यिर्मयाह 42:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

चाहे वह भली बात हो, चाहे बुरी, तो भी हम अपने परमेश्‍वर यहोवा की आज्ञा, जिसके पास हम तुझे भेजते हैं, मानेंगे, क्योंकि जब हम अपने परमेश्‍वर यहोवा की बात मानें तब हमारा भला हो।”

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यिर्मयाह 42:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 42:6 पर टिप्पणी

यिर्मयाह के समय, यहूदा पर ऐसे समय थे जब भविष्यवक्ता यिर्मयाह ने यहोवा के संदेश को संबलता हुआ शांति-योजनाओं के बारे में सचेत किया था। भावी संकट के बीच भी कुछ लोग यह कहते थे कि अगर परमेश्वर की वाणी में कठिनाई है तो भी उनके स्वतंत्र निर्णय के अनुसार ही रास्ता चुनना उचित है। इस पंक्ति में बालकों जैसे सिर-फिराव को त्यागकर, वे यह कहते हैं कि भले ही बात भली हो या बुरी, हम यहोवा की आज्ञा मानेंगे। यह अभिव्यक्ति एक दृढ़ विश्वास और सेवक की पूर्ण आज्ञाकारिता की कसौटी है।

मुख्य संदेश

यह श्लोक यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर की बात मानना अढाई नहीं, बल्कि सचेत और विवेकपूर्ण विश्वास का प्रमाण है—चाहे परिणाम कैसे भी हों। यह गवाही देता है कि परमेश्वर का निर्देश वही सुरक्षित पथ है जिसे अपनाने पर सुरक्षा और कल्याण मिल सकता है, भले मानवीय चिंतन परिवर्तनशील क्यों न हो।

तिहाई प्रमुख विषय

  • द्वंद्व से ऊपर आज्ञाकारिता: परिस्थिति चाहे सुखद हो या कठिन, परमेश्वर की बात मानना मनुष्य के लिए सर्वोपरि है।
  • विश्वास और भरोसा: भविष्य के बारे में अनुमान से नहीं, बल्कि परमेश्वर के वादे और मार्ग पर भरोसा रखना आवश्यक है।
  • कठिन निर्णयों में ईश्वर की योजना: कठिन समय में भी यहोवा की बाट अपनाने से भलाई मिलती है—यह एक प्रेरक संकेत है कि परमेश्वर हमारे भले के लिए ही मार्गनिर्देशन देता है।

क्रॉस-रेफरेंसेन संबंध

• यह विचार हमें अन्य जगहों से संकेत देता है जहां विश्वास में आज्ञाओं के पीछे भलाई का तर्क दिखता है (उद्धृत नहीं किया गया पाठ)।

• कृपया ध्यान दें: संदर्भ अनुसार यहोवा की आज्ञा मानना, भय के बावजूद भी, विश्वास की उत्कृष्ट प्रगति है क्योंकि वह मार्ग जो ईश्वर दे, वह जीवन के लिए है।

व्यावहारिक reflection

हम वह करें जो परमेश्वर ने कहा है, भले ही सामाजिक दबाव या असुविधा हो। यह श्लोक हमारी दिनचर्या में आत्म-नियंत्रण, धर्मी निर्णय और अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता को प्रोत्साहित करता है। जब हम परमेश्वर की आज्ञा मानते हैं, तब हमारा आचरण नैतिक बनता है और समुदाय में स्थायित्व आता है।

संक्षिप्त सार

यिर्मयाह 42:6 यह बताता है कि परमेश्वर की वाणी के अनुसार चलना भलाई का आधार है—चाहे वह सहज लगे या कठिन। एक आज्ञाकारी हृदय वही जो विश्वास से भरा हो और परमेश्वर के मार्ग पर निर्भर रहे।

सेवा के लिए संदर्भ

कठिन निर्णयों में भी आज्ञापालकता और विश्वास का संयोजन एक जीवित श्रम है—हम किस प्रकार परमेश्वर के निर्देशों को प्राथमिकता दें और किस प्रकार अपने भय or संकोच को रोकें, यह इस श्लोक से प्रेरणा पाता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 42:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 7:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 7:23 (HINIRV) »
परन्तु मैंने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो*, तब मैं तुम्हारा परमेश्‍वर हूँगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूँ उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा।

व्यवस्थाविवरण 5:33 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 5:33 (HINIRV) »
जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्‍वर यहोवा ने तुमको दी है उस सारे मार्ग पर चलते रहो, कि तुम जीवित रहो, और तुम्हारा भला हो, और जिस देश के तुम अधिकारी होंगे उसमें तुम बहुत दिनों के लिये बने रहो। (लूका 1:6)

व्यवस्थाविवरण 5:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 5:29 (HINIRV) »
भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिससे उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे!

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