भजन संहिता 78:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तो भी उसने आकाश को आज्ञा दी, और स्वर्ग के द्वारों को खोला;

भजन संहिता 78:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 78:23 का अर्थ

सीधे शब्दों में यह वचन कहता है कि परमेश्वर ने आकाश को आज्ञा दी और स्वर्ग के द्विलों को खोला। इसका आशय यह है कि भगवान ने अपने लोगों के लिए दिव्य आशीषों और प्रेरणाओं को खुला रखा, ताकि वे विश्वास में दृढ़ बनें और भक्ति में उन्नत हों।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

भजन संहिता 78 एक दीर्घ कालखण्ड की स्मरणृत्वक और इतिहास-सीखा देने वाला भजन है। यह परमेश्वर के चमत्कारों, विद्वेषपूर्ण प्रतिरोध के बीच भी ईश्वर की योजनाओं की स्थिरता की याद दिलाता है। 23वें Verse में संहिताग्रंथकार यह दिखाते हैं कि परमेश्वर ने आकाश के द्वार खोले ताकि आकाश से प्रेरणा, जलवृष्टी, आशीर्वाद और निर्देश मिलते रहें। यह दिव्य आशीर्वाद-स्रोत का चित्रण है, जो भक्ति और सार्वजनिक स्मारक के साथ जुड़ा है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • आकाश के द्वार का खुलना न केवल भौतिक वर्षा की बात है, बल्कि परमेश्वर के निर्देशन और बुद्धिमत्ता के प्राचुर्य को प्रवाहित करना है।
  • यह प्रभु की शासकीय सामर्थ्य को दिखाता है कि वह अपने लोगों के लिए आवश्यक प्रसंग और मार्गदर्शन खोल देता है।
  • पाठ यह भी संकेत करता है कि लोगों को धार्मिक स्मरण और आज्ञाओं के पालन से आशीर्वाद मिलते हैं।

छोटे थेमाटिक बिंदु

  • ईश्वर की सत्ता और उसकी योजना का खुला प्रवाह।
  • आशीर्वादों और निर्देशन के स्रोत के रूप में आकाश का अर्थ।
  • आस्था और आज्ञापालन के बीच संतुलन का संकेत।

अन्य क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त व्याख्या)

• भजन संहिता 105:41 — परमेश्वर के चमत्कारिक कामों का स्मरण और उनकी कृपा का खुलना। यह संदर्भ बताता है कि कैसे ईश्वर स्मृतियों को खोलकर अपने लोगों को ऊपर उठाते हैं।
• परमेश्वर के वादों के संदर्भ में निर्भरता: यीशु के शिक्षण में आकाश के द्वार की कल्पना परमेश्वर के सच्चे मार्गदर्शन की ओर संकेत करती है (नया नियम के दृष्टिकोण से देखना उचित है)।
• इब्रानियों 11:33-34 जैसे पाठ, जहां विश्वास के कारण दिव्य शक्तियाँ खुलती हैं—यह पाठक के लिए प्रेरणा देता है कि विश्वास के साथ आशीषों की पहुँच बनी रहे।

अनुवाद-संवाद (HINIRV के अनुसार)

“तो भी उसने आकाश को आज्ञा दी, और स्वर्ग के द्वारों को खोला;” यह वचन ईश्वर के नियंत्रण और कृपा की निरंतर उपलब्धता को दर्शाता है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

यदि हम अपने जीवन में ईमानदारी से परमेश्वर की आवाज़ सुनते हैं, तो वह हमारे स्पर्श-रेखाओं को खुला रखता है—आशीर्वाद, दिशा, और प्रेरणा के रूप में। भक्ति में स्थिर रहें, ताकि आकाश का द्वार καθη्त रूप से खुले रहें और हमारे प्रयासों में परमेश्वर की शक्ति साथ दे।

सूक्ष्म उद्धरण (प्रमुख टिप्पणीकारों से)

मैथ्यू हेनरी, अलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायनेस्टिक विचारों के अनुरूप, यह वचन परमेश्वर की शासन-शक्ति और कृपा के प्रकाश में समझा जा सकता है कि दिव्य प्रेरणा और भक्ति मार्गदर्शित करती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 78:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

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जब नूह की आयु के छः सौवें वर्ष के दूसरे महीने का सत्रहवाँ दिन आया; उसी दिन बड़े गहरे समुद्र के सब सोते फूट निकले और आकाश के झरोखे खुल गए।

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सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूँ कि नहीं।

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और उस सरदार ने परमेश्‍वर के भक्त को, उत्तर देकर कहा था, “सुन चाहे यहोवा आकाश में झरोखे खोले तो भी क्या ऐसी बात हो सकेगी?” और उसने कहा था, “सुन, तू यह अपनी आँखों से तो देखेगा, परन्तु उस अन्न में से खाने न पाएगा।”

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