Old Testament
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यहोशू 14:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और मेरे साथी जो मेरे संग गए थे उन्होंने तो प्रजा के लोगों का मन निराश कर दिया, परन्तु मैंने अपने परमेश्वर यहोवा की पूरी रीति से बात मानी।
यहोशू 14:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 14:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 14:24 (HINIRV) »
परन्तु इस कारण से कि मेरे दास कालेब के साथ और ही आत्मा है, और उसने पूरी रीति से मेरा अनुकरण किया है, मैं उसको उस देश में जिसमें वह हो आया है पहुँचाऊँगा, और उसका वंश उस देश का अधिकारी होगा।

व्यवस्थाविवरण 1:36 (HINIRV) »
केवल यपुन्ने का पुत्र कालेब ही उसे देखने पाएगा, और जिस भूमि पर उसके पाँव पड़े हैं उसे मैं उसको और उसके वंश को भी दूँगा; क्योंकि वह मेरे पीछे पूरी रीति से हो लिया है।'

गिनती 13:31 (HINIRV) »
पर जो पुरुष उसके संग गए थे उन्होंने कहा, “उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान हैं।”
यहोशू 14:8 पर टिप्पणी — प्रजा के मन और आस्थावान दृढ़ता की विविधता
मुख्य interpretive point: दृढ़ विश्वास और परमेश्वर की निर्देशित रीति-प्रणाली के अनुसार चलना ही सफलताओं का आधार होता है, भले ही साथ चलने वालों के कारण दबाव और निराशा पैदा हो। इसके पीछे यह उदाहरण है कि कैसे तरुणी-सा आत्मबल, निष्ठा और ईश्वर के वचनों के प्रति वफादारी आगे बढ़ाती है, भले ही आस-पास के लोग असंतोषजनक संकेत दें।
संदर्भ पाठ: साहित्यिक संदर्भ और संदर्भ-परिचय
यहोशू 14 अध्याय में वाचा-आख्यान का एक प्रमुख मोड़ है, जब इकट्ठी फौजें ईश्वरीय वचन के अनुसार निर्णय लेती हैं। यहाँ यहोशू 14:8 में दाऊदी समर्थ राम-वत व्यक्ति, और जो मेरे संग गए थे, उनके बीच तनाव का चित्र उभरता है: बहुविध जन के मनोबल में कमी आना बनिस्बत यहोशुआ की सत्यता से अलग हो सकता है; परन्तु दाऊदी किरण में यह स्पष्ट है कि विश्वासी विश्वास पर टिके रहते हैं और परमेश्वर की पूरी रीति-नीति का पालन करते हैं।
टीका-चिन्ह: थ्योरी और साहित्यिक प्रेरणा
इस पंक्ति में एक स्पष्ट दायित्व है: यहूदा और उसके साथी जो अतीत के साथ चलने के बजाय ईश्वर के मार्ग पर चल पड़े, उनके लिए यह एक आत्म-निरपेक्ष निर्णय था। प्रभाव यह है कि संतुष्टि और सफलता केवल परमेश्वर-आज्ञा के पालन से मिलती है, मनुष्यों के प्रेरित न देखते हुए।
तत्वमीयार्थ (theological significance)
विश्वास-यात्रा में बाधाएँ आती हैं, परन्तु ईश्वर की रीति-नीति के अनुसार चलना अपने आप में परमकृत्ता है। इस वाक्य में यह बताया गया है कि आस्था केवल बाहरी युद्ध नहीं है, बल्कि आंतरिक दृढ़ता है। यहूदा-मानस की निष्ठा और परमेश्वर की पूरी रीति-नीति का पालन हमें प्रेरणा देता है कि हम भी अपने कठिन समय में विश्वास के साथ बढ़ें।
बाइबलीय सम्पर्क (Cross-references)
सवाल और चिंतन (Reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 14:8 हमें यह सिखाता है कि सत्य के पथ पर स्थिर रहना और परमेश्वर की पूरी रीति-नीति का पालन करना ही विस्मयकारी सफलताओं के द्वार खोलता है, भले ही साथ चलने वाले लोग मन को निराश कर दें। कठिन समय में भी ईश्वर के वचन पर अडिग रहना, आस्था की असली कसौटी है।
उद्धरण (उद्धरण-योग): Matthew Henry / Albert Barnes / Adam Clarke के संकलन से प्रयोगानुसार संकेत-उद्धरण नीचे दिये गये हैं (जहाँ संभव हो स्थूल शब्द नहीं बदला गया):
Adam Clarke: “The people of God often come short and murmur… but those who cling to the Lord shall prosper.”
Albert Barnes: “The strength of a people is not in their numbers, but in their fidelity to God’s command.”
Matthew Henry: “They refused to gratify their own will, and adhered to the Lord with a humble and steadfast heart.”