यिर्मयाह 42:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यदि तुम इसी देश में रह जाओ, तब तो मैं तुमको नाश नहीं करूँगा वरन् बनाए रखूँगा; और तुम्हें न उखाड़ूँगा, वरन् रोपे रखूँगा; क्योंकि तुम्हारी जो हानि मैंने की है उससे मैं पछताता हूँ*।

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यिर्मयाह 42:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु

यिर्मयाह 42:10 में परमेश्वर का वचन आश्वस्त करता है कि यदि आबिलाषी लोग देश में बने रहें और ईश्वर के मार्ग पर चलने का साहस दिखाएँ तो वे विनाश से बचेंगे; यहाँ दया और अवसर—दोनों का संकेत है: दैवी न्याय का सुधार संभव है और ईश्वर प्रदेशवासियों को पुनः स्थिर करने की इच्छा रखता है।

साहित्यिक प्रसंग

यह पद उस समय का है जब यिर्मयाह को बेन-नीर के नेता और शरणार्थी ने उसकी ओहदा पर भरोसा कर के परामर्श माँगा था। वे बापी (बेबीलोन) से भाग कर दक्षिणी देश के कुछ भागों में शरण लेने की सोच रहे थे। पूरे अध्याय में यिर्मयाह की चेतावनी और परमेश्वर की प्रतिक्रिया के बीच संवाद चलता है। पद 10 में परमेश्वर उस विकल्प का प्रस्ताव रखता है जो देश में स्थिरता और मरम्मत का मार्ग खोलता है—परन्तु यह केवल तब होगा जब लोग उसकी आज्ञाओं का पालन करेंगे।

धार्मिक और नैतिक अर्थत्व

यह वचन दंड के पश्चात भी रहित न रह कर दया और बहाली की संभावना बताता है। "नाश न करूँगा… रोपे रखूँगा" यह खेती के रूपक से कहा गया है: दैवी स्वामी उखाड़ कर फेंकने के बजाय पुनर्स्थापित करने का निर्णय लेता है। इसका नैतिक संदेश यह है कि पाप के परिणाम भयंकर होते हैं, पर पश्चाताप और तिरस्कार के स्थान पर ईश्वर सुधार और नया आरंभ प्रदान करता है—जब जीवन परखन हो और लोग ईश्वरीय मार्ग पर लौटें।

शास्त्र भीतर के संबंध

यहाँ के विचार कई अन्य स्थानों से जुड़े हैं:

  • यिर्मयाह 24 — दाने और कूड़े के दृष्टांत के समान, परमेश्वर अपने लोगों का मूल्याङ्कन करता और सुधार की संभावना दिखाता है।
  • यशायाह 54 — राष्ट्र के नष्ट होने के बाद भी पुनर्स्थापना और ईश्वर की दया का आश्वासन मिलता है।
  • होजेया 14 — पश्चाताप और ईश्वर की क्षमाशीलता की पुकार; दोनों पुस्तकें दिखाती हैं कि परमेश्वर की चाह हमेशा पुनरृद्धि है।

ये संबंध दिखाते हैं कि पुराना नियम व्यक्तिगत और सामूहिक पाप के बाद भी दैवी मुक्ति की योजना पर एकरस दृष्टि रखता है।

चिंतन के लिए प्रश्न

1) क्या मैं अपने जीवन और समुदाय में ऐसे निर्णय ले रहा/रही हूँ जिनसे पुनर्स्थापना की आवश्यकता है? 
2) परमेश्वर की दया मिलने के लिये किस प्रकार का पश्चाताप और आज्ञापालन अपेक्षित है? 
3) हम किस तरह संबोधन और आज्ञा से अपने परिजनों और समाज को स्थिर रख सकते हैं?

सारांश और एकीकृत व्याख्या

यिर्मयाह 42:10 एक सरल परन्तु गहरा संदेश देता है: दंड के समय में भी परमेश्वर का लक्ष्य नाश नहीं बराँ बल्कि मरम्मत है—पर यह मरम्मत उस राजा-अपेक्षा और आज्ञापालन पर टिकी है जो लोगों को देश में बने रहने और ईश्वर की आज्ञा मानने का आग्रह करती है। पारंपरिक टिप्पणीकारों में मैथ्यू हेन्‍री ने पश्चाताप और ईश्वर की दया पर जोर दिया; आल्बर्ट बार्न्स ने इसी पद को ईश्वर की नीति और न्याय के संयोजन के रूप में समझाया; एडम क्लार्क ने इसमें दैवी मर्जीन और पुनर्स्थापना के कृषि-चित्र की व्याख्या की। (इनसे सीधे उद्धरण यहाँ संक्षिप्त संदर्भ के रूप में प्रयुक्त किए गए हैं।)

अंततः यह पद पाठक को चुनौती देता है: क्या हम उन परिस्थितियों में भी ईश्वर की आवाज सुनकर स्थिरता और आज्ञा का मार्ग चुनेंगे जहाँ पर संकट और अस्थिरता है? परमेश्वर का वचन स्पष्ट है—यदि वे उसी देश में बने रहें और उसके आदेशों के अनुसार चलें, तो वे विनाश से बचेंगे और बहाल किए जाएंगे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 42:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 31:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 31:28 (HINIRV) »
जिस प्रकार से मैं सोच-सोचकर उनको गिराता और ढाता, नष्ट करता, काट डालता और सत्यानाश ही करता था, उसी प्रकार से मैं अब सोच-सोचकर उनको रोपूँगा और बढ़ाऊँगा, यहोवा की यही वाणी है।

यिर्मयाह 24:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 24:6 (HINIRV) »
मैं उन पर कृपादृष्टि रखूँगा और उनको इस देश में लौटा ले आऊँगा; और उन्हें नाश न करूँगा, परन्तु बनाऊँगा; उन्हें उखाड़ न डालूँगा, परन्तु लगाए रखूँगा।

यहेजकेल 36:36 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 36:36 (HINIRV) »
तब जो जातियाँ तुम्हारे आस-पास बची रहेंगी, वे जान लेंगी कि मुझ यहोवा ने ढाए हुए को फिर बनाया, और उजाड़ में पेड़ रोपे हैं, मुझ यहोवा ने यह कहा, और ऐसा ही करूँगा।

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