भजन संहिता 78:36 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तो भी उन्होंने उसकी चापलूसी की; वे उससे झूठ बोले।

भजन संहिता 78:36 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 78:36 का अर्थ संक्षेप में

इस पद में कहा गया है कि लोग परमेश्वर के साथ किए गए वादों को चापलूसी और झूठी बोलचाल से खोखला करते हैं। वे बहकावे में आकर उसकी महिमा को ठेस पहुँचाते हैं और अपने स्वार्थपूर्ण मनोभावों के अनुसार व्यवहार करते हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह भजन संहिता का एक भाग है जो इस्राइल के इतिहास की बार-बार असफलताओं और परमेश्वर के धैर्यभरे मानवीय प्रतिक्रिया के बारे में है। लेखक ने राज्य-यात्रा, खतरे और चमत्कारों केafter- effects को उद्घाटित किया है ताकि श्रोता विश्वासघात और पाप की प्रवृत्ति से सचेत रहें। यहाँ चापलूसी का रूप गढ़ी गई विद्दा है—कथित श्रद्धा जो व्यवहार में नहीं उतरती, बल्कि स्वार्थलिप्सा को बढ़ाती है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • प्रतीकात्मक चापलूसी: लोग परमेश्वर की महिमा का नाम लेते हैं पर उनके जीवन में उसकी आज्ञाओं का पालन नहीं करते—यह एक तरह की धोखा-भरी प्रशंसा है।
  • झूठ बोलना: केवल शब्दों की नहीं, बल्कि कर्म की भी असंगति—मुखে विश्वास और कामों में विरोध।
  • नैतिक चेतावनी: इस प्रकार के व्यवहार से व्यक्ति और समुदाय दोनों दूषित होते हैं; परमेश्वर का आशीर्वाद इन परिस्थितियों से बाधित होता है।

छोटे थीमैटिक बिंदु

  1. धार्मिक दिखावे बनाम अंतरमन
  2. स्वार्थ बनाम पूर्ण समर्पण
  3. धर्म की वास्तविकता बनाम दुष्परिणाम

अन्य आयतन से सम्बद्ध टीका (Cross-References)

यहोशू 24:14— एक बार फिर निष्ठा का आह्वान, स्पष्ट कहते हैं कि हम परमेश्वर की सेवा को चुनें और उसके मार्गों के अनुसार चलें; बाहरी दिखावे से नहीं।

कुरिन्थियों के लिये पहला पत्र 4:5— प्रभु वही करेगा जो सच और न्यायपूर्ण है; अतः हर दिल की गहराई से विचार करें ताकि छलक-चाल में न पड़ें।

यशायाह 29:13— यह प्रवृत्ति कि लोग जो कहते हैं वही करते नहीं, परमेश्वर के साथ वास्तविक भक्ति में बाधक बनती है।

उद्धरण-संयोजन (संदर्भित स्रोतों में से संक्षेप उद्धरण)

यदि उपलब्ध हो तो नीचे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के छोटे उद्धरणों का उपयोग आवश्यकतानुसार किया गया है।

संक्षेपित व्यावहारिक निष्कर्ष

हममें से प्रत्येक को यह देखने की जरूरत है कि क्या हमारी प्रार्थनाएँ और वचन व्यवहार के अनुरूप हैं। बाहरी धर्म दिखाने के बजाय अंतरमन की सच्ची आस्था को प्राथमिकता दें, ताकि हमारी चापलूसी प्रेम में बदल जाए जो परमेश्वर के साथ एक सच्चे संबंध की निशानी बने।

सार्वजनिक अनुवाद अनुसार निष्कर्ष

भजन 78:36 हमें सचेत करता है कि चापलूसी के साथ-साथ झूठी अपेक्षाओं पर काबू पाया जाए। परमेश्वर की कुदरत तथा उसकी वचनबद्धता पर विश्वास रखें और अपने जीवन में ईमानदार धर्म का मार्ग अपनाएं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 78:36 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहेजकेल 33:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 33:31 (HINIRV) »
वे प्रजा के समान तेरे पास आते और मेरी प्रजा बनकर तेरे सामने बैठकर तेरे वचन सुनते हैं, परन्तु वे उन पर चलते नहीं; मुँह से तो वे बहुत प्रेम दिखाते हैं, परन्तु उनका मन लालच ही में लगा रहता है।

यशायाह 29:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 29:13 (HINIRV) »
प्रभु ने कहा, “ये लोग जो मुँह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझसे दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं, (मत्ती 15:8,9, मर. 7:6,7)

व्यवस्थाविवरण 5:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 5:28 (HINIRV) »
“जब तुम मुझसे ये बातें कह रहे थे तब यहोवा ने तुम्हारी बातें सुनीं; तब उसने मुझसे कहा, 'इन लोगों ने जो-जो बातें तुझसे कही हैं मैंने सुनी हैं; इन्होंने जो कुछ कहा वह ठीक ही कहा।

भजन संहिता 78 (HINIRV) Verse Selection

भजन संहिता 78:1 भजन संहिता 78:2 भजन संहिता 78:3 भजन संहिता 78:4 भजन संहिता 78:5 भजन संहिता 78:6 भजन संहिता 78:7 भजन संहिता 78:8 भजन संहिता 78:9 भजन संहिता 78:10 भजन संहिता 78:11 भजन संहिता 78:12 भजन संहिता 78:13 भजन संहिता 78:14 भजन संहिता 78:15 भजन संहिता 78:16 भजन संहिता 78:17 भजन संहिता 78:18 भजन संहिता 78:19 भजन संहिता 78:20 भजन संहिता 78:21 भजन संहिता 78:22 भजन संहिता 78:23 भजन संहिता 78:24 भजन संहिता 78:25 भजन संहिता 78:26 भजन संहिता 78:27 भजन संहिता 78:28 भजन संहिता 78:29 भजन संहिता 78:30 भजन संहिता 78:31 भजन संहिता 78:32 भजन संहिता 78:33 भजन संहिता 78:34 भजन संहिता 78:35 भजन संहिता 78:36 भजन संहिता 78:37 भजन संहिता 78:38 भजन संहिता 78:39 भजन संहिता 78:40 भजन संहिता 78:41 भजन संहिता 78:42 भजन संहिता 78:43 भजन संहिता 78:44 भजन संहिता 78:45 भजन संहिता 78:46 भजन संहिता 78:47 भजन संहिता 78:48 भजन संहिता 78:49 भजन संहिता 78:50 भजन संहिता 78:51 भजन संहिता 78:52 भजन संहिता 78:53 भजन संहिता 78:54 भजन संहिता 78:55 भजन संहिता 78:56 भजन संहिता 78:57 भजन संहिता 78:58 भजन संहिता 78:59 भजन संहिता 78:60 भजन संहिता 78:61 भजन संहिता 78:62 भजन संहिता 78:63 भजन संहिता 78:64 भजन संहिता 78:65 भजन संहिता 78:66 भजन संहिता 78:67 भजन संहिता 78:68 भजन संहिता 78:69 भजन संहिता 78:70 भजन संहिता 78:71 भजन संहिता 78:72

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें