यिर्मयाह 42:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस्राएल का परमेश्‍वर सेनाओं का यहोवा यह कहता है: यदि तुम सचमुच मिस्र की ओर जाने का मुँह करो, और वहाँ रहने के लिये जाओ,

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यिर्मयाह 42:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 42:15 पर मार्गदर्शक टिप्पणी

परिचय: यिर्मयाह के भाग 42 में धार्मिक नेताओं और यरूशलम के लोगों के लिए एक स्पष्ट पैग़ाम मिलता है—जो खतों के समय में भी सचमुच विश्वास और विवेक की परीक्षा है। यहाँ यहाक़ा किया गया है कि परमेश्वर से प्रश्न-बिंदु बनवाने के बजाय, परिस्थितियों के अनुसार सत्यापित निर्णय लेने चाहिए। यह-वचन मिस्र की तरफ पलायन करने की चेतावनी देता है, ताकि वे अपने आप को आपदा से सुरक्षित रख सकें।

पद का पाठ और संदर्भ

यिर्मयाह 42:15 में यहोवा कहता है कि यदि तुम सचमुच मिस्र की ओर जाने का मुँह करो और वहाँ रहने के लिये जाओ, तो परिणाम तुम्हारे विरुद्ध होंगे। यह चेतावनी उन लोगों के लिए है जो बाबुल से बच निकलना चाहते हैं, लेकिन परमेश्वर के निर्देश के विरुद्ध कदम उठाते हैं।

पाठ का अध्याय-स्तर पर अर्थ

इस chapter में यीश्यू-प्रवृत्ति और देश-भक्ति के बीच एक स्पष्ट विवेक प्रस्तुत किया गया है। परमेश्वर कहता है कि इस्राएल को अपने-अपने उच्चतम हितों के लिए मार्गदर्शन करना चाहिए, भले ही वह असुविधाजनक लगे। मिस्र की ओर जाना सत्ता और अस्थिरता की ओर भागना है, न कि विश्वास और दीन-भक्ति की राह।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

मुख्य पाठ यह है: परमेश्वर की योजना के अनुसार चलना, भले ही वहाँ उथल-पुथल क्यों न हो।:mिस्र की ओर जाने की मंशा मानवीय सुरक्षा की आशा से भरी हो सकती है, परन्तु यदि वह परमेश्वर के निर्देश के विरोधी है, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। इस वाक्य से हमें यह स्वीकारना चाहिए कि ईश्वर के मार्ग में सुरक्षा मिलती है, और स्वार्थपूर्वक विकल्प लेने पर द्वार खड़े हो जाते हैं।

अनुशासनात्मक संदर्भ और तुलनाएं

- संदर्भ: यिर्मयाह 42 के अन्य भागों में भी भगवान यह स्पष्ट करते हैं कि वे अपने लोगों के लिए भरोसेमंद और सचेत मार्ग तय करते हैं, भले ही परिस्थितियाँ विपरीत हों।

- क्रॉस-रेफरेंस: - भविष्य के समय में मिस्र की तरफ पलायन से बचना: यिर्मयाह 43:7 — वहाँ रहने के निर्णय का परिणाम कैसा होगा, यह बताता है। - विश्वास के परीक्षण: यह्र. 26:16-17 (विधिवत उत्तरदायित्व और परमेश्वर के क़ानून का पालन) से मेल खाता है। - पूर्वधारणात्मक विश्वास बनाम भय: दानियेल 3 में नायाब विश्वास और जान-माल की सुरक्षा के बीच संतुलन का संदेश मिलता है।

छोटा निष्कर्ष: इन cross-references से निष्कर्ष निकलता है कि परमेश्वर के विकल्प को मानना और उनकी योजना में भरोसा रखना सच्चे विश्वास का परिचय है—भय या भूख-प्यास के कारण किए गए निर्णय नहीं।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • आज के संदर्भ में: जीवन के दबावों में हमें भी मामलों में ईश्वर की इच्छा की खोज करनी चाहिए, न कि तात्कालिक सुरक्षा के पीछे भागना चाहिए।
  • व्यवहारिक कदम: prayerful discernment, सतर्कता, और आध्यात्मिक समुदाय से परामर्श लेना ताकि निर्णय मिस्र की ओर भागने की जगह ईश्वर की ओर झुकें।

पाद-चयन और मार्मिक उद्धरण

इस पाठ पर अन्य प्रमुख पाख्यान- टिप्पणीकारों की दिशा: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से कुछ बिंदु प्रेरित होते हैं—परन्तु नीचे केवल संक्षिप्त सन्निवेश है:

Matthew Henry का सार: परमेश्वर के विवेक से टकराने पर मनुष्य को सच्चे हित की सोच करनी चाहिए; अन्यथा आत्मिक भय बढ़ता है।

Albert Barnes का संकलन: परमेश्वर की इच्छा के विरुद्ध कदम उठाने से परिणाम आंतरिक शांति नहीं, बल्कि संकट बढ़ता है; इसलिए लोगों को पहले परमेश्वर के निर्देश की पुष्टि करनी चाहिए।

Adam Clarke का विचार: विश्वास और निर्भयता की यात्रा में भगवान के आदेश पर चलना साहस का परिचायक है; भटकना भय से उत्पन्न हो सकता है।

इन में से किसी भी लेखक के सीधे उद्धरण यदि उपलब्ध हों, तो उद्धृत मानक उद्धरण यहाँ शामिल किये जा सकते हैं।

संक्षेप

यिर्मयाह 42:15 एक स्पष्ट चेतावनी है—अपने मन से मिस्र की ओर पलायन करना आत्म-विश्वास और ईश्वर-निर्देश के बीच चयन है। जो इस निर्देश के विरुद्ध चलते हैं, वे असुरक्षित परिणामों के लिए प्रवृत्त होते हैं। हमें ईश्वर की योजना में भरोसा रखकर discernment के साथ निर्णय लेने चाहिए, ताकि हमारे कदम प्रत्यक्ष रूप से उनकी इच्छा के अनुरूप हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 42:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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व्यवस्थाविवरण 17:16 (HINIRV) »
और वह बहुत घोड़े न रखे, और न इस मनसा से अपनी प्रजा के लोगों को मिस्र में भेजे कि उसके पास बहुत से घोड़े हो जाएँ, क्योंकि यहोवा ने तुम से कहा है, कि तुम उस मार्ग से फिर कभी न लौटना।

यिर्मयाह 44:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 44:12 (HINIRV) »
बचे हुए यहूदी जो हठ करके मिस्र देश में आकर रहने लगे हैं, वे सब मिट जाएँगे; इस मिस्र देश में छोटे से लेकर बड़े तक वे तलवार और अकाल के द्वारा मरके मिट जाएँगे; और लोग उन्हें कोसेंगे और चकित होंगे; और उनकी उपमा देकर श्राप दिया करेंगे और निन्दा भी करेंगे।

यिर्मयाह 42:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 42:17 (HINIRV) »
जितने मनुष्य मिस्र में रहने के लिये उसकी ओर मुँह करें, वे सब तलवार, अकाल और मरी से मरेंगे, और जो विपत्ति मैं उनके बीच डालूँगा, उससे कोई बचा न रहेगा।

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