी भेजने के कारण, उसी के अनुसार फुर्ती से काम किया।
एज्रा 6:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 6:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 4:9 (HINIRV) »
उस समय रहूम राजमंत्री और शिमशै मंत्री और उनके अन्य सहयोगियों ने, अर्थात् दीनी, अपर्सतकी, तर्पली, अफ़ारसी, एरेकी, बाबेली, शूशनी, देहवी, एलामी,

एज्रा 6:6 (HINIRV) »
“अब हे महानद के पार के अधिपति तत्तनै! हे शतर्बोजनै! तुम अपने सहयोगियों महानद के पार के फारसियों समेत वहाँ से अलग रहो;

एज्रा 4:23 (HINIRV) »
जब राजा अर्तक्षत्र की यह चिट्ठी रहूम और शिमशै मंत्री और उनके सहयोगियों को पढ़कर सुनाई गई, तब वे उतावली करके यरूशलेम को यहूदियों के पास गए और बलपूर्वक उनको रोक दिया।
एज्रा 6:13 — वास्तविक स्थिति और परमेश्वर की सहायता
यह पवित्र पाठ फारस शाहनशाह दारा के काल की उस घटना का भाग है जिसमें यहूदियों के मंदिर-निर्माण के पुनः आरम्भ की अनुमति मिलती है। परदेश के अधिपति तत्तनै, शतर्बोजनै और उनके सहयोगी इस संदेश को पकड़े हुए आये कि दारा के आदेश के अनुसार कार्य करने में देरी न हो और मांग पूरी हो। उनके चिट्ठी के कारण उन्होंने तेजी से कदम उठाये। यह घटना परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार इंसानी योजनाओं के प्रभाव को दर्शाती है, और बताती है कि शासन के साथ सही तरह से चलना भी परमेश्वर द्वारा समर्थित हो सकता है जब वह इच्छा के अनुरूप हो।
ईश्वरीय विश्वास पर पाठ का संकेत
यह पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर के कार्य में हस्तक्षेप तब आता है जब उसकी योजना पर अडिग विश्वास रखा जाए। यहूदियों ने मंदिर के पुनः निर्माण के लिए अनुमति माँगी थी; राजा ने अपने चिट्ठी में स्पष्ट आदेश दिया कि कार्य हो। उन अधिपतियों का तात्पर्य यह है कि परमेश्वर के लोगों के सामने मानव सरकार की सीमाएँ भी प्रयोगरत नहीं हो पातीं, यदि वह भागीदारी और व्यवस्था में ईमानदारी से कदम बढ़ाते हैं।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
“महानद के इस पार के अधिपति” का उल्लेख यह दिखाता है कि सत्ता-स्तर के लोग भी परमेश्वर के कार्य से जुड़े निर्णयों में भाग लेते हैं, पर उनकी भूमिका नियंत्रण और संरक्षा की है। “चिट्ठी भेजने के कारण” से स्पष्ट होता है कि लिखित आदेशों के अनुसार ही प्रकरण आगे बढ़ते हैं—यह कानून और व्यवस्था के सम्मान का प्रतीक है, जिसमें परमेश्वर के लोग धैर्य और आज्ञापालन दिखाते हैं।
संबद्ध आयतें/सूत्र
• नतीजों की दृष्टि से एज्रा 5 के पहले भाग में भी मंदिर-निर्माण पर रोक और फिर परमेश्वर–कर्तव्य से प्रेरित उत्थान दिखता है।
• दान-धर्म के संदर्भ में Ezra 4–6 में विदेशी बाधाओं के बावजूद ईश्वर के बहाव को याद किया गया है।
• दानी संदेशों के साथ राजा की चिट्ठी और कानून के अनुरूप आचरण के नीचे परमेश्वर का योजनाबद्ध मार्ग स्पष्ट है।
पूर्वपरीक्षण से सीख
Matthew Henry की टिप्पणी से निवड: ईश्वर के जन विचारशील तरीके से आगे बढ़ते हैं—ना तो अवरोधों से कारणवश हताश होते हैं, न ही बिना योजना के आगे बढ़ते हैं। Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों में भी यह देखा गया है कि मानव सरकार के आदेशों के अनुरूप चलना तब उचित है जब वह परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप हो।
आज के लिए अनुप्रयोग
संक्षेप सार
एज्रा 6:13 बताता है कि परमेश्वर के लोग जब साफ़ उद्देश्य और ईमानदार आचरण के साथ कदम बढ़ाते हैं, तब मानव शासन भी उनके पक्ष में सहायता देता है। यह विश्वास—यही है कि परमेश्वर की योजना समय पर पूरी होती है, चाहे मार्ग में कितने ही चिट्ठी-आदेश क्यों न हों।
मुख्य उद्धरण: “तथा उनके सहयोगियों ने दारा राजा के चिट्ठी भेजने के कारण, उसी के अनुसार फुर्ती से काम किया।” (पाठ का सार)