यिर्मयाह 4:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैंने पृथ्वी पर देखा, वह सूनी और सुनसान पड़ी थी; और आकाश को, और उसमें कोई ज्योति नहीं थी।

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यिर्मयाह 4:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

सार-सारंù: यिर्मयाह 4:23 का अर्थ

इस पद में भविष्यद्वक्ता यिर्मयाह वह दृश्य देता है जब परमेश्वर पृथ्वी की दशा को असंतोषजनक रूप से खाली और निरर्थक पाता है—सूनी, सूना पड़ी भूमि और आकाश में अंधकार। इससे बनावट यह संकेत है कि पाप, बुराई और मिसाल-निर्भरता ने सांसारिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर दिया है; प्रकृति में भी ईश्वर के आशीर्वाद और प्रकाश की कमी दिखती है।

प्रसंग-संदर्भ

यिर्मयाह राजा यूशियाह के समय के बाद यह संदेश देता है, जब य Database: बाइबल के इतिहास में ईश्वरीय परीक्षा और जो यात्रा पाप के कारण टूट गई है। यह अस्थिरता और न्याय के लिए चेतावनी है: यदि लोगों का मन परमेश्वर से हट जाए, तो पृथ्वी और आकाश दोनों सूने पड़ जाते हैं।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • अस्तित्व की कमी: पृथ्वी सूनी हो जाना, जीवन-शक्ति और उपज के अभाव को दर्शाता है।
  • आकाश का अंधकार: प्रकाश और आकाशीय आशीर्वाद का लोप; परमेश्वर के प्रकाश-स्तंभ से दूर रहना।
  • नीति-चेतावनी: यह दृश्य केवल निर्दोष भूषण नहीं, बल्कि अंतिम परिणामों की चेतावनी है—व्यवस्था का उलटफेर और धार्मिक-आचार में गिरावट।

थीमेटिक निष्कर्ष

  1. पृथ्वी की अगुणित अवस्था यह दर्शाती है कि परमेश्वर के साथ संबंध टूटना कैसे सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन को प्रभावित कर देता है।
  2. प्रकृति की दशा से मानवीय संतोष और आस्था की दिशा स्पष्ट होती है—आकाश की ज्योति और पृथ्वी की उर्वरता दोनों परमेश्वर के आशीर्वाद से जुड़ी हैं।
  3. आंतरिक परिवर्तन का आह्वान: लोगों को अपनी धार्मिक-चर्या, न्याय, और निष्ठा में लौटना आवश्यक है, ताकि मार्गदर्शक प्रकाश वापस आ सके।

क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त विवेचना

यशायाह 24:1-6 में पृथ्वी की व्यापक अशांति और आकाश में परिवर्तन का चित्रण मिलता है; यहाँ का संदेश भी एक समान चेतावनी देता है कि पाप के कारण समस्त सृष्टि विकृत हो जाती है।

येसायाह 60:19-20 में परमेश्वर आत्मा की ज्योति बनकर लौटने की आशा दी जाती है; अंधकार के बीच भी प्रकाश का सपना बनता है, जो यिर्मयाह के दृश्य का उत्तर है।

नीतिवचन 4:18 में धार्मिक जीवन की प्रगति प्रकाश की तरह बताई गई है; यह दर्शाता है कि सत्य-जीवन मार्ग में धीरे-धीरे स्पष्ट हो उठता है।

व्यावहारिक takeaway

यदि हम अपनी आस्था, नैतिकता और समुदायों के बीच न्याय को प्राथमिकता दें, तो परमेश्वर के प्रकाश और आशीर्वाद वापस आ सकते हैं। एक पवित्र जीवन, धर्म-कर्म में ईमानदारी, और न्यायपूर्ण व्यवहार से समाज में पुनः उजाला फैला सकता है।

यिर्मयाह 4:23 की यह पंक्ति हमारी choose-आवाज है: परमेश्वर के प्रकाश के बिना स्थिरता नहीं मिलती; अतः अपने हृदय, घर और नगर को उसकी राह पर लौटाने की इच्छा रखें।

नोट: नीचे उद्धृत सीधे पाठ से कोई पूर्ण शास्त्रीय टेक्स्ट प्रकाशित नहीं किया गया है; महत्त्वपूर्ण विचारों और दार्शनिक तर्कों के लिए Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरे स्रोतों से संकेत-सार लिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 4:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मत्ती 24:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 24:29 (HINIRV) »
“उन दिनों के क्लेश के बाद तुरन्त सूर्य अंधियारा हो जाएगा, और चाँद का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियाँ हिलाई जाएँगी।

मरकुस 13:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 13:24 (HINIRV) »
“उन दिनों में, उस क्लेश के बाद सूरज अंधेरा हो जाएगा, और चाँद प्रकाश न देगा;

योएल 3:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
योएल 3:15 (HINIRV) »
सूर्य और चन्द्रमा अपना-अपना प्रकाश न देंगे, और न तारे चमकेंगे। (मत्ती24:29, मर. 3:24,25, प्रका. 6:12,13, प्रका. 8:12)

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