Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यहोशू 10:1 यहोशू 10:2 यहोशू 10:3 यहोशू 10:4 यहोशू 10:5 यहोशू 10:6 यहोशू 10:7 यहोशू 10:8 यहोशू 10:9 यहोशू 10:10 यहोशू 10:11 यहोशू 10:12 यहोशू 10:13 यहोशू 10:14 यहोशू 10:15 यहोशू 10:16 यहोशू 10:17 यहोशू 10:18 यहोशू 10:19 यहोशू 10:20 यहोशू 10:21 यहोशू 10:22 यहोशू 10:23 यहोशू 10:24 यहोशू 10:25 यहोशू 10:26 यहोशू 10:27 यहोशू 10:28 यहोशू 10:29 यहोशू 10:30 यहोशू 10:31 यहोशू 10:32 यहोशू 10:33 यहोशू 10:34 यहोशू 10:35 यहोशू 10:36 यहोशू 10:37 यहोशू 10:38 यहोशू 10:39 यहोशू 10:40 यहोशू 10:41 यहोशू 10:42 यहोशू 10:43



यहोशू 10:19 पर टिप्पणी
पद यह बताता है कि यहोशू ने युद्ध के निर्णायक क्षणों में सेनाओं से आदेश दिया कि वे हर तरह से पीछा करते रहें और शत्रुओं के पीछे पड़े लोग भी अंत तक मार डालें, ताकि वे भागकर अपने शहरों में प्रवेश न कर सकें। यह आदेश युद्ध-स्थिति के भीतर है और ईश्वरीय कृत्यों के संदर्भ में है कि परमेश्वर ने इन्हें उनके हाथ में कर दिया है। इस पंक्ति का उद्देश्य आगे पीछे भागने वाले प्रतिरोधी ढांचे को नष्ट करना है ताकि विजय स्थिर और अंतिम हो सके।
केंद्रीय अर्थ
यह आदेश यह संकेत देता है कि परमेश्वर के साथ निर्भय होकर चलने पर विजय प्राप्त होती है, और भय से नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास से शत्रु का पीछा करना चाहिए। जो पीछे छूट गए थे, उन्हें मार डालना, नगरों में प्रवेश करने का अवसर रोकना—इन सबका मतलब है कि भविष्य के खतरे को रोकना ताकि पुनः उभरकर प्रतिघात न बने। यह परमेश्वर के संहारक न्याय और उसकी व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन का illustration है।
तीन प्रमुख थीम
सम्बद्ध छंद पर नज़र
• अन्य स्थान जहां इस प्रकार की विचारधारा उभरती है: नीचे के संदर्भ देखें—
उपर्युक्त संदर्भ दिखाते हैं कि यह आंदोलन शास्त्रीय न्याय और स्थायी सुरक्षा के दायरे में है; विजय केवल युद्ध नहीं, बल्कि परमेश्वर के आदेशों का पालन और व्यवस्था के लक्ष्य की पूर्ति है।
कायिक नैतिकता और आधुनिक अनुप्रयोग
इस वाक्य को सीधे आधुनिक नैतिक विवादों पर नहीं लागू करना चाहिए, बल्कि यह याद दिलाता है कि जब ईश्वर की योजना स्पष्ट हो, तब चरित्र-निष्ठा और निर्भयता के साथ निर्णय लेने चाहिए। विश्वास के समय भी अनुशासन और जिम्मेदारी आवश्यक है ताकि किसी भी प्रेरणा से अन्याय न हो।
छोटा विचार
यही संदेश कि परमेश्वर के साथ साहस और सच्चे उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि भय या भ्रम ही विरोधी को स्थिर न रहने दे और परमेश्वर की योजना सुरक्षित रहे।
छोटा सारांश
यहोशू के युद्ध-आदेश में शत्रु के पीछे पड़े रहने और भागे हुए को रोकने की योजना स्पष्ट करती है, ताकि विजय स्थिर हो और भविष्य में खतरे न उभरें। सोपान यह है कि परमेश्वर की महिमा के लिए होंठ-बोल की निर्भयता और नीति-संरचना के साथ कदम उठाने चाहिए।
पूर्वकाल टिप्पणीकारों के संक्षेप अनुसार: “जो कुछ ईश्वर ने कर डाला है, वह पहले से पूर्ण है”—मैथ्यू हेन्री के रूपक विचारों से प्रेरणा मिलती है, और एडम क्लार्क ने यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर की अनुमति के बिना यह नहीं हो सकता।
क्रॉस-रेफरेंसेज़: