Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यहोशू 10:1 यहोशू 10:2 यहोशू 10:3 यहोशू 10:4 यहोशू 10:5 यहोशू 10:6 यहोशू 10:7 यहोशू 10:8 यहोशू 10:9 यहोशू 10:10 यहोशू 10:11 यहोशू 10:12 यहोशू 10:13 यहोशू 10:14 यहोशू 10:15 यहोशू 10:16 यहोशू 10:17 यहोशू 10:18 यहोशू 10:19 यहोशू 10:20 यहोशू 10:21 यहोशू 10:22 यहोशू 10:23 यहोशू 10:24 यहोशू 10:25 यहोशू 10:26 यहोशू 10:27 यहोशू 10:28 यहोशू 10:29 यहोशू 10:30 यहोशू 10:31 यहोशू 10:32 यहोशू 10:33 यहोशू 10:34 यहोशू 10:35 यहोशू 10:36 यहोशू 10:37 यहोशू 10:38 यहोशू 10:39 यहोशू 10:40 यहोशू 10:41 यहोशू 10:42 यहोशू 10:43



यहोशू 10:14 का पाद— immediate setting और बहुलित पाठ
पद यहोशू 10:14 का संदर्भ युद्ध की चरम घड़ी से जुड़ा है। यह जमीन-जोड़ी युद्ध में यहोशुआ के नेतृत्व में इस्राइलियों पर विरोधी राजाओं की महारथ टूट रही है और आकाश-द्वार खुला हुआ प्रतीत होता है। यहोशू 10 के अंतर्गत यहोशू और इस्राइल के युद्ध का दृष्टांत है जहाँ प्रभु यहूदियों के साथ है और उनकी सहायता के लिए शक्तिशाली हस्तक्षेप करता है।
पाद का संदेश: परमेश्वर की दया और विजय की गारंटी
अर्थात, “न तो उससे पहले कोई ऐसा दिन हुआ और न उसके बाद, जिसमें यहोवा ने किसी पुरुष की सुनी हो; क्योंकि यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता था।” यह बोध देत है कि परमेश्वर का आशीर्वाद और उसकी शक्ति इस्राइल के साथ इतनी विशिष्ट और प्रत्यक्ष थी कि युद्धों के औचित्य और सफलता उसकी कृपा के कारण तय होती थी। यह संदेश अतीत की भव्य गवाही है कि प्रभु अपने लोगों के लिए यहोवा की सहायता के बिना एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाते।
व्याख्या के मुख्य शब्द और चिह्न
अन्य शास्त्रीय टिप्पणी से संकेत
हेनरी, बार्न्स और क्लार्क जैसे सार्वजनिक-डायरेक्ट कथनों में यह नोट किया गया है कि इस पंक्ति में परमेश्वर की उत्साहपूर्ण सहायता और यहूदियों के लिए उसकी अनुमति स्पष्ट है—यानी आशीर्वादीय युद्ध केवल मानव संकल्प का परिणाम नहीं, बल्कि दिव्य प्रेरणा और हस्तक्षेप से संचालित होता है।
Related cross-references (संयुक्त संदर्भ) और उनका संक्षिप्त समरूप
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
यह पंक्ति प्रभु की सच्ची सहायता और विशिष्ट चमत्कारों की आशा देती है। आज के ईमानदार विश्वासी के लिए यह है कि कठिनाइयों के समय भी परमेश्वर की साक्षात उपस्थिति में ही विजय की संभावना है। आत्म-विश्वास के साथ प्रार्थना करें, अभ्यास करें, और यह समझें कि परमेश्वर हमारे साथ है और हमें लड़ना पड़े तो वह भी युद्ध-योजना में साथ रहता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 10:14 हमें याद दिलाता है कि धार्मिक-युद्ध में सफलता मानव से अधिक परमेश्वर की कृपा और क्रिया पर निर्भर है। समय-सीमा के भीतर परमेश्वर द्वारा दिए गए असाधारण चमत्कार उसे संभव बनाते हैं जो केवल उसकी इच्छा के अनुसार होता है।