यिर्मयाह 32:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुँचा, “मैं तो सब प्राणियों का परमेश्‍वर यहोवा हूँ;

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यिर्मयाह 32:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 32:26 का संक्षिप्त अर्थ

यह वचन कहता है कि यहोवा अपने दूत के माध्यम से यिर्मयाह के पास पहुँचा और स्पष्ट किया कि वह सब प्राणियों का परमेश्वर है, अर्थात् पूरी सृष्टि का सत्ताध्यक्ष और पालनहर्ता वही है जो विश्व में घटनाओं को आदेश देता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यिर्मयाह का समय बंधन-काल और प्रत्यक्ष अभिशासनों के बीच का था। यिर्मयाह खुद तब भविष्यवाणी कर रहा था जब राजा मन्ना, जो ड्राओं के अत्याचारों के कारण मूर्तिपूजा में लिप्त था, उसका शासन प्रभावी था। कहते हैं कि यहोवा yadik बनाम मानव प्रयासों के बीच एक स्पष्ट पुष्टि है: उद्धार का स्रोत और नियन्त्रण परमेश्वर ही है। यह संदर्भ यह बताता है कि परमेश्वर अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटता, चाहे लोग कितने भी प्रतिरोध क्यों न दिखाएं।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • यहोवा का स्पष्ट प्रत्यक्ष वक्तव्य: परमेश्वर की सार्वभौमिक सत्ता का उद्घाटन।
  • यिर्मयाह के साथ पूर्ण और निर्भीक संवाद: परमेश्वर अपने चुने हुए दूत के द्वारा बोलते हैं ताकि विश्वासी लोग आश्वस्त हों।
  • विश्वसनीयता और भरोसा: चूँकि परमेश्वर सब प्राणियों का मालिक है, अतः वह भी उसकी रचना-योजना का पालन करेगा और उसके अनुसार व्यवहार करेगा।

शब्दार्थीय विचार

यह संदेश यह है कि परमेश्वर का नियंत्रण शाश्वत और व्यापक है। उसे किसी परिस्थिति से नहीं रोका जा सकता; उसकी योजना पृथ्वी पर होती है, और वह अपने लोगों के लिए न्याय, दया और उद्धार का मार्ग बनाते हैं।

छोटा थीम-सूची

  • परमेश्वर की सार्वभौमिक प्रभुता
  • धार्मिक विश्वास में आश्वासन
  • कर्म और कल्पना के बीच परमेश्वर की सच्ची सत्ता

क्रॉस-रेफरंस और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

1) यिर्मयाह 1:12 — परमेश्वर कहता है कि वह अपने वचन की पूर्ति करेगा; यहाँ वही सत्य स्पष्ट रूप से प्रतिध्वनित होता है कि वह सब कुछ देखता और नियंत्रित करता है।

2) पिलिप्पियों 2:10-11 — हर घुटना टके, हर जीभ यहोवा यीशु मसीह के नाम पर रोके, यह दर्शाता है कि परमेश्वर की सत्ता मनुष्य की मान्यता से परे है।

3) मत्ती 28:18 — “आकाश और पृथ्वी के सारे अधिकार मुझे प्राप्त हैं”; यह उसी सत्ता का नवीनपन बताता है जो यहाँ यिर्मयाह के समय में भी आधार बनाती है।

संक्षिप्त व्यवहारिक takeaway

हर परिस्थिति में भरोसा रखें कि परमेश्वर सब कुछ संचालित कर रहा है और वही जीवन के हर मोड़ पर मार्ग दिखाने वाला है। अपनी योजनाओं में उसकी JavaScript नहीं है, बल्कि उसकी योजना सबसे अच्छे के लिए है।

उद्धृत विचार (पार्श्व-रेखा)

यदि आप कल्पना करें कि Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से कुछ पंक्तियाँ उद्धृत हों, तो वे इस प्रकार के पाठ्यांशों पर आश्वस्त करते: यहोवा की सत्ता अटल है और वही क्रिया-योजना के स्रोत हैं; दिन-प्रतिदिन की नैतिकता और पवित्रता के लिए वही मानदण्ड हैं।

प्लेबैक-परामर्श

कहानी में यह बंधन है कि परमेश्वर के आदेश के अनुसार चलना ही जीवन की कुंजी है। अपने विश्वास की डोर को मजबूत बनाएं और कठिन समय में भी उसकी प्रभुता पर निर्भर रहें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 32:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

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