Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यहोशू 10:1 यहोशू 10:2 यहोशू 10:3 यहोशू 10:4 यहोशू 10:5 यहोशू 10:6 यहोशू 10:7 यहोशू 10:8 यहोशू 10:9 यहोशू 10:10 यहोशू 10:11 यहोशू 10:12 यहोशू 10:13 यहोशू 10:14 यहोशू 10:15 यहोशू 10:16 यहोशू 10:17 यहोशू 10:18 यहोशू 10:19 यहोशू 10:20 यहोशू 10:21 यहोशू 10:22 यहोशू 10:23 यहोशू 10:24 यहोशू 10:25 यहोशू 10:26 यहोशू 10:27 यहोशू 10:28 यहोशू 10:29 यहोशू 10:30 यहोशू 10:31 यहोशू 10:32 यहोशू 10:33 यहोशू 10:34 यहोशू 10:35 यहोशू 10:36 यहोशू 10:37 यहोशू 10:38 यहोशू 10:39 यहोशू 10:40 यहोशू 10:41 यहोशू 10:42 यहोशू 10:43



यहोशू 10:25 का स्पष्ट अर्थ
यह शब्द यहोशू के नेतृत्व में सैनिकों के लिए एक प्रेरणादायक उद्घोषणा है: डरो मत, और न तुम्हारा मन कच्चा हो; हियाव बाँधकर दृढ़ हो; क्योंकि यहोवा तुम्हारे सभी शत्रुओं से जिनसे तुम लड़नेवाले हो, वैसा ही करेगा।
संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यहोशू ने कनान के भीतर के युद्धों का मार्गदर्शन करते समय, इरादे बना-बना कर अति आक्रामक लड़ाइयों के बीच भी परमेश्वर की सहायता की assurance दी। इस विशिष्ट घटना में युद्ध की कड़ी परिस्थितियाँ थीं—युद्धभूमि से निकलने वाले खतरे, असत्ये शत्रुओं की सामर्थ्य, और प्रत्यक्ष संघर्ष की भारीता। यह वाक्य उन परिस्थितियों में दिया गया जब विजयी होने के लिए साहस और विश्वास अनिवार्य थे।
व्याख्यात्मक अवलोकन
कथन की कसौटी—सूक्ति-चिन्ह तथा पंक्ति-तत्व
यहूदी और ईसाई परंपराओं के विश्लेषण में यह बात उभरती है कि परमेश्वर के साथ सत्य-सम्मत संकल्प से भय दूर होता है और अग्रसरण की राह खुलती है। यहोशू का exhortation, अकस्मात् विजय के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा के अनुसार साहसपूर्ण कदम उठाने के लिए है—विश्वास-कार्य का भाग है।
प्रकाशित क्रियात्मक निष्कर्ष
सम्बन्धित पद-चयन और छोटा स्पष्टीकरण
छोटे-छोटे संदर्भक तब इस वाक्य के बहुवचन में यह दिखाते हैं कि भय से ऊपर उठकर पूर्ण विश्वास रखना इतिहास-गत प्रभाव देता है।
उपयुक्त उद्धरण (पब्लिक-डोमेन टिप्पणीकारों से)
मार्था हेनरी का सार: परमेश्वर के साथ निर्भयता ही असली वीरता है। “डरो मत” का वचन, परमेश्वर की उपस्थिति और शक्ति की पुष्टि है।
एल्बर्ट बार्न्स का संकेत: युद्ध-काल में भी परमेश्वर की प्रतिज्ञा और वचन-आस्था व्यक्ति-जीवन को स्थायित्व देती है।
एडम क्लार्क का निष्कर्ष: इसे एक मार्गदर्शन-आह्वान के रूप में देखें—युद्धकला के साथ विश्वास-चाल भी जरूरी है।
सीधी बुद्धिमानी का निष्कर्ष—व्यावहारिक takeaway
जीवन के संघर्षों में भय आना स्वाभाविक है, परन्तु परमेश्वर की शक्ति पर निर्भरता बनाये रखना है। हियाव बाँधकर दृढ़ हो कर आगे बढ़िए: सही निर्णय, नैतिकता और साहस मिलकर विजय की दिशा बनाते हैं।