Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 2:3 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 2:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि तुम ने प्रभु की भलाई का स्वाद चख लिया है। (भज. 34:8)
1 पतरस 2:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 2:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 34:8 (HINIRV) »
चखकर देखो* कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो उसकी शरण लेता है। (1 पत. 2:3)

भजन संहिता 63:5 (HINIRV) »
मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार करके तेरी स्तुति करूँगा।

भजन संहिता 24:8 (HINIRV) »
वह प्रतापी राजा कौन है? यहोवा जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है!
1 पतरस 2:3 — संक्षिप्त व्याख्या और संदर्भ
यह पद छोटा परन्तु सामर्थ्यशाली है: "क्योंकि तुम ने प्रभु की भलाई का स्वाद चख लिया है।" पतरस यहाँ नव-विश्वासियों को बुलाता है कि जैसे शिशु मातृत्व स्तन का स्वाद चखकर जीवन में वृद्धि करते हैं, वैसे ही वे भी अपने मसीही जीवन की शुरुआत में परमेश्वर की कृपा और सत्य का अनुभव कर चुके हैं। पूर्व वचन (1 पतरस 2:1-2) में पापों को त्यागने और शुद्ध आध्यात्मिक दूध की लालसा करने की प्रेरणा दी गई है; यह पद उसी अनुरोध का आधार बताता है—क्योंकि वे पहले ही ईश्वर की भलाई का अनुभव कर चुके हैं, इसलिए आगे बढ़ें।
केंद्रीय अर्थ
मुख्यतः यह पद अनुभवगत विश्वास और आत्मिक पोषण की अपेक्षा पर जोर देता है। "प्रभु की भलाई" का अनुभव तात्पर्य है मसीह के द्वारा मिलने वाली मुक्ति, शांति और आत्मिक परिपोषण। "स्वाद चखना" शब्दांश यह बताता है कि विश्वास बुद्धि का मामला मात्र नहीं, बल्कि जीवन-भोग्य अनुभव है—यह स्वादिक और अन्तरात्मीय अनुभव है जो आगे की वृद्धि के लिए प्रेरणा देता है।
प्रमुख विषय
संबंधित पद और संक्षेप व्याख्या
भजन 34:8 का यहाँ संकेत है जहाँ लेखन भी "परमेश्वर की भलाई का स्वाद चखो" की कल्पना प्रस्तुत करता है—दोनों स्थान अनुभव को आमंत्रित करते हैं। तुलना से स्पष्ट होता है कि यह बाइबिलीय चित्रित कथ्य केवल सैद्धान्तिक नहीं बल्कि आमंत्रण है।
पर्याप्त जोड़ियाँ:
—यूहन्ना 4 (जीवंत जल का वचन): जहाँ अनुभवजन्य द्रव और आत्मिक तृष्णा का समाधान प्रस्तुत हुआ—यह भी अनुभव पर जोर देता है।
—इब्रानियों 6:4-5: अनुभव और आशीर्वाद के संकेतों का वर्णन; 1 पतरस की भाषा के साथ मिलकर यह दिखाता है कि अनुभव जनित आस्था को दृढ़ करना चाहिए।
व्यवहारिक चिंतन
यदि आपने "प्रभु की भलाई" का अनुभव किया है, तो यह पद आपके लिए निमंत्रण है—वृद्धि की ओर बढ़ो। व्यवहारिक रूप से इसका अर्थ है: रोजाना सत्य का सेवन (धार्मिक पाठ, प्रार्थना, उपासना), पीढ़ा में भागीदारी, और उन गतिविधियों को अपनाना जो आत्मिक विकास को पोषित करें। अनुभव न केवल सांत्वना देता है बल्कि जिम्मेदारी भी देता है—आपके चेहरे पर और व्यवहार में वह भलाई दिखनी चाहिए।
छोटा उद्धरण और संदर्भ (पारंपरिक टिप्पणीकारों से)
मैथ्यू हेनरी ने कहा है (संक्षेप): "यदि हम प्रभु की भलाई का स्वाद चखते हैं तो वह हमें और अधिक चाहने को प्रेरित करेगा।" यह विचार यहाँ प्रासंगिक है क्योंकि अनुभव ही लालसा और वृद्धि की जननी है। अल्बर्ट बार्न्स ने भी संकेत किया कि "स्वाद चखना" अनुभव और विश्वास की जीवंत प्रकृति को दर्शाता है। (उद्धरण संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।)
संक्षेप
1 पतरस 2:3 एक बुलावा है: प्रारम्भिक अनुभव को स्थायी वृद्धि में बदलो। यह वचन अनुभवजन्य विश्वास को पोषण, समुदाय और फलदायी अनुशासन की आवश्यकता का कारण बताता है। परमेश्वर की भलाई का स्वाद हमे स्नेह और शक्ति देता है—अब उसे जीवन के हर पहलू में दिखाने का समय है।