Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 54:5 पर हिन्दी टीका (HINIRV)
इस पद में यहोवा के साथ Israel के संबंध का स्मरण कराया गया है। यशायाह का संदेसा लौट-कर बसने और परमेश्वर के वादों के पुनः पूरे होने का है। इस्राएल के निर्यातण के बाद भी परमेश्वर की वचनबद्धता नहीं टूटती; वह उनके “कत्तर” और “पति” की तरह बने रहते हैं, अर्थात् प्रेमपूर्ण संरक्षण और सामाजिक-धार्मिक बंधन। यह संदर्भ भविष्य के उद्धार के आश्वासन को दृढ़ करता है कि परिस्थितियों के भंवर में भी परमेश्वर सरकार और उद्धार की सीढ़ी बनेंगे।
मुख्य अर्थ
कहानी यह है कि परमेश्वर यहोवा ही तेरा कर्ता, तेरा पति है—यानी वह अपनी चुनी हुई कשתी को न छोड़कर साथ चलता है। उसका नाम सेनाओं का यहोवा है—एक शक्ति के रूप में उसकी सत्ता, और पवित्र इस्राएल का छुड़ानेवाला है—यही उद्धारक के रूप में उसकी भूमिका। यह पृथ्वी के सर्वोच्च परमेश्वर के रूप में उसकी सार्वभौमिक महिमा को भी संकेत करता है।
मुख्य विषय
संबद्ध आयतन
—यशायाह 49:25, 60:18-22: उद्धारकर्ता की भूमिका और परमेश्वर की राष्ट्र-उद्धार योजना का पुनरुल्लेेखन।
—यशायाह 43:11-12: एक ही उद्धारकर्ता के महत्व की पुष्टि।
—यूहन्ना 4:42: उद्धारकर्ता के नाम और विश्व-विश्वास के संकेत।
व्यावहारिक अनुप्रमाण
जीवन की उथल-पुथल के बीच जिस प्रकार यहोवा अपने लोगों को प्रेम-बंधन से बांधकर रखता है, वही आस्था हमें में साहस और स्थिरता देती है। कठिनाइयों में यह विचार करें: मेरा परमेश्वर है जो मुझे छोड़कर नहीं जाता; वह शक्ति और सुरक्षा दोनों देता है। अपनी आस्था की धुरी को यहोवा के नाम और उसकी दिव्य वचन पर बनाए रखें।
संक्षिप्त समापन
यशायाह 54:5 में कहा गया यहोवा—तेरा कर्ता, तेरा पति— का स्मरण हमें यह बताता है कि परमेश्वर का प्रेम और उद्धार कभी समाप्त नहीं होता। वह सेनाओं का यहोवा है और इस्राएल का पवित्र छुड़ानेवाला; वह संसार भर में परमेश्वर के रूप में प्रतिष्ठित है। इस वचन से प्रेरित होकर हमें अपनी यात्राओं में परमेश्वर के साथ अटूट विश्वास और श्रद्धा बनाए रखनी चाहिए।
टिप्पणी के लिए छोटे उद्धरण (जहाँ लागू)
यदि आवश्यक हो, नीचे दिए गए तीन पुराने टिप्पणीकारों के सीधे वाक्यों को संदर्भित किया जा सकता है, पर हमने इन्हें संक्षेप में समाहित किया है ताकि पाठ सरल रहे:
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