यशायाह 22:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि सेनाओं के प्रभु यहोवा का ठहराया हुआ दिन होगा, जब दर्शन की तराई में कोलाहल और रौंदा जाना और बेचैनी होगी; शहरपनाह में सुरंग लगाई जाएगी और दुहाई का शब्द पहाड़ों तक पहुँचेगा।

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यशायाह 22:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 22:5 का संदेग और संदर्भीय अर्थ

यह पद यशायाह के ऐसे चिह्नों और चेतावनियों के भाग में आता है जहाँ परमेश्वर के विरूद्ध ढीठता और निर्भीकता के परिणाम स्वरूप आने वाले दंड का चित्रण है। पूर्वव्याप्त कथा में महाजनक, सुरंग-योजना और शहर के भीतर ही निराशा की स्थिति का वर्णन है—यह संकेत है कि शाही संस्थाओं के कमजोर होने के समय ईश्वर के ठहराए दिन आते हैं। यह वाणी दर्शन-परिकल्पना नहीं, बल्कि वास्तविक कष्ट और प्रस्थिति का आह्वान है जिसमें लोग चेतावनी पाते हैं कि सत्ता-व्यवस्था कैसी भी हो, परमेश्वर के निर्णय से बचना संभव नहीं।

केंद्रीय अर्थ

पात्र-घराने की दिनचर्या में हर प्रकार का अव्यवस्थितता और भय उभरकर सामने आता है: दर्शन की तराई में हलचल, रौंदा जाना, और बेचैनी—ये सब दर्शाते हैं कि परमेश्वर के न्यायी दिन आ पहुँचे हैं। सुरंग लगाना और दुहाई के शब्द का पहाड़ों तक पहुँचना यह संकेत है कि मानव-योजना कितनी भी गहरी क्यों न हो, ईश्वर के संदेश और चेतावनियाँ टिकती हैं और उनसे बचना कठिन है। यह न होकर भी, दीन-हीन और उन्मुख समाज के भीतर भय का आघात है, जिसे शास्त्र बताता है कि यह हर घड़ी के लिए चेतावनी है कि प्रभु के दिन में व्यवस्था नहीं, विनाश संभव है।

मुख्य विषय

  • दिन-नियति और न्याय: सेनाओं के प्रभु Yahweh का ठहराया हुआ दिन—जो कुछ भी हो, वह ईश्वर के शासन के बाहर नहीं।
  • मानवीय योजनाओं की सीमाएं: शहर-योजना और सुरंग-योजना के बावजूद दुष्टता के दिन में भी सुरक्षा नहीं मिलती।
  • दबाव और चित्त-विकल्प: दुहाई का शब्द पहाड़ों तक पहुँचेगा—यानी हमारी आपसी सहायता, राजनीतिक शक्ति या धारणा सब व्यर्थ होती दिखती है जब परमेश्वर न्याय करता है।

कथन-सामर्थ्य के पीछे के संबंधी विचार

यशायाह 22 में अकासी, रसूल और नगर-प्रमुखों के कर्तव्य पर प्रश्न उठते हैं—यह दृश्य ईश्वर के ऐतिहासिक निर्णय और राज्य-प्रणालियों के बीच संतुलन की बात करता है। नीचे के पार्श्व-गद्य से जुड़े अन्य साक्ष्य भी मार्गदर्शक हैं:

  • यशायाह 13:6-11 — आक्रामक दिन की चेतावनी और परमेश्वर के क्रोध का दिन। विपक्षी बलों के बजाय पाप और आत्म-निर्भरता पर चोट।
  • यशायाह 28:14-19 — चतुराई और योजना की सीमाओं पर पराक्रम; ईश्वर की न्याय-रेखा ऊपरी है।

व्यावहारिक विचार

हमारे जीवन में त्रासद समय आते हैं, परन्तु विश्वास का मार्ग यह है कि हम व्यवस्था की शांति और सुरक्षा के स्थान पर परमेश्वर की स्तुति करें, अपनी योजनाओं को उसकी दिव्य योजनाओं के अनुसार ढालें। अस्थिरता के समय में भी ईश्वर हमारे भीतर शांति देता है, जब हम उसकी दिशा में सावधानीपूर्वक चलते हैं।

संक्षेप

यशायाह 22:5 में बताई गई दिनचर्या स्पष्ट करती है कि प्रभु के न्याय के दिन सभी मानवीय उपायों की सीमाएं हैं और केवल ईश्वर ही स्थिर शरण देता है। दर्शन की तराई, रौंदा जा रहा नगर और पहाड़ों तक पहुँचती दुहाई—ये सभी चेतावनियाँ हैं कि मनुष्यता को अपनी निर्भरता परमेश्वर पर करनी है।

छोटे संदर्भ-निर्देश

पेयुक्त क्रिया-रूप में यह verse उपर्युक्त विषयों से जुड़ी है, और नीचे के संदर्भ इसे गहराई से समझाने में मदद करते हैं:

  • यशायाह 1:24-31 — पाप के परिणाम और उद्धार की उम्मीद।
  • यशायाह 57:11-13 — भय का प्रतिकार, परमेश्वर के द्वारा उद्धार की ओर ध्यान आकर्षण।

उद्धरण उद्धृत स्रोत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डোমेन टिप्पणी-खंड से समेकन हेतुः उनके विचारों के सारांश इस सार में समाहित किए गए हैं; उनके प्रत्यक्ष उद्धरण आवश्यक जगहों पर नीचे छपे हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 22:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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विलापगीत 1:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
विलापगीत 1:5 (HINIRV) »
उसके द्रोही प्रधान हो गए, उसके शत्रु उन्नति कर रहे हैं, क्योंकि यहोवा ने उसके बहुत से अपराधों के कारण उसे दुःख दिया है; उसके बाल-बच्चों को शत्रु हाँक-हाँक कर बँधुआई में ले गए।

यशायाह 10:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 10:6 (HINIRV) »
मैं उसको एक भक्तिहीन जाति के विरुद्ध भेजूँगा, और जिन लोगों पर मेरा रोष भड़का है उनके विरुद्ध उसको आज्ञा दूँगा कि छीन-छान करे और लूट ले, और उनको सड़कों की कीच के समान लताड़े।

यशायाह 37:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 37:3 (HINIRV) »
उन्होंने उससे कहा, “हिजकिय्याह यह कहता है कि 'आज का दिन संकट और उलाहने और निन्दा का दिन है, बच्चे जन्मने पर हुए पर जच्चा को जनने का बल न रहा।

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