यिर्मयाह 7:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु मैंने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो*, तब मैं तुम्हारा परमेश्‍वर हूँगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूँ उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा।

पिछला पद
« यिर्मयाह 7:22

यिर्मयाह 7:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

মূল বক্তব্য: আজ্ঞा मानो, तभी परमेश्वर बने रहने का अवसर

यिर्मयाह 7:23 में परमेश्वर स्पष्ट कहते हैं कि उनका चाहित मार्ग वैसा है जिसमें वचन की मान्यता और आज्ञाओं पालन शामिल हो। यदि लोग इन शब्दों पर चलते हैं, तो वे परमेश्वर की पथप्रदर्शक कृपा के योग्य बनते हैं और उनकी सहभागिता सुरक्षा पाते हैं। यह वाक्य यह बताता है कि भरोसा और पालन कीoulक एक ही सिक्के के दो पहलू हैं: वचन की आचारशास्त्रीय मान्यता और नियमित जीवन-यात्रा में उसका अनुसरण।

लिटरेरी_CONTEXT (साहित्यिक संदर्भ)

यह वाक्य यिर्मयाह के उद्धार के संदेश के साथ एक नैतिक चेतावनी को जोड़ता है: बिना आस्था के कर्म निष्पादन व्यर्थ है, और परमेश्वर की आज्ञाओं के साथ जीवन बिताने पर ही उसकी निकटता मिलती है। यिर्मयाह ने समय-समय पर जन-जन के मन को उकसाया कि वे बाह्य रीति-रिवाज के बजाय दिल से वचन मानें; यहाँ वही सच्चाई पुनः प्रतिध्वनित होती है—यही जीवन का मार्ग है।

वैचारिक महत्व

यह वचन सीधे दो बातें प्रस्तुत करता है: (1) परमेश्वर का वचन मानना एक चयन नहीं, बल्कि दैनंदिन जीवन का नियम है। (2) इसी मानचित्र पर चलने से ही भला—सुरक्षा, संपन्नता और परमेश्वर के साथ दृढ़ संबंध संभव है। यह केवल धार्मिक कर्मों तक सीमित नहीं, बल्कि हर रोज़ के निर्णयों में वचन के अनुरूप चलने का आह्वान है।

कथात्मक/आधार-सम्बंध

Cross-reference 1: हाबकूक 2:4 तथा भजन 1:1-3—ध्यान दें कि निर्भयता और उत्साह के साथ परमेश्वर की वचन-प्राप्ति पर टिके रहने से मनुष्य फल-प्रद बनता है।

Cross-reference 2: मत्ती 7:24-27—व्याख्या में स्पष्ट है कि शाब्दिक आचरण से भी आस्था की जड़ मजबूत होती है, और यह जीवन के कठिन समय में भी स्थिरता प्रदान करती है.

Cross-reference 3: याकूब 1:22—सत्य से जुड़ना और उसे कर्म में लाना आवश्यक है; केवल सुना जाना आधा काम है, पालन अनिवार्य है।

विचार-विमर्श के प्रश्न

  • क्या मेरे दैनिक निर्णय वचन के आधार पर हैं या सिर्फ आवश्यकता भर के हैं?
  • कौन से ऐसे मामलों में मैं आज्ञाओं के अनुरूप अधिक स्पष्ट कदम उठाना चाहूँगा?
  • क्या मेरे परिचय, व्यवहार और रिश्ते इस वचन के अनुरूप क्रमशः ढले हैं?

सार-संक्षेप

यिर्मयाह 7:23 का मूल संदेश है—यदि हम परमेश्वर के वचन को मानते हुए उसी मार्ग में चलते हैं जिसमें वह आज्ञा देता है, तो वही हमारा भला है। यह भला न सिर्फ व्यक्तिगत सुधार है, बल्कि समुदाय के लिए दिव्य सुरक्षा और स्थिरता भी है।

मत्ती हेनरी से संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपयुक्त हो): “यदि तुम वचन के अनुसार चलते हो, तब सत्य तुम्हारे साथ चलता है; अन्यथा तुम्हारी व्यवस्था सूनी है।”

ऐल्बर्ट बार्न्स से संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपयुक्त हो): “धर्म केवल शास्त्र-संहिता नहीं, कर्म-संयोजन भी है।”

एडम क्लार्क से संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपयुक्त हो): “वचन में आस्था और जीवन में पालन एक साथ चलते हैं; नहीं तो मार्ग गलत पड़ जाएगा।”

निष्कर्षतः, यह आयाम हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के साथ संबंध का कुंजीबद्ध मार्ग वचन-आज्ञा का पालन है—तभी जीवन में वास्तविक भला संभव होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 7:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

निर्गमन 15:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 15:26 (HINIRV) »
“यदि तू अपने परमेश्‍वर यहोवा का वचन तन मन से सुने, और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करे, और उसकी आज्ञाओं पर कान लगाए और उसकी सब विधियों को माने, तो जितने रोग मैंने मिस्रियों पर भेजे हैं उनमें से एक भी तुझ पर न भेजूँगा; क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करनेवाला यहोवा हूँ।”

व्यवस्थाविवरण 5:33 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 5:33 (HINIRV) »
जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्‍वर यहोवा ने तुमको दी है उस सारे मार्ग पर चलते रहो, कि तुम जीवित रहो, और तुम्हारा भला हो, और जिस देश के तुम अधिकारी होंगे उसमें तुम बहुत दिनों के लिये बने रहो। (लूका 1:6)

यिर्मयाह 42:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 42:6 (HINIRV) »
चाहे वह भली बात हो, चाहे बुरी, तो भी हम अपने परमेश्‍वर यहोवा की आज्ञा, जिसके पास हम तुझे भेजते हैं, मानेंगे, क्योंकि जब हम अपने परमेश्‍वर यहोवा की बात मानें तब हमारा भला हो।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें