यिर्मयाह 4:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि मैंने जच्चा का शब्द, पहलौठा जनती हुई स्त्री की सी चिल्लाहट सुनी है, यह सिय्योन की बेटी का शब्द है, जो हाँफती और हाथ फैलाए हुए यह कहती है, “हाय मुझ पर, मैं हत्यारों के हाथ पड़कर मूर्छित हो चली हूँ।”

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यिर्मयाह 4:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 4:31 का संदर्भ और अर्थ

यिर्मयाह प्रेरित संदेश तब देता है जब यरूशलम में ध्वनि और संकट का वातावरण है। यह पद एक भाग के रूप में है जिसमें भविष्यवक्ता यिर्मयाह परमेश्वर के निर्णय के भयावह परिणामों को उद्घोषित करते हैं—क्योंकि यह समय वह है जब बंधनों में व्यक्ति अपने दोषों के कारण विनाश की गूँज सुन रहा है। यहाँ “जच्चा” और “पहलोंठी” के प्रतीकात्मक शब्दों के माध्यम से एक स्त्री के दर्द और बाधित अवस्था का चित्र है, जो कि सिय्योन की बेटी के आह्वान के रूप में प्रस्तुत है। यह चिल्लाहट और हाँफना एक सामूहिक विजयी नहीं, बल्कि विनाश के संकेत के साथ जुड़ी हुई मौन जंगल की पुकार है।

मुख्य उद्देश्य तथा केंद्रीय अर्थ

यह शेष शब्द एक तीव्र चीत्कार है जो पूर्वकथित पाप, अविश्वास और दोष के कारण आने वाले विनाश के भय को उजागर करता है। स्त्री के शब्द—“हाय मुझ पर”—उबड़-खाबड़ परिस्थिति में मनुष्य के भीतर जाकर रहने वाले भय और हताशा का संकेत है। सिय्योन की बेटी के रूप में यह चेतावनी न केवल यरूशलेम कीudde बल्कि समूचे परमेश्वर के लोगों के लिए है कि वे अपनी उनसे नहीं दूर हो सकेंगे जो पाप के कारण आ रहा है।

तीन प्रमुख thèmes

  1. सामयिक विनाश का भय: यह अध्याय समय के क्रूर निर्णय की सूचना देता है; लोग भय, हताशा और जगह-जगह अराजकता में जी रहे हैं।
  2. स्त्री के प्रतीक के रूप में पीड़ा: जच्चा और पहलौठी के रूपक दर्द से यह दर्शाता है कि घोर दुःख किस प्रकार समुदाय को प्रभावित करता है।
  3. उद्धार की प्रतिज्ञा के लिए आह्वान: यह चीत्कार एक पुकार है कि लोग सचेत हों और परमेश्वर के नजदीक लौटें, ताकि उसे उद्धार मिल सके।

अनुष्ठानिक cross-references (संक्षेप में)

  • यिर्पासमय/यिर्मायह के अन्य भाग—धर्मात्मा के विरुद्ध पाप के परिणामों का चित्रण; यहड़े हुए संकेत कि परमेश्वर न्याय के साथ भी करुणा दिखाते हैं।
  • यशायाह और हबक्कुक के संदेश—दृष्टांत जिसमें लोग संकट के समय प्रभु पर निर्भर रहें और पथ परिवर्तन करें।
  • गुलामी के विपरीत राहत का संकेत—उद्धारक उम्मीद एक ऐसी राह बनाती है जहाँ सामूहिक दयालुता पुनः स्थापित हो सकती है।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि चीत्कार एक राष्ट्रीय स्मरणबल है—परमेश्वर के विरुद्ध नैतिक गिरावट के परिणाम स्वरूप, और साथ ही एक ऐसी पुकार जो लोगों को पुनः मार्ग पर लाने का प्रयास करती है।

व्यावहारिक विचार

वर्तमान स्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमारा उत्तर उस गहरी आस्था से होना चाहिए जो चीत्कार को परमेश्वर के सामने गिरा दे। आत्म-निरीक्षण करें: क्या हमारे जीवन में वही पथ है जो परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है? यदि हाँ, तो आशा है कि उसकी करुणा और उद्धार आपकी राह को रोशन करेंगे।

संछेप में निष्कर्ष

यिर्मयाह 4:31 में एक गहन शोकहीनता है—एक स्त्री की अचेत चीत्कार जो बताती है कि पाप और अविश्वास के परिणाम विनाश की ओर ले जाते हैं। पर साथ ही यह एक पुकार है कि लोग उद्धार के स्रोत—यहोवा—की ओर लौटें। एकता और सुधार की राह उसीके पास है, जब हम नम्रता से अपनी आँखें उठाकर उसकी चरणों में आएं।

मूल विचारधारा से उद्धृत वैचारिक योगदान

इस पाठ के भीतर अनुकृतियों में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टिप्पणियों के संकेत मिलते हैं, जो इन बिंदुओं को गहराई से समझाते हैं: प्रेषित संदेश की गंभीरता, सामाजिक-आत्मिक पीड़ा का चित्रण, और परमेश्वर के उदार उद्धार की आशा। (यदि उपलब्ध हो, नीचे उनके संक्षिप्त उल्लेख देखे जा सकते हैं।)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 4:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

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विलापगीत 1:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
विलापगीत 1:17 (HINIRV) »
सिय्योन हाथ फैलाए हुए है*, उसे कोई शान्ति नहीं देता; यहोवा ने याकूब के विषय में यह आज्ञा दी है कि उसके चारों ओर के निवासी उसके द्रोही हो जाएँ; यरूशलेम उनके बीच अशुद्ध स्त्री के समान हो गई है।

यशायाह 1:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 1:15 (HINIRV) »
जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुख फेर लूँगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तो भी मैं तुम्हारी न सुनूँगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं। (नीति. 1:28, मीका. 3:4)

यिर्मयाह 13:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 13:21 (HINIRV) »
जब वह तेरे उन मित्रों को तेरे ऊपर प्रधान ठहराएगा जिन्हें तूने अपनी हानि करने की शिक्षा दी है, तब तू क्या कहेगी? क्या उस समय तुझे जच्चा की सी पीड़ाएँ न उठेंगी?

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