Old Testament
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एज्रा 6:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस्राएली, अर्थात् याजक लेवीय और जितने बँधुआई से आए थे उन्होंने परमेश्वर के उस भवन की प्रतिष्ठा उत्सव के साथ की।
एज्रा 6:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 6:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 इतिहास 7:5 (HINIRV) »
राजा सुलैमान ने बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़-बकरियाँ चढ़ाई। यों पूरी प्रजा समेत राजा ने यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की।

1 राजाओं 8:63 (HINIRV) »
और जो पशु सुलैमान ने मेलबलि में यहोवा को चढ़ाए, वे बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ें थीं। इस रीति राजा ने सब इस्राएलियों समेत यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की।

मतलब का प्रत्यक्ष बयान
इस्राएली, याजक लेवीयों और दास-वत वाहक बंधुआई से लौटे लोगों ने परमेश्वर के घर की पवित्रता और प्रतिष्ठा को उत्सव के साथ मनाया, यह स्पष्ट करता है कि प्राथमिक उद्देश्य एकादशी के उल्लास के साथ पवित्र मन्दिर का पुनः पूजा-स्थल बनना है।
प्रासंगिक पृष्ठभूमि
एज्रा 6 अध्याय में लौटे यहूदी समुदाय अपने स्थान पर जालिम शासन के बाद बंधन से लौटता है, और उनका लक्ष्य मंदिर की मरम्मत के साथ परमेश्वर के आशीष की पुनः स्थापना है। यह आयत मंदिर के उद्घोषणात्मक सम्मिलन, योसाउन के उत्सव के साथ एक नये आरम्भ का संकेत है—यानी किसी भी विफलता से उभरकर परमेश्वर के निवास स्थान का आध्यात्मिक पुनरुज्ज्वलन।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
• दायित्वबद्ध पुनर्निर्माण के साथ पवित्र उत्सव मनाने की यह घटना यह दर्शाती है कि सत्य धार्मिक रीति-रिवाज के साथ समुदाय की एकता और परमेश्वर की महिमा को केंद्र में रखती है।
• ईश्वर के भवन की प्रतिष्ठा से यहूदियों की पहचान और कर्तव्य की दृढ़ता प्रकट होती है—यानी भोग-आश्रय नहीं, बल्कि पवित्रता के लक्ष्यों के प्रति समर्पण।
छः संक्षिप्त विचार‑सूचियाँ
अनुशंकी cross‑references
1) हबूक 2:14 से यह विचार मिलता है कि लोगो के बीच प्रेम और पवित्रता के साथ परमेश्वर का घर महिमा से परिपूर्ण होता है; यह संदर्भ बताता है कि ईश्वर की प्रतिष्ठा कितनी आध्यात्मिक महत्ता रखती है।
2) दानिये 9:17‑19 के अनुरूप, मंदिर-निर्माण और समुदाय के बीच प्रार्थना और ध्वनि-उल्लास एक साथ उभरते हैं, जिससे परमेश्वर की कृपा प्रकट होती है।
3) एकीकृत पंथ के साथ हिब्रू 12:28‑29 का संकेत कि हमारे खुशी और भक्ति को परमेश्वर के राज्य की स्थिरता के अनुरूप होना चाहिए।
संग्रहीत नैतिक takeaway
परमेश्वर के भवन की प्रतिष्ठा उत्सव के साथ मनाने से यह दर्शित होता है कि बाहरी समारोहों में भी आंतरिक पवित्रता, समुदाय की एकता, और सेवक-भावना एक साथ उभरती है। यह हमें याद दिलाता है कि धार्मिक रीति-रिवाज केवल परंपरा नहीं, बल्कि परमेश्वर की महिमा को केन्द्र में रखने वाला जीवन है।
इतिहास-उद्धरण के संकेत
यह commentaryMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों से प्रेरित सामंजस्यपूर्ण समाकलन है। यदि आप चाहें तो नीचे उनके निर्देशित वचनों के छोटे उद्धरण देख सकते हैं:
उद्धरण संकेत: Matthew Henry से स्पष्ट शब्दांश आवश्यकतानुसार उद्धृत हैं—उद्धरण के स्थान पर “वह कहते हैं” जैसी पहचान दी जा सकती है।