भजन संहिता 78:67 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर उसने यूसुफ के तम्बू को तज दिया; और एप्रैम के गोत्र को न चुना;

भजन संहिता 78:67 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 78:67 का संदर्भ और सार

पद: फिर उसने यूसुफ के तम्बू को तज दिया; और एप्रैम के गोत्र को न चुना;

यह वाक्य हजारों वर्षों की परमकथा में एक कठोर परंतु स्पष्ट सच बताता है: परमेश्वर ने अपने उद्देश्य के अनुसार याकूब के प्रति चयन और सुरक्षा के तरीके बदले। वास्तविक संदर्भ में यह सूचित करता है कि यहूदी प्रदेशों के विभाजन के समय ईश्वर ने कुछ गोत्रों को विशेष स्थान नहीं दिया, ताकि भविष्य की भक्ति और सत्ता के divine योजना में संतुलन बना रहे। यह पंक्ति, भजनकार के इतिहास-आख्यान के भीतर, यह भी दिखाती है कि परमेश्वर की योजना मानव की मानवीय अपेक्षाओं से ऊपर है और चयन-व्यवस्था कभी-कभी “न चुना जाना” के रूप में सामने आता है ताकि उसकी महिमा बढ़े।

मुख्य विचार

1) ईश्वर के चयन में साहचर्य बनाम विविधता: भजन लेखक दिखाते हैं कि परमेश्वर अपने विधान के अनुसार कार्य करते हैं, कभी-कभी किसी गोत्र को आगे बढ़ाकर नहीं, ताकि उनके करामात और उद्धार की योजना सार्वभौम रहे।

2) इतिहास में सच्चाई की कठोरता: यह वाक्य अतीत के चुनाव-निर्णयों के संकेत देता है, ताकि पीढ़ियाँ यह समझें कि परमेश्वर की राह अति-व्यावहारिक नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण है।

3) संरक्षण और न्याय का संतुलन: चयन-निर्णय में न्याय-प्रत्यय है—जो कुछ मिला, उसे छोड़कर कुछ नया दिया गया—ताकि राज्य-पुरोहित और उद्धारकर्ता की भूमिका एक समानुपात में रहे।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • यहोवा की नीति में स्वतंत्रता: गोत्र-चयन की यह असमानता संकेत करती है कि परमेश्वर किसी एक व्यवस्था-आकार के भीतर नहीं बंधा रहता, बल्कि उसकी योजना चैतन्य और गतिशील है।
  • इतिहास पर निर्भर भविष्य: पिछले चुनावों के परिणाम आज के विश्वासियों के लिये मार्गदर्शक हैं—क्योंकि ईश्वर के कर्म अतीत से भविष्य तक निरंतर संबंध रखते हैं।
  • आस्था की सुगमता नहीं, विवेक की मांग: वरदान और परित्याग दोनों साथ चलते हैं; विश्वासियों को यह समझना है कि परमेश्वर की योजना में व्यक्तिगत संतुलन आवश्यक है।

संबंधित आयतें

• भजन संहिता के चित्रण में चयन-निर्णय का विषय अन्य जगहों पर भी उभरता है, जहाँ परमेश्वर के उद्देश्य मनुष्यों की अपेक्षा के बाहर चलते हैं।

• पुराने नियम की सत्ता-योजना में दायित्व और विधि का समन्वय दिखता है, जिससे पाठक को यह समझ आए कि परमेश्वर के आह्वान और वरदान एकीकृत हैं।

व्यावहारिक चिंतन

जब हम दिखते हैं कि कुछ गोत्र या लोग इतिहास में पीछे छूट जाते हैं, तो यहां दो बातें सीखनी चाहिए: एक—हम प्रभु की पराक्रम-योजना के प्रति नम्र रहें; दो—हम अपने समुदाय में बहुलता-युक्त योगदानों के महत्व को स्वीकार करें। ईश्वर किसी एक पंक्ति या वर्ग तक सीमित नहीं रहते, फिर भी हर एक व्यक्ति के लिए उनकी करुणा और दिशा होती है।

संक्षिप्त समापन

यह पद हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर का चयन और वितरण हमारी कल्पनाओं से परे है—कभी-कभी कुछ चुन कर नहीं दिया गया, ताकि उसकी महान योजना अधिक स्पष्ट हो जाए। भजनकार हमें स्मरण कराते हैं कि ईश्वर के निर्णयों में न्याय, करुणा और उद्देश्य सभी साथ चलते हैं।

Cross-references और संक्षिप्त व्याख्या

1) अन्य स्थानों से चयन-योजना का संकेत: यह दिखाता है कि परमेश्वर कभी-कभी किन्हीं कारणों से कुछ गोत्रों या लोगों को आगे नहीं बढ़ाते, ताकि उसकी सत्ता की महिमा उजागर हो।

2) इतिहास-विद्या में विश्वास: पिछली घटनाओं से आज के विश्वास को सत्य-स्थिरता मिलती है और भगवान की योजना में विश्वास बढ़ता है।

3) उद्धार-योजनाओं की एकता: पास के उद्धारकर्ता के माध्यम से कैसे विभाजन भी एकता में बदलती है, इसे समझना अधिक गहरा होता है।

महत्वपूर्ण उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के मौलिक सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-लिखनों से सीधे शब्द यहाँ नहीं दिए जाते; किंतु उनके विचार इस सार में समाहित हैं: परमेश्वर के चयन-कर्म में स्वतंत्रता, इतिहास-आख्यान की कठोरता और उद्धार-योजना की स्थिरता।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 78:67 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 6:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 6:21 (HINIRV) »
तब उन्होंने किर्यत्यारीम के निवासियों के पास यह कहने को दूत भेजे, “पलिश्तियों ने यहोवा का सन्दूक लौटा दिया है; इसलिए तुम आकर उसे अपने यहाँ ले जाओ।”

2 शमूएल 6:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 6:17 (HINIRV) »
और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात् उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।

2 शमूएल 6:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 6:2 (HINIRV) »
तब दाऊद और जितने लोग उसके संग थे, वे सब उठकर यहूदा के बाले नामक स्थान से चले, कि परमेश्‍वर का वह सन्दूक ले आएँ, जो करूबों पर विराजनेवाले सेनाओं के यहोवा का कहलाता है।

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