यशायाह 50:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

प्रभु यहोवा ने मुझे सीखनेवालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूँ। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है* कि मैं शिष्य के समान सुनूँ।

पिछला पद
« यशायाह 50:3
अगला पद
यशायाह 50:5 »

यशायाह 50:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 50:4 — हिन्दी टीका

सीधे शब्दों में अर्थ: प्रभु यहोवा ने मेरे लिए सीखनेवालों की जीभ दी है ताकि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभाल सकूँ। मुझे हर भोर वह जगाता है और मेरा कान खोलता है ताकि मैं शिष्य के समान सुनूँ।

परिप्रेक्ष्यगत पृष्ठभूमि

यशायाह 50 अध्याय का अभिप्राय एक अत्यंत व्यक्तिगत, आत्म-समर्पणपूर्ण आशीर्वाद का है। नबीन, दासत्व और प्रताड़ना के वर्षों के बाद, दास-स्वभाव वाला दास-ईश्वरीय सेवक अपने प्रभु के साथ विश्वास से चलता है। यह पद स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने दास को संप्रेषणीय ढंग से मार्गदर्शित करता है—भोर-समय में उसका कान जगता है ताकि वह भक्ति और शिक्षण को शिष्य की भाषा में बाँट सके।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

- जीभ की दीक्षा: यहाँ “सीखनेवालों की जीभ” एक विशेष आशीर्वाद है—वह ऐसी वाक्-तकनीक देता है जो उन्नत प्रोत्साहन और धैर्य से भरी होती है, ताकि संदेश स्पष्ट, उचित और प्रेरक बने। इससे संकेत मिलता है कि सुसमाचार और उद्धार का संदेश केवल सूचना नहीं, बल्कि जीवन को संवारने वाला तर्क बन सकता है।

- भोर में जागना; कान खोलना: भोर का संकेत नई सुबह, नई उम्मीद और पुनःआरोहण का है। प्रभु की आवाज़ सुनना आसान नहीं, पर वह हर दिन पुनः खोलता है ताकि शिष्य चित्त-स्थिति में रहे—धैर्य, विनय और अंतर्दृष्टि से सुनना।

- शिष्य की मुद्रा: “शिष्य के समान सुनना” वह गहराई है जिसमें भक्त अपने शिक्षक के संकेतों को आत्मस्वीकृति के साथ ग्रहण करता है, ताकि life-application और नैतिक निर्णय दोनों स्पष्ट हों।

संक्षिप्त विषय-वस्तु

  • भोर की जागृति और आध्यात्मिक सुनवाई
  • ज्ञान-संवेदना: प्रभु द्वारा दी गई जीभ
  • वचन के द्वारा प्रेरणा और संरक्षण

अनुज-उद्धरणीय Cross-Referencing बिंदु

- निर्गमन 33:11 की तरह, जो दायित्वपूर्ण प्रवास में ईश्वर के साथ मुख-चुम्बन जैसी निजी संवाद का संकेत देता है—प्रेरणा और दिशा के लिए सुनना आवश्यक रहता है।

- मिलाप 3:16 जैसी प्रेरक भाषा में, वचन की आवाज़ सीधे दिल तक पहुँचती है और जीवन के मार्गदर्शन के लिए हथियार बनती है।

- इसहाक 50:5-6 के साथ, दास की समर्पित प्रतिज्ञा और आत्म-नियमन के बारे में नज़र डालिए; पीड़ा के बीच भी श्रद्धा-गत्य और सुश्राव्यता प्रकट होती है।

संरचित निष्कर्ष और व्यावहारिक Takeaway

यह पद यह सिखाता है कि ईश्वर अपने दास को हर दिन नई शक्तियाँ देता है ताकि वह निर्बल दिनों में भी शुद्ध, स्पष्ट और प्रेरक साक्ष्य दे सके। भोर-उठ कर कान खोलना यह भी बताता है कि आध्यात्मिक जीवन निरंतर अभ्यास और सक्रिय सुनवाई मांगता है—धैर्य, विनम्रता और शिक्षण-आवेश के साथ।]

नोट्स: पहचाने जाने योग्य प्रचलित विचार

इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों का संक्षेपिक उपयोग किया गया है; खास छोटे उद्धरण नीचे उद्धृत हैं:

“The Lord God hath given me the tongue of the learned” (Matthew Henry) — यह विचार दास-सीखी आवाज़ को मान देता है।

“He awakens mine ear morning by morning” (Albert Barnes) — आरम्भ के समय में परमेश्वर की शिक्षा-संवेदना।

“He opened mine ear, and I was not rebellious” (Adam Clarke) — समर्पण के साथ सुनना, न कि प्रतिरोध।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 50:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लूका 21:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 21:15 (HINIRV) »
क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूँगा, कि तुम्हारे सब विरोधी सामना या खण्डन न कर सकेंगे।

यिर्मयाह 1:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 1:9 (HINIRV) »
तब यहोवा ने हाथ बढ़ाकर मेरे मुँह को छुआ; और यहोवा ने मुझसे कहा, “देख, मैंने अपने वचन तेरे मुँह में डाल दिये हैं।

यूहन्ना 7:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 7:15 (HINIRV) »
तब यहूदियों ने अचम्भा करके कहा, “इसे बिन पढ़े विद्या कैसे आ गई?”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें