उत्पत्ति 6:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और सुन, मैं आप पृथ्वी पर जल-प्रलय करके सब प्राणियों को, जिनमें जीवन का श्‍वास है, आकाश के नीचे से नाश करने पर हूँ; और सब जो पृथ्वी पर हैं मर जाएँगे।

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उत्पत्ति 6:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

यथार्थ अर्थ और संदर्भ

उत्पत्ति 6:17 में परमेश्वर पूर्वसूचित करते हैं कि बड़े जल-प्रलय के द्वारा पृथ्वी के ऊपर रहने वाली समस्त प्राणियों को नाश किया जाएगा—आकाश के नीचे से जीवन का श्वास समाप्त हो जाएगा और जो पृथ्वी पर हैं सब मर जाएँगे। इसे एक विनाशकारी बल्कि निर्णायक न्याय का संदेश माना जाता है, जिससे परमेश्वर के सृष्टि-कार्य के प्रति उसकी पवित्रता और निर्मलता-responsibility उभरती है।

पृष्ठभूमि और स्थिति

यह कथन वे समय का भाग है जब पृथ्वी में पाप की गम्भीरता सभी सीमा तक पहुँची थी। परमेश्वर ने आदम-पृथ्वी के प्रकार पर शासन और प्रतिपालकता के बावजूद मानवीय दुष्कर्म को देखा और विनाश की योजनाओं की घोषणा की। फिर भी इन शब्दों के साथ अनुमोदन है कि उद्धार की योजना के साथ नोआ और उसकी कुटुंब के लिए पथ-प्रदर्शक भी रखा गया।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • यौवन-क्रिया से परे, यह आवाज पृथ्वी की स्थिति की जवाबदेही को दर्शाती है—सृजित कर्तव्य के अनुरूप परिणाम।
  • जल-प्रलय का संकेत सिर्फ भौतिक विनाश नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक ढांचे के तेज परिवर्तन का प्रतीक है—नए आरम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करना।
  • ईश्वर की न्याय-गम्भीरता के साथ उद्धार के अवसर की भी व्यवस्था है—नोआ के वंश के लिए नाव बनना और सुरक्षा प्रदान होना एक उद्धार-योजना का भाग है।

संरेखित सूक्तियाँ (मुख्य विचार)

इस संदर्भ में देखते हैं कैसे न्याय और करुणा एक साथ चलते हैं। परमेश्वर का यह proclamatory शब्द जल्दबाजी नहीं, बल्कि एक मिशन-निर्देश है, जिसमें सृजन के उद्देश्य और मानव-प्रवृत्ति की परीक्षा एक ही समय में जुड़ती है।

क्रॉस-विचार-प्रस्ताव

संदर्भ-युगल/फुटनोट्स:

  • ोदाहरणार्थ, पवित्र-निर्देश और न्याय की एकता दिखाने वाले अन्य प्रकरण: पहले परमेश्वर के न्याय के साथ उद्धार की राह भी खुली रहती है।
  • प्रवृत्ति-नियंत्रण और दया: दया के माध्यम से नोआ के परिवार को संरक्षण दिया गया—यह दर्शाता है कि परमेश्वर परम-न्याय के साथ परम-करुणा भी दिखाते हैं।

व्यावहारिक समझ: जब संसार में बुराई अधिक हो, तब भी परमेश्वर कर्तव्य-नियमों के अनुसार जवाबदेही तय करते हैं, परन्तु वेहू के भीतर उद्धार का अवसर भी बनाते हैं—हम भी अपने जीवन में ईमानदार व्यवहार और विश्वास-आधारित विश्वास के साथ प्रस्तुत हों।

छोटी विचारसूची

  • परमेश्वर की न्याय और मालिकाना हक स्पष्ट है।
  • उद्धार का मार्ग उसी समय खुला जब पाप की गहराई बढ़ी।
  • विश्वास और पालन-Noah के उदाहरण में एक आस्था-यात्रा मिलती है।

प्रत्येक पाठ के साथ संबद्ध संदर्भ

1) गलतियों पर चेतावनी और उद्धार की योजना—याद दिलाती है कि परमेश्वर अपनी सृष्टि के लिए दोष-सुधार और पुनर्निर्माण का कार्य करते हैं।

2) न्याय-नियमन के साथ सुरक्षा का सार—the Noah की नाव से प्रतीकात्मक सुरक्षा, विश्वास के अनुसार भागीदारी।

3) नई शुरुआत की संभावना—भगवान के मिलन-योजनाओं में पुनर्निर्माण और पवित्र जीवन की शुरुआत शामिल है।

छोटा व्यावहारिक निष्कर्ष

हम अपने समय में धार्मिक सचाइयों को कैसे लागू करें: परमेश्वर के राज्य-कार्य के प्रति विश्वास बनाए रखें, नैतिकता और करुणा के साथ दूसरों की रक्षा करें, और निरंतर प्रार्थना व अनुपालन के कारण जीवन के हर चरण में उद्धार की आशा रखें।

नोट: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes तथा Adam Clarke के प्रत्यक्ष उद्धरण यहां संক্ষেপित अभिधारणा के रूप में सम्मिलित नहीं हैं; यदि चाहें तो मैं उनके विशिष्ट विचारों से संकुल मानते हुए संक्षिप्त उद्धरण दे सकता हूँ।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 6:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 पतरस 2:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 पतरस 2:5 (HINIRV) »
और प्राचीन युग के संसार को भी न छोड़ा, वरन् भक्तिहीन संसार पर महा जल-प्रलय भेजकर धार्मिकता का प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया; (उत्प. 6:5-8, उत्प. 7:23)

उत्पत्ति 7:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 7:4 (HINIRV) »
क्योंकि अब सात दिन और बीतने पर मैं पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक जल बरसाता रहूँगा; और जितने प्राणी मैंने बनाये हैं उन सबको भूमि के ऊपर से मिटा दूँगा।”

उत्पत्ति 7:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 7:21 (HINIRV) »
और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या जंगली पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी में बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए।*

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