भजन संहिता 78:63 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उनके जवान आग से भस्म हुए, और उनकी कुमारियों के विवाह के गीत न गाएँ गए।

भजन संहिता 78:63 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 78:63 का संदर्भ और अर्थ

यह पद पवित्र इतिहास के संदर्भ में उन घटनाओं की स्मृति कराता है जब परमेश्वर ने इस्रैलियों के पथ पर उनकी प्रशंसा और विश्वास को कमजोर किया। भजन 78 समूचे चयन के इतिहास को दोहराते ढंग से बताता है कि ईश्वर की करुणा के बावजूद पाप और अविश्वास ने कितनी बार उनके समुदाय को अन्यायपूर्ण परिणामों का सामना कराया। इस शाब्दिक पंक्ति में खास तौर पर युद्ध और जन-जीवन के व्यापक विनाश का चित्रण है; जवान महिलाओं सहित, संरक्षण और सम्मान के बिना, उनके समाज की मान्यताओं और भविष्य की आशाएं ध्वस्त हो जाती हैं।

मुख्य अर्थ

यह पंक्ति एक क्रूर स्मृति है कि परमेश्वर के चनाव और आशीष के बावजूद यदि लोग उस आशीष पर स्थिर न रहकर पाप के मार्ग पर चलते हैं, तो परिणाम गम्भीर होते हैं। यद्यपि भक्तजन का स्वरूप बहादुरी से लड़ा गया, परन्तु परिणामस्वरूप शक्तिशाली हमलों और शोकों ने उनके समुदाय के मजबूत आधारों को चुनौती दी। यह पाठ हमें तादात्म्य से याद दिलाता है कि सामाजिक और पारिवारिक जीवन का संरक्षण ईश्वर के निर्देशों के पालन पर टिका है।

2-3 प्रमुख विषय

  • योध्नात्मक पारिवारिक क्षति: युवा और विवाह-गीतों की चुप्पी, जीवन-गायनों के अवशोषण से जुड़ा है, जो मानवीय समुदाय की सामूहिक याद और संस्कृति की धरोहर है।
  • निष्ठा बनाम अविश्वास: परमेश्वर के प्रति अविश्वास के परिणामस्वरूप सुरक्षा के संकेत और आनंद के साथ जुड़े सामाजिक-आर्थिक नुकसान दिखते हैं।
  • शासन और दया की मुद्रा: परमेश्वर के निर्देशों का स्मरण कराते हुए, अनुग्रह और दया के साथ पंथ के पुनःस्थापन की आवश्यकता उजागर होती है।

संबद्ध आयतें (cross-references) और स्पष्ट संक्षेप

- बाह्य स्मरण: भजन 105:37–45— ईश्वर के उद्धार और चमत्कारों के स्मरण से आगे बढकर उनकी आज्ञाओं के पालन की प्रेरणा।

- पथभ्रष्टता के परिणाम: दानियाल 9:7–9 के समान अविश्वास के वक्त उत्पन्न होने वाले दायित्व और दया के आह्वान।

- पुनर्स्थापना की आशा: नीतिवचन 3:5–6 आदि में ईश्वर के मार्ग पर भरोसा बनाए रखने का महत्व।

व्यावहारिक विचार

जीवन के कठिन पड़ावों में भी ईश्वर के नियमों का स्मरण और समुदायिक सद्भाव बनाए रखना आवश्यक है। भय या पीड़ा की घड़ी में यदि परिवार और समुदाय एकजुट रहते हैं और विश्वास के मार्ग पर चलते हैं, तो आघात के बाद भी आशा पुनः स्थापित हो सकती है। यह पद हमें यह सिखाते हैं कि सामाजिक-आर्थिक और भावनात्मक सुरक्षा निष्ठा और ईश्वर-आज्ञा के पालन से जुड़ी है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

भजन 78:63 एक चेतावनी भी है— परमेश्वर की करुणा के साथ-साथ यदि लोग उसकी स्तुति और आशीष से विचलित होते हैं, तो सामाजिक और पारिवारिक धरोहर को आघात पहुँच सकता है। परन्तु यह भी संकेत करता है कि पाप के रास्ते से लौटकर ईश्वर के मार्ग पर फिर से आना संभव है, और उसकी दया से फिर से जीवन-गीतों के लिए स्थान बन सकता है।

अनुमित उद्धरण (historical commentators)

यह पाठ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-परंपरा के भीतर आधुनिक सार को समाहित करने के लिए प्रस्तुत है।

योग्य उद्धरणों के दौरान, यदि उपलब्ध हों, सूक्तियाँ सीधे उद्धृत की गईं हों तो उन्हें नीचे चिह्नित किया गया है.

Related note: Henry, Barnes, Clarke के विचारों के मिलन से यह निष्कर्ष निकलता है कि पवित्र इतिहास के इस भाग में दायित्व और दया का संतुलन लिए रखा गया है—निष्ठा बनाए रखकर ही बुरे समय में भी आशीष से पुनः संपन्न हो सकता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 78:63 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 7:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 7:34 (HINIRV) »
उस समय मैं ऐसा करूँगा कि यहूदा के नगरों और यरूशलेम की सड़कों में न तो हर्ष और आनन्द का शब्द सुन पड़ेगा, और न दुल्हे और न दुल्हिन का; क्योंकि देश उजाड़ ही उजाड़ हो जाएगा। (होशे 2:11, यिर्म. 16:9)

यिर्मयाह 16:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 16:9 (HINIRV) »
क्योंकि सेनाओं का यहोवा, इस्राएल का परमेश्‍वर यह कहता है: देख, तुम लोगों के देखते और तुम्हारे ही दिनों में मैं ऐसा करूँगा कि इस स्थान में न तो हर्ष और न आनन्द का शब्द सुनाई पड़ेगा, न दुल्हे और न दुल्हिन का शब्द। (प्रका. 18:23)

गिनती 11:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
गिनती 11:1 (HINIRV) »
फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; अतः यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य में जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी।

भजन संहिता 78 (HINIRV) Verse Selection

भजन संहिता 78:1 भजन संहिता 78:2 भजन संहिता 78:3 भजन संहिता 78:4 भजन संहिता 78:5 भजन संहिता 78:6 भजन संहिता 78:7 भजन संहिता 78:8 भजन संहिता 78:9 भजन संहिता 78:10 भजन संहिता 78:11 भजन संहिता 78:12 भजन संहिता 78:13 भजन संहिता 78:14 भजन संहिता 78:15 भजन संहिता 78:16 भजन संहिता 78:17 भजन संहिता 78:18 भजन संहिता 78:19 भजन संहिता 78:20 भजन संहिता 78:21 भजन संहिता 78:22 भजन संहिता 78:23 भजन संहिता 78:24 भजन संहिता 78:25 भजन संहिता 78:26 भजन संहिता 78:27 भजन संहिता 78:28 भजन संहिता 78:29 भजन संहिता 78:30 भजन संहिता 78:31 भजन संहिता 78:32 भजन संहिता 78:33 भजन संहिता 78:34 भजन संहिता 78:35 भजन संहिता 78:36 भजन संहिता 78:37 भजन संहिता 78:38 भजन संहिता 78:39 भजन संहिता 78:40 भजन संहिता 78:41 भजन संहिता 78:42 भजन संहिता 78:43 भजन संहिता 78:44 भजन संहिता 78:45 भजन संहिता 78:46 भजन संहिता 78:47 भजन संहिता 78:48 भजन संहिता 78:49 भजन संहिता 78:50 भजन संहिता 78:51 भजन संहिता 78:52 भजन संहिता 78:53 भजन संहिता 78:54 भजन संहिता 78:55 भजन संहिता 78:56 भजन संहिता 78:57 भजन संहिता 78:58 भजन संहिता 78:59 भजन संहिता 78:60 भजन संहिता 78:61 भजन संहिता 78:62 भजन संहिता 78:63 भजन संहिता 78:64 भजन संहिता 78:65 भजन संहिता 78:66 भजन संहिता 78:67 भजन संहिता 78:68 भजन संहिता 78:69 भजन संहिता 78:70 भजन संहिता 78:71 भजन संहिता 78:72

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें