Old Testament
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यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 54:7 का संकेतार्थ — एक क्षणिक अलगाव के बाद उद्धार की बड़ी दया
सरल अर्थ: परमेश्वर कह रहे हैं कि वे एक समय के लिये केवल क्षण भर के लिए अपने प्रदेश से हमें छोड़ दिए थे, पर अब महान दया से हमें पुनः जोड़ेंगे और हमारी सुरक्षा करेंगे। यह वचन विश्वासियों पर एक आश्वस्ति का संदेश है कि दुःख-समय के बाद भी ईश्वर की करुणा और पुनर्स्थापना बराबर है।
संदर्भ-प्रसंग
यशायाह 54 अध्याय यरूशलेम और ईश्वर के लोगों के लिए दयालु भविष्य की पुनर्स्थापना की घोषणा करता है। मसीह की उत्तरजीवन-आशा के साथ यह चतुर्थ भाग-भविष्यसूचक पाठ है जिसमें उद्धार और आनन्द का पूर्ण उछाह दिखता है। यहाँ “क्षण भर” का संकेत अस्थिर समय की कठोरता को दिखाता है, पर परमेश्वर का फैलता हुआ प्रेम उसे पीछे नहीं छोड़ता।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंस
1) իयशाय 49:14-15 - यह दर्शाता है कि परमेश्वर की याद और प्रेम शिशु-सा स्थिर है; भले ही कनिष्ठ समय में भागदौड़ हो, पर वह स्मरणशक्ति से पीछे नहीं हटते।
2) रोम 8:38-39 - हर दूरी, हर परीक्षा, हर बाधा परमेश्वर के प्रेम से काटी नहीं जा सकती; उसकी दया अपरिहार्य रहती है।
3) यशायाह 60:1-3 - यह उद्धार की रोशनी का विस्तृत दृश्य है जो बताता है कि परमेश्वर की महिमा फिर से हमारे बीच प्रकाशमान होगी।
संक्षिप्त नीतिगत निष्कर्ष
पढ़ने की योजना के अनुरूप अनुप्रयोग
वर्तमान कठिनाइयों में यह याद रखें कि परमेश्वर की पुनःस्थापना की इच्छा सक्रिय है। प्रार्थना में हार नहीं मानें; विश्वास के साथ अपने आत्मीय संबंध को नवीनीकृत करें।
नोट: इस पंक्ति के भाव को देखते हुए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की संक्षिप्त टिप्पणियाँ उपलब्ध हैं; उनसे सीख कर हमने संदर्भ-आँकड़े और अर्थ-संयोजन किया है।