Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



पाठ-सार (यशायाह 51:17, HINIRV)
यशायाह 51 अध्याय परमेश्वर के उद्धार के वादों और उसके लोगों के लिए आश्वासन का भाग है, जहाँ वह यरूशलेम की प्रतिउत्तर-वक्ति को याद दिलाते हैं और मसीह के आने से पहले की कठिनाइयों में भी उनकी रक्षा की गारंटी दोहराते हैं। इस verse में यरूशलेम को जागने और आत्म-चेतना की बुलाहनियां दी गई हैं कि वे अपने उद्धारकर्ता के विषय में नीन्द छोड़कर आँसू और आस्था के साथ उठें। यहाँ पिया गया जलकटोरा “यहोवा के हाथ से” है — यह संकेत है कि असम्भाव्य पीड़ाएं भी ईश्वर के नियंत्रण के भीतर हैं और अंततः उद्धार का रास्ता वही बनाते हैं।
आयत का अध्याय के संदर्भ में स्थान
यशायाह 51 यहूदियों के लिए एक आश्वासन-गीत है जो बंधन से लौटकर आने की तैयारी कर रहा है। पंक्ति में कहा गया है कि यरूशलेम जाग उठे, Çünkü उन्होंने यहोवा के हाथ से जलजलाहट के कटोरे को पिया है—यह कटोरा दिव्य न्याय की प्रतीक है, जिसका पीना उनके लिए कठोर सचाई है परन्तु यह भी संकेत है कि परमेश्वर उन्हें छोड़ नहीं रहा है। यहotions के साथ उद्धार की ओर इशारा है, न कि केवल दायित्वपूर्ण दंड का स्मरण।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस verse का केंद्र उपदेश है: बुद्धि से जागना और अपनी स्थिति को सत्यापित करना। कठोर परिस्थितियाँ इस बात की याद दिलाती हैं कि हमारा उद्धारकर्ता अभी भी जीवित है; वह जो कटोरे का संचालक है, वही शक्ति है जो हमें पुनः स्थिर कर सकती है। यह भूले हुए लोगों के लिए आश्वासन है—धैर्य, विनम्रता और विश्वास के साथ उठो, क्योंकि देवता के हाथ में सब कुछ है।
अन्य बाइबल पाठ से मिलान
मुख्य कर्म-उद्धार/अनुप्रयोग
- अपनी पीड़ा और आंतरिक क्रोध के बावजूद, ईश्वर की संकल्प-शक्ति में भरोसा रखना सीखें।
- तब जब जीवन का कटोरा भारी लग रहा हो, तो प्रार्थना से मन को शांत करें और वह रिहाई जो उससे मिलती है, उसे स्वीकार करें।
- सामाजिक-परिस्थितियों में भी यह याद रखें कि उद्धारकर्ता के हाथ में नियंत्रण है—हमें उम्मीद के साथ उठना है।
छोटे cross-reference और उनके अर्थ
- प्रका. 14:10 परिपाटी से यह याद दिलाता है कि जो दंड लेने को तैयार हैं वे भी परमेश्वर के न्याय के हाथ में हैं; यह प्रेरणा देता है कि विपत्ति से भागना नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना समझना उचित है।
- 1 कुरिन्थियों 15:34 बताता है कि सचेत होकर जागना और पाप से दूर रहना कितना आवश्यक है, ताकि मसीह में जीवन का सच्चा संदेश प्रसारित हो सके।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यशायाह 51:17 हमें यह संदेश देता है कि भारी पीड़ा के बीच भी ईश्वर की योजना सक्रिय है। जागना, सत्य स्वीकारना और उद्धार की ओर कदम बढ़ाना—ये तीनों मिलकर हमें वर्ष-भर के कठिन समय में भी आशा की रोशनी देते हैं। जो लोग यहोवा के हाथ की पूरी योजना पर भरोसा रखते हैं, वे अंत में उद्धार और नई आशा के साथ उठ खड़े होते हैं।
कठिनाई में भी कृपा की गारंटी है; परमेश्वर हमारा नियंत्रण नहीं छोड़ते।